कानपुर: ब्वायलर फटने से नहीं, किन्हीं और वजहों से हुआ हादसा

कानपुर देहात में लोहा गलाकर सरिया बनाने वाली फैक्ट्री में रविवार सवेरे एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी मिली है कि इस हादसे में आठ मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं। पहले जानकारी मिली कि ये हादसा ब्वायलर फटने से हुआ लेकिन बाद में कुछ और हकीकत सामने आई…
कानपुर: ब्वायलर फटने से नहीं, किन्हीं और वजहों से हुआ हादसा

ब्वायलर फटने से नहीं, इस वजह से हुआ हादसा

सभी को कानपुर के हैलेट अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह का पता नहीं चल पाया है। शुरुआत में ब्वायलर फटने को हादसे की वजह माना जा रहा था लेकिन ताजा जानकारी मिली है कि यह हादसा ब्वायलर फटने से नहीं बल्कि किसी और वजह से हुआ है। 

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फैक्ट्री के मजदूरों से जब इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह बताया कि हादसा ब्वायलर फटने से नहीं हुआ है बल्कि लोहा पिघलाने के दौरान किसी अजीब धातु के न पिघलपाने और ब्लास्ट करने के चलते हुए है।

मजदूरों ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले एक बड़े आकार के सांचे में भट्ठी पर लोहा पिघलाया जा रहा था। बाद में इसी से सरिया तैयार किया जाना था लेकिन इससे पहले ही अचनाक उबलते हुए लोहे में एक तेज धामाका हुआ और खौलता हुआ लोहा भट्ठी के पास मौजूद मजदूरों के ऊपर जा गिरा।  

हादसे के बाद घटनास्थल पर ऐसी चींख पुकार मची कि आसपास की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर भी वहां जमा हो गए। काम कर रहे आठ मजदूर बुरी तरह झुलस गए। घायलों को तुरंत एक वैन में डालकर अस्पताल ले जाया गया।  
 
जानकारी के मुताबिक सवेरे चार बजे कानपुर देहात के रनिया इलाके में औद्योगिक क्षेत्र की साइट नंबर 2 पर राज रत्न सरिया मिल प्लांट के भीतर फर्निश्ड भट्टी में लोहा पिघलाने के दौरान आठ मजदूर बुरी तरह झुलस गए।

ये हैं घायल मजदूरों के नाम
इनमें रामलखन निवासी देहीपुरा कन्नौज, राजू निवासी कुंवरपुरा माधवगंढ़ जालौन, रवि मिश्रा पुत्र पुत्तिलाल मिश्रा निवासी शेरपुर सरोंदा थाना गजनेर कानपुर देहात, धीरेंद्र पुत्र भुवनेश तिवारी निवासी ओकासा उरई, राजू भरुआसुमेरपुर, इंदू पुत्र चंद्रपाल निवासी पचगवां रनिया कानपुर देहात और आशुतोष दुबे पुत्र चंद्रपाल निवासी धनदोल फतेहपुर शामिल है।

ठेकेदार ने बताई ये बात
सभी को इजाल के लिए हैलेट अस्पताल लाया गया है। फैक्ट्री के ठेकेदार रामविलास ने बताया आठों मजदूर उनके अंडर काम करते थे। दिन में गर्मी बढ़ जाने के चलते कोई मजदूर भट्ठी के पास नहीं खड़ा रह पाता था इसलिए फैक्ट्री में रात की शिफ्ट चल रही थी।  

फैक्ट्री में अग्नीशमन कोई साधन नहीं 
घटना के बाद पता चला है कि फैक्ट्री में अग्नीशमन का कोई साधन मौजूद नहीं है। यहां मजदूरों को कपड़े के गलब्ज पहनाकर काम कराया जाता है। और न ही यहां पानी का कोई साधन है। घटना के बाद सीओ अरुण कुमार जायसवाल, इंसपेक्टर संजय सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर घटना का जायजा लिया।   

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