कोरोना वायरस : योगी सरकार के फैसलों से यूपी में हालात खराब नहीं

लखनऊ : कोरोना वायरस से बचने के लिए योगी सरकार ने काफी तेज़ काम किया है. इसी का नतीजा है कि हालात बहुत ज्यादा खराब नहीं हुए. आइये आपको बताते हैं योगी सरकार के फैसलों के बारे में-
– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरू की श्रमिक भरण-पोषण योजना, 20 लाख से ज्यादा मजदूरों को भेजी गई 1 हज़ार रुपये की सहायता राशि. प्रदेश के 20 लाख से अधिक दिहाड़ी मजदूरों को 1 हजार रुपये की पहली किस्त डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजी गई है. इनमें रेहड़ी, ठेला, खोमचा, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक और पल्लेदार शामिल हैं.
– 27 लाख मनरेगा मज़दूरों को 611 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई.
– केंद्र सरकार ‘जनधन योजना’ के तहत महिला खाता धारकों के अकाउंट में भेजेगी 500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त धनराशि. भारत सरकार उन्हें प्रतिमाह तीन महीने तक एक किलो दाल व ‘उज्ज्वला योजना’ के अंतर्गत रसोई गैस के सिलेंडर सभी परिवारों को तीन माह तक निःशुल्क उपलब्ध करवाने की भी कार्रवाई कर रही है. प्रदेश सरकार ने भी 80 लाख से अधिक मनरेगा श्रमिकों के लिए निःशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था की है.
– उद्योगों को चलाए जाने का निर्णय लिया गया है, उनकी स्थिति और उनके कार्मिकों के पास आदि की व्यवस्था की गई है. 1873 इकाईयों को चालू होना चाहिए था. अभी 1425 इकाईयां चालू हैं.
– निर्माण कार्यों से जुड़े 8.01 लाख श्रमिकों को 1000 रूपये की धनराशि कुल 80.01 करोड़ उनके बैंक खाते में हस्तान्तरित कर दी गई है. इसमें 8.3 करोड़ का भुगतान किया गया है.
– मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (दूरभाष-1076) पर वेतन भुगतान से संबंधित 93 शिकायतें प्राप्त हुई, जोकि संबंधित जनपदों के श्रम विभाग के अधिकारियों को निस्तारण हेतु प्रेषित की गयी. इनमें 15 का आंशिक निस्तारण हो चुका है.
– सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर ज़िले में ‘कम्युनिटी किचन’ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद में विशेष कमिटी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं.
– उत्तर प्रदेश के लिए कई जिलाधिकारियों ने घोषित किया कि मकान मालिक किसी भी सूरत में एक महीने के लिए घर का किराया नहीं लेंगे.
– ई-कॉमर्स कंपनियों को ‘पास’ निर्गत किए गए हैं.
– खाद्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा 2,067 मेडिकल स्टोर्स संचालित किए जा रहे हैं. गेहूं व आटे की आपूर्ति के लिए 66 जिलाधिकारियों को उनकी मांग के अनुसार 49,885 मीट्रिक टन गेहूं का आवंटन किया जा चुका है.
– फल और सब्जी के लिए अब तक, 11,311 मोटराराइज्ड मोबाइल वैन की व्यवस्था कर दी गई है. 24,015 ठेले व हाथ गाड़ी उपलब्ध कराई गई हैं. कुल 35,326 मोबाइल वैन्स और मैनुअल, दोनों तरह के वाहनों की व्यवस्था कर दी गई है.
– कुल 29,28,425 लीटर दूध कल खरीदा गया है. सरकारी डेयरी के माध्यम से 19,73,666 लीटर दूध का वितरण किया गया है.
– 214 आटा मिलों का संचालन हो रहा है. जो 23 मिलें, गेहूं के अभाव में काम नहीं कर पा रही थीं और 28 इकाइयां बंद थीं, उन्हें शीघ्र चालू किया जा रहा है.
– प्रदेश में 8 प्रयोगशालाओं में अभी तक कुल 2,430 सैम्पल्स भेजे गए हैं. इनमें से 2,305 निगेटिव आए हैं. प्रदेश में पाॅजिटिव आए सैम्पल्स की संख्या 88 है. जिनमें से 14 पूरी तरह उपचारित हो चुके हैं.
– सबसे ज्यादा 36 प्रकरण गौतमबुद्ध नगर में प्राप्त हुए हैं. इनमें से 31 मामले एक फैक्ट्री के हैं. इसके बाद 13 मामले मेरठ में हैं.

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