एलन मस्क और जेनसन हुआंग के बीच छिड़ी ‘जुबानी जंग’, जानें भविष्य की कारों का असली किंग कौन?

CES ट्रेड शो में इस हफ्ते Nvidia के सीईओ जेनसन हुआंग (Jensen Huang) ने जब कंपनी की नई ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी ‘Alpamayo’ को पेश किया, तो पूरी टेक दुनिया की निगाहें उन पर टिक गईं। हुआंग का यह विजन सीधे तौर पर उनके सबसे बड़े ग्राहकों में से एक, Tesla और उसके बॉस एलन मस्क (Elon Musk) के क्षेत्र को चुनौती देता नजर आया।

इसके बाद जो हुआ, वह टेक जगत में चर्चा का विषय बन गया है। दो दिग्गजों के बीच एक बेहद विनम्र लेकिन रणनीतिक जुबानी जंग छिड़ गई है।

Nvidia का ‘Alpamayo’ और हुआंग का दावा

हुआंग ने Nvidia के नए ओपन-सोर्स AI मॉडल ‘Alpamayo’ की खूबियां गिनाईं। उन्होंने इसे दुनिया का पहला “सोचने और तर्क करने वाला (Thinking and Reasoning) ऑटोनॉमस व्हीकल AI” बताया। हुआंग ने अपनी सिग्नेचर लेदर जैकेट में ऐलान किया कि यह तकनीक लेवल 4 सेल्फ-ड्राइविंग कारों को हकीकत बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। Nvidia की रणनीति खुद कार बनाने की नहीं, बल्कि ‘आर्म्स डीलर’ (हथियार आपूर्तिकर्ता) बनने की है। यानी वह कार कंपनियों को वह दिमाग (AI चिप्स और सॉफ्टवेयर) बेचना चाहते हैं, जिससे कारें खुद चल सकें।

एलन मस्क का पलटवार: “यह तो हम पहले से कर रहे हैं”

हुआंग के भाषण का ट्रांसक्रिप्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल होते ही एलन मस्क ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मस्क ने लिखा, “खैर, टेस्ला बिल्कुल यही कर रही है ????”

टेस्ला सीईओ ने आगे कहा कि सिस्टम को सामान्य स्थितियों में चलाना आसान है, लेकिन “एज केसेस” (दुर्लभ और अप्रत्याशित ट्रैफ़िक स्थितियों) को हल करना असली चुनौती है। मस्क लंबे समय से दावा कर रहे हैं कि टेस्ला का सिस्टम इंसानों की तरह फैसले लेने में सक्षम है।

हुआंग की विनम्रता और टेस्ला की तारीफ

अगले दिन जब हुआंग को मस्क की प्रतिक्रिया के बारे में बताया गया, तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने मस्क के दावे को खारिज करने के बजाय टेस्ला की तारीफ करते हुए कहा, “मुझे हैरानी नहीं होगी। मुझे लगता है कि टेस्ला का सेल्फ-ड्राइविंग स्टैक (Stack) दुनिया में सबसे एडवांस है।”

यह ‘विनम्र युद्ध’ इस बात का सबूत है कि दोनों कंपनियां एक-दूसरे की तकनीकी क्षमता का सम्मान करती हैं, भले ही उनके रास्ते अलग हों।

रणनीति में जमीन-आसमान का फर्क

भले ही दोनों का लक्ष्य रोबोटैक्सी (Robotaxis) है, लेकिन उनके तरीके कैसे अलग हैं समझते हैं।

Tesla (एकीकृत मॉडल)

टेस्ला कार भी खुद बनाती है और सॉफ्टवेयर भी। वह सिर्फ कैमरों (Vision-only) पर भरोसा करती है और Lidar जैसे सेंसर को महंगा मानती है।

Nvidia (सप्लायर मॉडल)

Nvidia कार नहीं बनाती, बल्कि मर्सिडीज-बेंज़ (Mercedes-Benz) जैसी कंपनियों को अपनी तकनीक बेचती है। Nvidia का मानना है कि सुरक्षा के लिए Lidar और Radar जैसे सेंसर जरूरी हैं।

हुआंग ने घोषणा की कि आगामी Mercedes-Benz CLA पहली कार होगी जो Nvidia की इस नई तकनीक का उपयोग करेगी, जो 2026 की शुरुआत में अमेरिका में सड़कों पर उतरेगी।

मस्क ने बाद में X पर लिखा कि टेस्ला के लिए कोई भी सार्थक प्रतिस्पर्धा अभी कम से कम 5-6 साल दूर है। हालाँकि, दोनों ही दिग्गजों ने यह स्वीकार किया है कि पूर्णतः ड्राइवरलेस कारें (Fully Autonomous Cars) अभी भी एक कठिन लक्ष्य है।

फिलहाल, टेस्ला और एनवीडिया एक अजीब रिश्ते में बंधे हैं। टेस्ला अपने AI को ट्रेन करने के लिए एनवीडिया के अरबों डॉलर के चिप्स का इस्तेमाल करती है, जबकि उसी तकनीक का इस्तेमाल कर एनवीडिया अब टेस्ला के प्रतिद्वंद्वियों को मजबूत कर रही है।

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