कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पीएम को आह्वान को बताया तमाशा, कहा- नहीं जलाऊंगा मोमबत्ती
कोलकाता: जानलेवा महामारी कोरोना के खिलाफ जंग में राष्ट्रव्यापी एकजुटता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट तक मोमबत्ती या दीप जलाने का अनुरोध किया है. इसे लेकर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आपत्ति दर्ज कराई है.
प्रधानमंत्री के इस आह्वान को तमाशा करार देते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी! माफ करिएगा मैं कोई मोमबत्ती नहीं जलाऊंगा क्योंकि इससे कोरोना का कोई लेना देना नहीं है.” अधीर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो जारी किया है. इसमें प्रधानमंत्री पर कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. अधीर ने कहा है कि 22 मार्च को प्रधानमंत्री ने पूरे देश में जनता कर्फ्यू लागू करवा कर ताली थाली बजवाया और देशवासियों ने बजाया भी. क्योंकि इससे डॉक्टरों और कोरोना संक्रमण से मुकाबले में जुटे लोगों का मनोबल बढ़ाया गया था. लेकिन अब यह मोमबत्ती, दीपक जलाने का तमाशा क्यों किया जा रहा है?
इसका कोरोना से क्या लेना देना है? उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि इससे देश एकजुट होगा लेकिन देश तो हमारा हमेशा से एकजुट रहा है. अधीर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण को अपना राजनीतिक हथियार और प्रचार-प्रसार का जरिया बना लिया है.
आम लोगों की समस्याओं पर केंद्र सरकार को निष्क्रिय करार देते हुए उन्होंने कहा कि आज खेतों में फसल खड़ी है लेकिन काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं. लोगों के रोजगार धंधे बंद हैं, खाने के लाले पड़े हुए हैं लेकिन सरकार उनके बारे में कुछ नहीं बोल रही. कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है. उसे रोकने के लिए कुछ खास तैयारियां भी नहीं दिख रही.
इन सब से अलग हटकर प्रधानमंत्री कभी देशवासियों से ताली थाली बजवाते हैं तो कभी दीप जलाने की बात करते हैं. यह बच्चों का खेल हो गया है. अधीर ने कहा, “मैं मोमबत्ती नहीं जलाऊंगा क्योंकि इससे कोरोना संक्रमण रोकथाम का कोई लेना देना नहीं है.”





