कहीं आपका बेस्ट फ्रेंड ही तो नहीं बन गया है आपका प्रतियोगी?

दोस्ती दुनिया के सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक है, जहां हम बिना किसी डर के अपनी खुशियां और नाकामियां शेयर करते हैं। लेकिन अगर इसमें कॉम्पिटिशन का जहर घुलने लगे, तो यह जिंदगी काफी मुश्किल बना सकता है।
जब आपकी सबसे अच्छी दोस्त आपकी सफलता पर खुश होने के बजाय आपसे आगे निकलने की होड़ करने लगे, तो समझ लीजिए कि दोस्ती में प्रतिस्पर्धा ने जगह ले ली है। इसे पहचानना और समय रहते संभालना आपकी मानसिक शांति और दोस्ती, दोनों के लिए बहुत जरूरी है।
कैसे पहचानें कि दोस्त अब प्रतियोगी बन गई है?
आपकी छोटी जीत को कम कर के आंकना- अगर आप अपनी किसी उपलब्धि, जैसे प्रमोशन या इंक्रीमेंट के बारे में बताते हैं, और वह तुरंत अपनी किसी बड़ी उपलब्धि का जिक्र छेड़ देते हैं या आपकी खुशी में कमियां निकालने लगते हैं, तो यह वन-अपमैनशिप का संकेत है। यानी वह खुद को आपसे ऊपर दिखाने की कोशिश करने लगे हैं।
आपकी नकल करने लगे हैं- प्रतिस्पर्धी दोस्त अक्सर आपकी स्टाइल, बोलने के तरीके, हॉबी या यहां तक कि आपके करियर गोल्स की भी नकल करने लगते हैं। वह यह साबित करना चाहते हैं कि जो आप कर सकते हैं, वह उससे बेहतर कर सकते हैं।
आपके कॉन्फिडेंस को गिराना- क्या वह दूसरों के सामने आपका मजाक उड़ाते हैं या आपकी कमियों को मजाक का नाम लेकर पेश करते हैं? वे आपके आत्मविश्वास को चोट पहुंचाकर खुद को ऊपर महसूस कराते हैं।
बातें छिपाना- अगर वह आपसे ऐसी जानकारी छिपाने लगे जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती थी, जैसे कोई जॉब वैकेंसी या कोर्स, तो समझ लें कि वह अब आपको अपनी टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि एक खतरा मान रहे हैं।
इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाएं?
अगर आपको लगता है कि आपका दोस्त अब आपका प्रतियोगी बन गया है, तो अपनी दोस्ती को फिर से नॉर्मल करने के लिए ये स्टेप ले सकते हैं-
खुद से सवाल करें- सबसे पहले शांत होकर सोचें कि क्या वाकई वह ऐसा कर रहा है या यह आपकी अपनी असुरक्षा है? कभी-कभी हम दूसरों को अपनी इनसेक्योरिटी के कारण गलत समझ लेते हैं।
सफलता का ढिंढोरा कम पीटें- अगर आपको पता है कि आपकी कोई खबर उसे असुरक्षित महसूस कराती है, तो अपनी जीत के बारे में उससे चर्चा थोड़ी कम कर दें।
आमने-सामने बात करें- अगर रिश्ता पुराना और गहरा है, तो खुलकर बात करना सबसे अच्छा है। उन्हें बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। कभी-कभी सामने वाले को अपनी गलती का अहसास ही नहीं होता। साथ ही, जानने की कोशिश करें कि कहीं उनके इस व्यवहार के पीछे उनके जीवन में चल रही परेशानी तो नहीं।
बाउंड्री सेट करें- अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की हर जानकारी उसे न दें। थोड़ा फासला रखने से प्रतिस्पर्धा की आग अपने आप ठंडी पड़ने लगती है।
पॉजिटिव रहें- उसकी सफलता पर आप ईमानदारी से बधाई दें। जब आप हेल्दी कॉम्पिटिशन का उदाहरण पेश करेंगे, तो शायद उसे भी अपनी गलती का एहसास हो।





