एक कनेक्शन, कई खतरे: होटल के फ्री वाले Wi-Fi का सच

आजकल जब भी हम ट्रैवल करते हैं और होटल में रुकते हैं, तो सबसे पहले हम होटल स्टाफ से वाई-फ़ाई पासवर्ड पूछते हैं। ट्रैवल करते टाइम इंटरनेट एक्सेस बहुत जरूरी है, ऑनलाइन टिकट चेक करने से लेकर ऑफिस का काम करने और सोशल मीडिया चेक करने तक, हर चीज के लिए इंटरनेट जरूरी हो गया है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये फ्री होटल वाई-फ़ाई कितना बड़ा खतरा हो सकता है? रिसर्च और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार पब्लिक वाई-फ़ाई, खासकर होटल नेटवर्क, सुविधा के साथ-साथ रिस्क भी लेकर आते हैं। तो आइए जानते हैं कि फ्री होटल वाई-फ़ाई इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है।
होटल के Wi-Fi से कैसा खतरा?
दरअसल, एक ही वक्त में कई लोग होटल के वाई-फ़ाई से जुड़े होते हैं और कभी-कभी इन नेटवर्क में पुराने या कमजोर सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, जिससे हैकर्स के लिए उनमें घुसपैठ करना काफी ज्यादा आसान हो जाता है। अगर कोई साइबर क्रिमिनल होटल के राउटर या नेटवर्क तक पहुंच जाता है, तो वो उस नेटवर्क से जुड़े दूसरे डिवाइस की एक्टिविटी पर नजर रख सकता है।
कैसे चोरी हो हो सकता है आपका डेटा?
इस वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करके हैकर्स आपके डिवाइस में मैलवेयर या स्पाइवेयर फैला सकते हैं, जो चुपचाप आपके डिवाइस या लैपटॉप में इंस्टॉल हो जाएगा। एक बार इंस्टॉल होने के बाद यह आपके ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो, डॉक्यूमेंट और यहां तक कि बैंकिंग डिटेल्स भी चुरा सकता है।
यह आपको एक फेक वेबसाइट पर भी रीडायरेक्ट कर सकता है जो पूरी तरह से असली दिखती है, जहां लॉग इन करने से आपकी सारी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है।
होटल Wi-Fi यूज करते टाइम कैसे रहें सेफ?
अगर आप होटल का वाई-फाई इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपनी प्राइवेसी बनाए रख सकते हैं। आपको कभी भी पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग, UPI या ऑनलाइन पेमेंट ट्रांज़ैक्शन नहीं करने चाहिए।
आप अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए VPN का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपके इंटरनेट डेटा को एन्क्रिप्ट करेगा। अपने जरूरी अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर चालू करें और जब भी हो सके अपने मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करें।





