किसान क्रांति पदयात्रा ‘किसान घाट’ पर खत्म, टिकैत बोले- सरकार ने कोई मांगे नहीं मानी है !

New Delhi. आधी रात दिल्ली पुलिस से राजधानी में एंट्री करने की इजाजत मिलने के बाद किसानों ने ‘किसान घाट’ की ओर कूच किया। जिसके बाद किसान देर रात राजघाट होते हुए ‘किसान घाट’ पहुंचे, जहां किसान यात्रा को समाप्त कर दिया गया।

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने इस बारे में कहा कि 23 सितंबर को शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा को दिल्ली में किसान घाट पर समाप्त किया जाना था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने पहले हमे दिल्ली में एंट्री करने की इजाजत नहीं दी, जिसका हमने विरोध किया। हमारा लक्ष्य केवल यात्रा को पूरा करना था जो हमने पूरा कर लिया है। अब हम लोग अपने गांव वापस लौट जाएंगे।
इससे पहले दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर नेशनल हाईवे 24 से अपने ट्रैक्टर पर निकले किसान राजघाट के पास पहुंचे। किसानों के यूपी बॉर्डर से हटने के बाद पुलिस ने यहां यातायात खोल दिया था। अब हाईवे वहां आने और जाने के लिए खुला है। किसान यात्रा के चलते हाईवे को बंद किया गया था। यातायात पुलिस ने बुधवार के लिए भी निर्देश जारी किये थे। अभी बॉर्डर पर पुलिस बल तैनात है। राजघाट पर भी उत्तरी और सेंट्रल दिल्ली से पुलिस फोर्स को लगाया गया है।
हजारों की संख्या में किसानों ने गाजियाबाद में दिल्ली की सीमा पर जमावड़ा किया हुआ था। लेकिन देर रात किसानों को दिल्ली में एंट्री की इजाजत मिल गई, जिसके बाद वे पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की स्मृति स्थल किसान घाट की ओर रवाना हो गए। आधी रात में ऐलान किया गया कि दिल्ली कूच की तैयारी की जाए। इसके बाद माइक से वहां सो रहे किसानों को जगाया गया। मौके पर तैनात सुरक्षाबलों ने खुद ही बैरिकेड्स हटाए और किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया गया। साथ ही किसानों से शांति बनाए रखने की भी अपील की गई थी।
बता दें, बिना शर्त कर्ज माफी, गन्ना का भुगतान समेत तमाम मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों और सरकार के बीच वार्ता मंगलवार को भी बेनतीजा रही। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर करीब तीन घंटे मंथन के बाद सरकार ने किसानों की सात मांगें मान लीं फिर भी किसान नहीं माने। उन्होंने सारी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। दे
मंगलवार दोपहर दिल्ली में घुसने की कोशिश कर रहे किसानों के हुजूम को गाजीपुर सीमा पर पुलिस ने रोक दिया। भड़के किसान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछार व आंसूगैस के गोले छोड़ने पड़े। झड़प में एक एसीपी समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए।
थोड़ी देर बाद भाकियू महासचिव युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में 10 किसान नेता गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले पर सहमति नहीं बन पाई। देर शाम केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और यूपी के मंत्री सुरेश राणा और लक्ष्मी नारायण चौधरी किसानों के बीच पहुंचे। यहां सुरेश राणा को विरोध का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि किसानों की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इन सबके बीच देर शाम गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आवास पर भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से भी चर्चा की।
गाजियाबाद में आज स्कूल बंद
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने बुधवार को जिले के सभी स्कूल कॉलेजों बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है।

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