उप्र के सभी गांवों में 2022 तक होगी ब्राॅडबैंड की सेवा
लखनऊ, 17 जुलाई । उत्तर प्रदेश के सभी गांवों में वर्ष 2022 तक ब्राॅडबैंड सर्विस उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए शासन ने विस्तृत प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने इसके मद्देनजर शुक्रवार को राज्य ब्राॅडबैंड समिति की पहली बैठक भी की और अधिकारियों से कहा कि विस्तृत प्लान तैयार कर शीघ्र उसका प्रस्तुतिकरण किया जाय।
मुख्य सचिव श्री तिवारी ने निर्देश दिये कि नेशनल ब्राॅडबैंड मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2022 तक उप्र के सभी ग्रामों को ब्राॅडबैंड सर्विस उपलब्ध कराने हेतु ग्राम पंचायतवार एक विस्तृत प्लान तैयार कर शीघ्र प्रस्तुतिकरण किया जाये।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि भूमिगत केबिल बिछाने एवं टावर इंस्टालेशन के प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध निस्तारण हेतु निवेश मित्र पोर्टल का प्रयोग किया जाये तथा ऑफलाइन प्रार्थना पत्रों को भी इस पोर्टल पर फीड किया जाये। जनपद स्तर पर नेशनल ब्राॅडबैंड मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये जनपद स्तर पर भी एक समिति गठित की जाये तथा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाये।
लोक भवन स्थित कार्यालय कक्ष के सभागार में नेशनल ब्राॅडबैंड मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिये गठित राज्य ब्राॅडबैंड समिति की प्रथम बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि रोड कटिंग से भूमिगत केबिल को होने वाले नुकसान को रोकने हेतु सम्बन्धित कार्यदायी संस्था द्वारा रोड के किनारे डाली गई केबिल का नक्शा उपलब्ध करा दिया जाये, ताकि सम्बन्धित मार्गों पर कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व कार्यदायी संस्था से समन्वय किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में शत-प्रतिशत ब्राॅडबैंड कनेक्टिविटी का कार्य पूर्ण हो गया हो, उनकी सूची स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पंचायतीराज सहित सम्बन्धित विभागों को उपलब्ध करा दी जाये, ताकि विभाग आवश्यकतानुसार कनेक्शन सर्विस प्रोवाइडर से प्राप्त कर सकें।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय ब्राॅडबैंड मिशन की शुरूआत की गई है। इस मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2022 तक ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों समेत पूरे देश में हाईस्पीड ब्राॅडबैंड सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत 50 लाख किलोमीटर आॅप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जायेगी तथा टाॅवर घनत्व को प्रति एक हजार की आबाद पर 0.42 से बढ़ाकर 1.0 किया जायेगा। इस मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुगम एवं प्रभावी होगी तथा मोबाइल व इंटरनेट सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
उप्र में इस मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य ब्राॅडबैंड समिति का गठन किया गया है, जिसमें आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स, नगर विकास, लोक निर्माण, पंचायतीराज, वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अथवा सचिव को सदस्य के रूप में तथा वरिष्ठ उपमहानिदेशक दूर संचार विभाग सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है। मुख्य महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लि0, मुख्य महाप्रबंधक भारत ब्राॅडबैंड निगम लि0, सेल्युलर ऑपरेशन एसोसिएशन आॅफ इण्डिया (सीओएआई) के प्रतिनिधि तथा टावर एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर एसोसिएशन (टाइपा) के प्रतिनिधि विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप शामिल किये गये हैं। आज की बैठक में अपर मुख्य सचिव आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स आलोक कुमार, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण सुधीर गर्ग, विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स ऋषिरेन्द्र कुमार सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।





