काशीवासियों को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, 31 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी दौरे पर आएंगे। बनारस में 31 परियोजनाओं का लोकार्पण और तीन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। 2130 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देने के बाद पीएम औढ़े गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे। स्थानीय प्रशासन की ओर से तैयार परियोजनाओं की सूची को प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्वीकार कर लिया है। परियोजनाएं लोकार्पण और शिलान्यास के तीन दिन बाद पूरी तरह से संचालित हो जाएंगी। 

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से स्वीकृत लोकार्पित होने वाली 31 परियोजनाओं में कैंसर अस्पताल, गोइठहां एसटीपी, रामनगर पराग डेयरी प्लांट, पेयजल योजना, इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर, मान महल म्यूजियम, सड़क, पार्क और घाटों का सौंदर्यीकरण शामिल है। जेएनएनआरएमयू की पेयजल संपूर्ति योजनाओं के लोकार्पण के बाद शहर और वरुणा पार रहने वालों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री पर्यटन विकास और गो संरक्षण की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। आवारा और छुट्टा पशुओं के लिए शाहंशाहपुर में गोशाला का के अलावा मधुमखिया पिंडरा में वृहद गो संरक्षण केंद्र का शिलान्यास किया जाएगा। इस गोशाला से शहर के चार सौ पशुओं को आश्रय मिलेगा।
लोकार्पित होने वाली परियोजनाएं और उनकी लागत : महामना पं. मदनमोहन मालवीय कैंसर सेंटर, बीएचयू -650 करोड़, जेएनएनआरएमयू के तहत ट्रांस वरुणा में पेयजल संपूर्ति योजना -268.38 करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, गोइठहां -217.57 करोड़, काशी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर -173.53 करोड़, चार लाख लीटर क्षमता का डेयरी फूड प्रोजेक्ट रामनगर -149.84 करोड़, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, लहरतारा -140 करोड़, जेएनएनआरएमयू के तहत पेयजल संपूर्ति योजना फेज-1 -139.79, सेंट्रेल डिस्कवरी सेंटर, बीएचयू -73, 150 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ईएसआई अस्पताल, पांडेयपुर -53.83 करोड़, पंचक्रोशी मार्ग (हरहुआ से राजातालाब) का चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण -35 करोड़, अमृत योजना के तहत 47272 पेयजल गृह संयोजन -29.70 करोड़, कबीरचौरा जिला महिला अस्पताल में 100 बेड का मैटरनिटी विंग -19.99 करोड़ का लोकार्पण करेंगे।
वहीं, भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग का भोजूबीर से रिंग रोड तक चौड़ीकरण -19.27 करोड़, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 403 मजरों का विद्युतीकरण -17 करोड़, शहर में अलग-अलग जगहों पर हेरिटेज लाइट -15.55 करोड़, आभासीय अनुभूति संग्रहालय, मान महल -11.01, पं. दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति, सातोमहुआ -10.36 करोड़, पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पांडेयपुर का उच्चीकरण -8.14 करोड़, ध्वनि एवं प्रकाश शो कार्यक्रम, सारनाथ -7.88 करोड़, आशापुर से म्यूजियम के पटरी पर चौड़ीकरण और अन्य कार्य -6.82 करोड़, आराजी लाइन क्षेत्र में पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक – 5.64 करोड़, विजया सिनेमा से रविंद्रपुरी लंका मार्ग निर्माण- 4.34, नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शिवपुर -3.89 करोड़, वरुणा पुल से लहुराबीर मार्ग का सतह सुधार -3.79 करोड़, स्मार्ट सिटी के तहत तीन पार्कों का सुंदरीकरण -3.32 करोड़, अकथा, ऐढ़े और सरायडंगरी में आसरा आवास योजना -739.88 करोड़, प्रभु, निषादराज और जैन घाट का पुनर्स्थापन -1.34 करोड़, आश्रय गृह योजना -1.18 करोड़, जोलहा बजरडीहा में आसरा योजना -1.07 करोड़ को जनता के लिए अर्पित करेंगे।
इन परियोजनाओं का होगा शिलान्यास : प्रसाद योजना के तहत वाराणसी का पर्यटन विकास -44.60 करोड़, शाहंशाहपुर में पशु शेल्टर होम -60.1 करोड़, वृहद गो संरक्षण केंद्र, मधुमखिया, पिंडरा -1.20 करोड़ का शिलान्यास करेंगे। इस बीच प्रधानमंत्री के आगमन के मद्देनजर सोमवार को डीएम सुरेंद्र सिंह ने औढ़े में सभास्थल तथा हेलीपैड के लिए स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड के लिए चयनित बंजर जमीन पर कब्जा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। अवैध बाउंड्री को गिराकर समतलीकरण करने के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों को बिजली का खंभा हटाने तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क तथा मैदान को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जनसभा के लिए यहां टेंट बगैरह लाद कर कई ट्रक यहां पहुंच गई हैं।
मान महल घाट पर स्थित पुरातत्व विभाग के अधीन मान महल में आभासीय अनुभूति संग्रहालय तैयार हो गया है। अभासीय संग्रहालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से काशी की धर्म, कला और संस्कृति के साथ-साथ गंगा घाट और मंदिर प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाए जाएंगे। संग्रहालय में जहां ऊपर पहले से ही वेधशाला बनाई गई है। वहीं वर्चुअल म्यूजियम बनने से संग्रहालय में फिल्म और चित्रों के माध्यम से काशी के बारे में बताया जाएगा। पुरातत्व विभाग के अधीन इस महल में नए संग्रहालय का निर्माण नेशनल काउंसिल आफ साइंस म्यृजियम की देखरेख में किया गया है।
नमामि गंगे योजना की ओर से प्रभु घाट, निषादराज घाट और जैन घाट का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके तहत तीनों घाटों पर सीढ्री प्लेटफार्म और रैंप का निर्माण किया गया है। गंगा से कटान को रोकने के लिए लांचिंग एप्रन, रैंप पर बोल्डर का कार्य कराया गया है। उधर, असि नदी से गंगा में गिरने वाले सीवेज की रोकथाम के लिए गोइठहां में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद गंगा में असि से गिरने वाले सीवेज की मात्रा शून्य हो जाएगी।
बीएचयू कैंपस मे तैयार छह मंजिला सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर (सीडीसी) में लगाए जाने वाले आधुनिक शोध उपकरणों का बीएचयू के साथ-साथ देश के किसी भी विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थानों के शोध छात्र-छात्राएं और शिक्षक लाभ ले सकेंगे। सेंटर के लिए विज्ञान, कृषि विज्ञान संस्थान, चिकित्सा विज्ञान संस्थान सहित अन्य संस्थानों, संकायों में होने वाले शोध से जुड़े उपकरण खरीदे जा रहे हैं। दो महीने में इन्हें लगा दिया जाएगा। सेंटर समन्वयक प्रो. एसके त्रिगुण का कहना है कि यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देश-विदेश के विद्वानों से शोध से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करने की भी सुविधा रहेगी।





