ईवीएम मामला: चुनाव अधिकारी ने माना BJP को गया निर्दलीय उम्मीदवार का वोट

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी ने ईवीएम को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी ने रविवार को कहा कि चुनाव अधिकारी ने सूचना अधिकार के तहत मान लिया है कि चुनाव में गड़बड़ी हुई थी, निर्दलीय उम्मीदवार का वोट भाजपा को गया। अब भाजपा यह मान ले कि यह मोदी लहर नहीं, बेईमानी की लहर थी। भाजपा ईवीएम में बड़ी स्तर पर पूर्व नियोजित सेटिंग कर सभी चुनावों में बेईमानी करती आई है और अब चुनाव आयोग को सभी दलीलें किनारे कर उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए।

आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने महाराष्ट्र में हुए उपचुनाव को लेकर ट्वीट कर कहा कि आरटीआई के जवाब में कहा गया कि निर्दलीय उम्मीदवार को मिले वोट भाजपा को चले गए। यह मामला बुलढाणा जिला परिषद चुनाव का है। रिटर्निंग ऑॅफिसर ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जब निर्दलीय के लिए ईवीएम बटन दबाया गया, तो भाजपा को वोट गया। ऐसा ही मामला भिवंडी से धौलपुर तक देखने को मिला था। अब महाराष्ट्र में ऐसा मामला प्रकाश में आया है। यह सब भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह जानकारी प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा दी गई है। बता दें कि एमसीडी चुनाव में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी ईवीएम को लेकर लगातार हमलावर है, दिल्ली सरकार ने पिछले दिनों विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था, जहां एक प्रोटो टाइप ईवीएम का डेमो दिखाया गया था, इसके जरिये यह साबित करने की कोशिश की गई थी कि ईवीएम को भी हैक किया जा सकता है और चुनाव में पार्टी विशेष को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
दस हजार ऑटो चालकों के साथ केजरीवाल ने किया धोखा
दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने रविवार को एक बार फिर उपराज्यपाल को पत्र लिखकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली परिवहन मंत्रालय द्वारा दस हजार ऑटो चालकों को धोखा देने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा है कि हाई कोर्ट के दबाव के बाद बड़ी मुश्किलों से दस हजार ऑटो परमिट देने का निर्णय हुआ। इसके लिए लिस्ट जारी की गई पर लिस्ट जारी होने के बावजूद सरकार ने नये दस हजार ऑटो परमिट के आबंटन को लेकर रोक लगा दी है जिसको लेकर दिल्ली के ऑटो चालकों मे दिल्ली सरकार के प्रति काफी ज्यादा आक्रोश हैं।
दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने रविवार को एक बार फिर उपराज्यपाल को पत्र लिखकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली परिवहन मंत्रालय द्वारा दस हजार ऑटो चालकों को धोखा देने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा है कि हाई कोर्ट के दबाव के बाद बड़ी मुश्किलों से दस हजार ऑटो परमिट देने का निर्णय हुआ। इसके लिए लिस्ट जारी की गई पर लिस्ट जारी होने के बावजूद सरकार ने नये दस हजार ऑटो परमिट के आबंटन को लेकर रोक लगा दी है जिसको लेकर दिल्ली के ऑटो चालकों मे दिल्ली सरकार के प्रति काफी ज्यादा आक्रोश हैं।
मिश्रा ने बताया कि चर्चा है कि ये परमिट आबंटन की प्रकिया को रोकने के लिए मोटा रुपया पैसा लिया गया है। साथ ही बताया कि पहले चालकों को ऑटो-टैक्सी सिलेंडर टेस्टिंग के लिए पहले 500 से 600 रुपये देने पड़े थे। अब सीएनजी सिलेंडर टेस्टिंग के नाम पर 2500 रुपये वसूले जा रहे हैं।





