कश्मीर: स्पष्ट संकेत दिया कि अधिक मेहनत से , कश्मीर में भी कमल खिलाने को भाजपा तैयार

संसदीय चुनाव में जम्मू व लद्दाख को जीतने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में कश्मीर में भी अपनी विजय पताका फहराने को बेताब है। कश्मीर में अभी तक भाजपा ने विधानसभा चुनाव में कभी खाता नहीं खोला है। ऐसे में कश्मीर की 46 विधानसभा सीटों में से एक सीट जीतना भी भाजपा के लिए बहुत बड़ी बात होगी। पार्टी ने इसके लिए बिना समय गंवाए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए हाईकमान के निर्देश पर भाजपा के संगठन महामंत्री अशोक कौल श्रीनगर पहुंच गए हैं।
लक्ष्य होगा कि संसदीय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए नेताओं, कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाकर विस चुनाव की तैयारी शुरू करना। पार्टी ने अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं को अक्टूबर-नवंबर महीने में चुनाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा कश्मीर की 46 सीटों में से ऐसी सिर्फ दस सीटें चुनेगी। इन्हीं दस सीटों को जीतने के लिए पार्टी अपरा पूरा जोर लगाएगी। इसके लिए स्थानीय लोगों का सहयोग हासिल करने के साथ विस्थापित कश्मीरी पंडितों को भी अधिक संख्या में वोट डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विस्थापितों को वोट डालने के लिए एम फार्म भरने होते हैं। यह प्रक्रिया जटिल होने के कारण कश्मीर पंडितों का मतदान में हिस्सा लेना कोई आसान काम नहीं है।
अब पार्टी यह दावा कर रही है कि विस चुनाव से पहले पंडितों के लिए एम फार्म भरने की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। इस बार संसदीय चुनाव में कश्मीर से भाजपा के उम्मीदवारों ने 22,750 वोट हासिल कर स्पष्ट संकेत दिया कि अधिक मेहनत करने पर कुछ सीटों पर भाजपा जीतने की स्थिति में आ सकती है। इसमें कश्मीरी पंडितों की भूमिका भी अहम रहने वाली है। इस बार संसदीय चुनाव में अनंतनाग से भाजपा उम्मीदवार सोफी यूसुफ को 10,225 वोट मिले हैं। वहीं, बारामूला से मोहम्मद मकबूल को 7,894, जबकि श्रीनगर से खालिद जहांगीर को 4631 वोट मिले हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में कश्मीर में भाजपा के वोट 20 हजार से कम थे। आतंकवादियों की धमकियों के बाद भाजपा कश्मीर में राजनीतिक रैलियां, कार्यक्रम करने के साथ करीब 23 हजार लोगों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने में कामयाब रही है। संगठन महामंत्री अशोक कौल का कहना है कि कश्मीर में पार्टी ने इस बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।
चुनौतीपूर्ण हालात के बाद भी लोग कमल के फूल पर मुहर लगाने के लिए बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि इस बार हम विधानसभा चुनाव में भी कश्मीर में जीत हासिल करेंगे। यह स्पष्ट संकेत है कि बेहतर दिनों की उम्मीदें रखने वाले कश्मीरी लोगों को मोदी सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। केंद्र सरकार की नीतियों में बेहतर भविष्य का सपना देखने वाले कश्मीरियों की संख्या लाखों में है। इसको ध्यान में रखकर ही भाजपा इस बार कश्मीर में दस सीटें जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही है।





