इस रेसिपी से घर पर बनाएं हलवाई जैसी खस्ता मठरी, दोगुना हो जाएगा चाय का मजा

शाम की चाय का असली मजा तब आता है जब साथ में कुछ कुरकुरा और चटपटा हो। अक्सर हम बाजार से मठरी खरीदकर लाते हैं, लेकिन जो स्वाद घर की बनी मठरी में होती है, वह कहीं और नहीं मिल सकता। कई लोग शिकायत करते हैं कि उनकी मठरी घर पर सख्त हो जाती है या उतनी खस्ता नहीं बनती, लेकिन यकीन मानिए, अगर आप सही अनुपात और कुछ जरूरी टिप्स का ध्यान रखें, तो आप भी घर पर बिल्कुल हलवाई जैसी ‘खस्ता’ मठरी तैयार कर सकते हैं।
मठरी बनाने के लिए सामग्री
मैदा: 2 कप
अजवाइन: 1 छोटा चम्मच
काली मिर्च: आधा चम्मच (दरदरी कुटी हुई)
कसूरी मेथी: 1 बड़ा चम्मच (बेहतरीन खुशबू के लिए)
नमक: स्वादानुसार
तेल या घी (मोयन के लिए): 1/4 कप
तेल: तलने के लिए
मठरी बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा छान लें। इसमें अजवाइन, कुटी हुई काली मिर्च, कसूरी मेथी और नमक डालें। अब इसमें घी या तेल (मोयन) डालकर अच्छी तरह हाथों से रगड़ें। असली ट्रिक यहीं है कि जब आप मैदा को मुट्ठी में बांधें, तो वह बंधना चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है, तो समझ लीजिए आपकी मठरी एकदम खस्ता बनेगी। अब थोड़े-थोड़े गुनगुने पानी का इस्तेमाल करते हुए एक सख्त आटा गूंथ लें। याद रखें, आटा जितना सख्त होगा, मठरी उतनी ही कुरकुरी बनेगी।
आटे को 15-20 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर छोड़ दें। इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें और उन्हें हथेलियों से दबाकर चपटा कर लें। इन्हें बेलने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हलवाई वाली मठरी थोड़ी ऊबड़-खाबड़ ही अच्छी लगती है। अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। जब तेल मध्यम गरम हो जाए, तो आंच को धीमा कर दें। मठरियों को तब तक तलें जब तक वे दोनों तरफ से सुनहरी और कुरकुरी न हो जाएं।
मठरी को हमेशा धीमी आंच पर ही तलें। तेज आंच पर तलने से ये ऊपर से तो लाल हो जाएंगी, लेकिन अंदर से कच्ची और नरम रह जाएंगी। ठंडी होने के बाद इन्हें एक एयर-टाइट डिब्बे में भर कर रख लें। यह मठरी हफ्तों तक खराब नहीं होती और हर बार चाय के स्वाद को दोगुना कर देती है।





