इन खिलाड़ियों ने कभी अपने प्रर्दशन से बटोरी थी सुर्खियां, आज हो गए गुमनाम

 इंडियन प्रीमियम लीग (IPL) का नया सीजन धमाल मचाने को तैयार है। यह आइपीएलका 12 वां सीजन है। इन 12 सालों में कई खिलाड़ी उभरे जो भारतीय टीम का हिस्सा बनें। जसप्रीत बुमराह, रविन्द्र जडेजा, हार्दिक पांड्या और युजवेंद्र चहल जैसे तमाम ऐसे खिलाड़ी हैं जो आइपीएल में उभरे और आज क्रिकेट की दुनियां में अपना नाम कमा रहे हैं। कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो आइपीएल में चमके पर आज गायब हैं। आइये जानते हैं  ऐसे पांच खिलाड़ियों के बारे में जो आए और फिर चले गए।

पॉल वॉलथाटी  
आइपीएल 2011 में किंग्स इलेवन पंजाब से 27 साल का एक लड़का हीरो बनकर उभरा। चेन्नई के खिलाफ 189 रनों का पीछा करते हुए उसने 63 गेंदों पर 120 रनों की तूफानी खेली। इस खिलाड़ी का नाम था पॉल चंद्रशेखर वॉलथाटी। इस पूरे सीजन पॉल का बल्ला जम कर बोला। इस सीजन 136 के स्ट्राइक रेट से 463 रन बनाए। हालांकि, वॉलथाटी अपना पहला आइपीएल2009 में राजस्थान रॉयल की तरफ से खेला था, लेकिन वह सिर्फ 2011 में अपना जलवा दिखा पाए। इसके बाद वह 2012 और 2013 में भी आइपीएल खेले, लेकिन उनका उच्चतम स्कोर 36 रन ही रहा।

कामरान खान

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पहले आइपीएल का पहला सुपर ओवर। एक तरफ केकेआर के दिग्गज खिलाड़ी ब्रैंडम मैक्कुलम और क्रिस गेल थे तो दूसरी तरफ राजस्थान रॉयल के युवा गेंदबाज कामरान खान। कामरान ने इस ओवर में क्रिस गेल को चलता किया। केकेआर सुपर ओवर में सिर्फ 15 रन बना पाई। इसे राजस्थान ने आसनी से हासिल कर लिया। इस पूरे सीजन कामरान खान ने खूब नाम कमाया था। उन्होनें सीजन में 9 मैचों 9 विकेट लिए। खान की खासियत थी कि 140 के स्पीड में यार्कर गेंद डालते थे। उनके गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठे, जिसके बाद 2010 में राजस्थान ने उन्हें रीलिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुणे के लिए कुछ मैच खेला, लेकिन फिर गायब ही हो गए।
स्वप्निल असनोदकर  
राजस्थान रॉयल ने आइपीएल और विश्व क्रिकेट को कई खिलाड़ी दिए। युसूफ पठान, रविन्द्र जडेजा, करुण नायर, संजू सैमसन और सोहेल तनवीर जैसे कई खिलाड़ी उभरे। इन्हीं के बीच एक और नाम आया था स्वप्निल असनोदकर। आइपीएल के पहले सीजन में टीम के लिए बड़े खिलाड़ी बनकर उभरे। वह अपने स्टाइल के लिए फेमस थे। उनका स्टाइल और कदकाठी श्रीलंका दिग्गज खिलाड़ी कालूवितरना से मिलता था। पहले सीजन में 133 के स्ट्राइक से 311 रन बनाया, लेकिन इसके बाद कुछ खास नहीं कर पाए। तीन सीजन में वह सिर्फ 112 रन ही बना सके थे।

मनविंदर सिंह बिस्ला

आइपीएल 2012 का फाइनल मैच था। इस मैच में मनविंदर सिंह को मैन ऑफ दी मैच का अवार्ड मिला था। बिस्ला ने इस फाइनल मुकाबले में 48 गेंदों में 89 रन की बेजोड़ पारी खेलकर अपनी टीम को खिताब दिला दिया था। इसके बाद वह कुछ खास नहीं कर पाए। बिस्ला किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी खेल चुके हैं।

मनप्रीत गोनी
मनप्रीत गोनी पंजाब के तेज गेंदबाज थे। आइपीएल 2008 में चेन्नई की ओर से 7.83 के औसत से 17 विकेट लिया था। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम की तरफ से खेलने का मौका मिला था। वह उसमें कुछ खास नहीं कर पाए। वह चेन्नई के अलावा डेक्कन चार्जर्स और पंजाब के तरफ से भी खेले थे, लेकिन 2009 से 2013 तक 27 मैचों मे कुल 20 विकेट ही ले सके।

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