कोरोना वायरस : भारत पर आई बड़ी रिपोर्ट, इतने लाख लोग होंगे संक्रमित

 
भारत में दिन पर दिन कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। इसके बावजूद अब तक इससे 16 लोगों की मौत हो चुकी है। वहींं 694 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।
इस बीच भारत पर कोरोना वायरस को दुनिया की एक बड़ी यूनिवर्सिटी ने रिपोर्ट दी है, जो डरा देने वाली है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वायरस भारत को अगले चार महीने बहुत ज्यादा परेशान करने वाला है। रिपोर्ट में कोरोना को हराने के रास्ते भी बताए गए हैं।
यह रिपोर्ट जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और द सेंटर फॉर डिजीज़ डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी (CDDEP) ने तैयार की है। इसमें भारत का अध्ययन करने के लिए सभी आंकड़ें भारत की आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग किया गया है।
25 लाख लोग कोरोना की चपेट में आएंगे
जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में कोरोना वायरस की डरावनी लहर जुलाई अंत या अगस्त के मध्य तक खत्म होगी। इसमें पांच राज्यों के ग्राफ भी बनाकर दिखाए गए हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लोग अप्रैल मध्य से लेकर मई मध्य तक कोरोना से संक्रमित होकर अस्पतालों में भर्ती होंगे। फिर जुलाई मध्य तक यह संख्या कम होती चली जाएगी। अगस्त तक इसके खत्म होने की उम्मीद है। इस ग्राफ के मुताबिक करीब 25 लाख लोग इस वायरस की चपेट में आकर अस्पतालों तक जाएंगे।
बुजुर्ग के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरुरी
जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की स्टडी में बताया गया है कि बुजुर्गों की आबादी को सोशल डिस्टेंसिंग का ज्यादा ध्यान रखना होगा। जितना ज्यादा लॉकडाउन होगा उतने ही ज्यादा लोग बचे रहेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा इससे बचने का फिलहाल कोई रास्ता नहीं है।
10 लाख वेंटीलेटर्स की जरूरत पड़ेगी
कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत में करीब 10 लाख वेंटीलेटर्स की जरूरत पड़ेगी। लेकिन भारत में अभी 30 से 50 हजार वेंटीलेटर्स ही हैं। अमेरिका में 1.60 लाख वेंटीलेटर्स हैं लेकिन वो भी कम पड़ रहे हैं। जबकि, उनकी आबादी भारत से कम है।
भारत के अस्पतालों के लिए तीन महीने कठिन
स्टडी में बताया गया है कि भारत के सभी अस्पतालों के अगले तीन महीने बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। भारत को भी चीन और अन्य देशों की तरह अस्थाई अस्पताल बनाने पड़ेंगे। दूसरा, अस्पतालों से संक्रमण न फैले इसका भी ध्यान रखना पड़ेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी आएगी
स्टडी में बताया गया है कि भारत में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मास्क, हैजमट सूट, फेस गियर आदि नहीं है। इससे मेडिकल स्टाफ भी खतरे में पड़ जाएगा। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी आएगी।
लॉकडाउन हटते ही बढ़ेगा कोरोना का संक्रमण
जॉन हॉकिन्स की स्टडी में यह भी बताया गया है कि कुछ राज्यों में अभी कोरोना संक्रमण के मामले कम दिख रहे हैं। लेकिन जैसे ही लॉकडाउन हटेगा या फिर एक-दो हफ्ते बाद मामले सामने आएंगे। तब दिक्कत और बढ़ जाएगी।
आईसीयू में बेड की कमी से बिगड़ेंगे हालात
भातर के कई राज्यों में अस्पतालों और आईसीयू में बेड की कमी है। ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी हो जाएगी। ऑक्सीजन मास्क और वेंटीलेटर्स भी कम हैं। इससे काफी दिक्कत आ सकती है।
तापमान बढ़ने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा
तापमान और उमस में बढ़ोतरी होने पर वायरस के संक्रमण या फैलाव पर थोड़ा असर होगा, लेकिन वो पर्याप्त नहीं होगा। क्योंकि इस वायरस पर तापमान का ज्यादा असर होता दिख नहीं रहा है।
 

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