किचन में शामिल करें ‘पहाड़ी नमक’, खाने का स्वाद हो जाएगा दोगुना, नोट करें रेसिपी

सब्जी हो या दाल-सलाद हम रोज खाने में नमक का इस्तेमाल करते हैं। अगर खाने में नमक न हो तो खाना बिल्कुल बेस्वाद लगता है। आजकल किचन में कई तरह के नमक मौजूद हैं, जिनके अपने फायदे हैं। आपने हमेशा सफेद नमक, काला नमक, सेंधा नमक या सी-सॉल्ट का नाम सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी पहाड़ी नमक के बारे में सुना है? जो अपने स्वाद के साथ-साथ बेहतरीन खुशबू के लिए जाना जाता है। आइए चलिए जानते हैं इस नमक की खासियत के बारे।
क्या होता है पहाड़ी नमक?
पहाड़ी नमक को पिस्यू लूण भी कहा जाता है। यह कोई साधारण नमक नहीं, बल्कि मसालों और जड़ी-बूटियों का खास मेल है। पहाड़ी इलाकों में इसे पुराने समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। अब सोशल मीडिया के जरिए यह नमक शहरों की रसोई तक पहुंच रहा है। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी के बारे में।
पहाड़ी नमक बनाने की रेसिपी
सामग्री
धनिया
जीरा
अजवाइन
हींग
लहसुन
अदरक के पत्ते
काली मिर्च
अदरक
हरी धनिया
काला नमक
सेंधा नमक
साधारण नमक
घर पर बनाने की विधि
अगर आप घर पर पहाड़ी नमक बनाना चाहते हैं, तो नीचे दी गई स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी की मदद ले सकते हैं।
स्टेप 1 : पहाड़ी नमक बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में धनिया, जीरा, अजवाइन, हींग, लहसुन, अदरक के पत्ते, काली मिर्च, अदरक, हरी धनिया, काला नमक, सेंधा नमक, साधारण नमक सभी सामग्री को शामिल करें।
स्टेप 2 : अब इन सभी सामग्री को आप मिक्सर में डालकर अच्छी तरह से दरदरा पीस लें। इस पीसे हुए पाउडर को एक बाउल में निकालकर 1-2 दिन तक धूप में रखें। अगर बारिश के दिनों में बना रहे हैं, तो आप इसे ओवन या एयर-फ्रायर में भी हल्की आंच पर सुखा सकते हैं। ऐसा करने से इसमें मौजूद नमी निकल जाएगी।
स्टेप 3 : जब पाउडर अच्छी तरह से ड्राई हो जाए तो किसी एयरटाइट कंटेनर में भर लें। आप इसका 3-4 महीने तक आराम इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरह आपका पहाड़ी नमक तैयार है। अगर आप रोज के खाने में नया स्वाद चाहते हैं, तो यह पहाड़ी नमक आपकी रसोई का नया फेवरेट बन सकता है।
कहां इस्तेमाल करें?
इसका स्वाद थोड़ा तीखा, लेकिन बेहद मजेदार होता है। लहसुन और मसालों की खुशबू खाने को तुरंत खास बना देती है। आप इसे फलों, सलाद, चाट, पराठे, पकौड़ों और स्नैक्स पर छिड़क सकते हैं। दाल या सब्जी पर ऊपर से डालने पर भी इसका स्वाद कमाल का लगता है। कई लोग इसे खाना खाने के बाद पाचन के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।





