ईएनटी विभाग में एक ऐसी मशीन जो बता देगी चक्कर आने की सही वजह…

अभी यदि मरीजों को दिमाग या कान के कारण चक्कर आते हैं तो इसकी स्पष्ट वजह पता नहीं चल पाती। ऐसे में नाक कान गला (ईएनटी) विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट एवं न्यूरो सर्जन लक्षणों के आधार पर मरीजों का इलाज करते थे। हालांकि अब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में ऐसी मशीन आ रही है, जो बता देगी कि चक्कर कान अथवा दिमाग की वजह से आ रहे हैं। इससे मरीजों को चिह्नित कर इलाज करने में आसानी होगी।
जीएसवीएम के एलएलआर अस्पताल (हैलट) स्थित ईएनटी विभाग की ओपीडी में बड़ी संख्या में चक्कर के मरीज आते हैं। अभी ईएनटी विशेषज्ञ इन मरीजों का इलाज क्लीनिकल लक्षणों के आधार पर ही करते हैं। ऐसे में कई बार ब्रेन की दिक्कत में ईएनटी की दवाएं तो ईएनटी के मरीजों में ब्रेन की दवाएं दे दी जाती हैं। इसको लेकर ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कनौजिया एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरेंद्र कुमार ने मंथन किया। उसके बाद चक्कर के मरीजों की जांच के लिए विशेष प्रकार की मशीन मंगाने का निर्णय लिया। उसका प्रस्ताव तैयार कर विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी के माध्यम से शासन को भेजा है।
13 लाख से आएगी वीडियो निस्तग्मोग्राफी
विभागाध्यक्ष ने वीडियो निस्तग्मोग्राफी मशीन खरीद को 13 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इस मशीन के आने से एमबीबीएस एवं एमएस के छात्रों को पढ़ाई में भी मदद मिलेगी।
ओपीडी में होगी जांच
ईएनटी ओपीडी में ही वर्टाइगो क्लीनिक खोली जाएगी। वहीं नई मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली है, जहां मरीजों का परीक्षण होगा। इसकी मदद से कान एवं ब्रेन के फंक्शन रिकार्ड होंगे। जिससे कान और ब्रेन की दिक्कत की पहचान संभव होगी।
इनका ये है कहना
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी इसकी जरूरत बताई थी। इसलिए प्रस्ताव बनाकर दिया है। प्राचार्य ने सहमति जताते हुए मशीन खरीद के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। एक माह में मशीन आने की उम्मीद है।
-डॉ. एसके कनौजिया, विभागाध्यक्ष ईएनटी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।





