एक बार फिर से सड़कों पर उतारे देशभर के किसान, आज दिल्ली में रामलीला मैदान से करेंगे संसद मार्च

वहीं दूसरे सत्र में राजनीतिक पार्टियों के वह राजनेता आएंगे जिन्होंने इस विधेयकों को अपना समर्थन दिया है। अभी तक 21 राजनीतिक पार्टियों ने किसानों को इस मुद्दे पर अपना समर्थन देने की बात कही है। इसमें मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी शामिल है। एआईकेसीसी के संयोजक वीएम सिंह ने कहा, ‘हमने अपने एजेंडे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। हमने उन्हें बताया है कि कुछ मुख्यमंत्री और एनडीए के साझेदारों ने विधेयक को अपना समर्थन दिया है। मुख्यमंत्रियों में नारा चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार शामिल हैं। 21 पार्टियां इसपर राजी हुई हैं।’
हम दोनों विधेयकों को प्राइवेट मेंबर बिल के तौर पर संसद में पेश करेंगे। यदि मोदी सरकार जीएसटी विधेयक के लिए विशेष सत्र बुलाकर उसे आधी रात को पास कर सकती है तो वह किसानों के लिए ऐसा क्यों नहीं कर सकती है। दो दिन के इस प्रदर्शन में सेना के पूर्व जवान भी शामिल होंगे। सेना के जिन जवानों ने वन रैंक वन पेँशन के लिए आंदोलन किया था उन्होंने किसानों के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। सेनानिवृत्त मेजर जनरल सतबीर सिंह का कहना है कि हमारे 80 प्रतिशत जवान किसान परिवार से हैं।





