आयकर विभाग की नजर है आप पर, इन बातों का रखें ध्यान

आपके कितने खाते हैं और उनमें कितने पैसे जमा हैं, इसकी पूरी जानकारी आयकर विभाग के पास है। यह मुमकिन हुआ है कर चोरी रोकने के लिए शुरू हुए प्रोजेक्ट इनसाइट से। इस प्रोजेक्ट की मदद से कर चोरी के शक में सात लाख 32 हजार लोगों के पैन कार्ड चिह्नित किए गए हैं। इनके आयकर रिटर्न और सभी लेन-देन की जांच की जा रही है। 
मुख्य आयकर आयुक्त प्रदीप कुमार अंबष्ठ ने पदभार ग्रहण करने के बाद कर चोरी करने वालों को ट्रेस करने वाले प्रोजेक्ट इनसाइट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट इनसाइट के सॉफ्टवेयर से किसी भी पैन कार्ड की पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। मसलन, किसी व्यक्ति के कितने बैंक खाते हैं, उनमें कितने रुपये जमा किए जा रहे हैं, कहां भुगतान किया जा रहा या उसने कार, जमीन या भवन खरीदा है आदि। प्रोजेक्ट के तहत सभी पैन कार्ड धारकों की निगरानी की जा रही है। जिनकी खरीद-फरोख्त या लेन-देन आयकर रिटर्न से मेल नहीं खाएगा, उन्हें तुरंत नोटिस भेज दिया जाएगा।

जमीन के कारोबार पर भी नजर

मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि पहले चरण में रिकवरी से संबंधित प्रकरणों में प्रोजेक्ट इनसाइट की मदद ली जा रही है। इसके बाद एक-एक कर सभी पैन कार्ड धारकों की कुंडली देखी जाएगी। इस अवसर पर प्रधान आयकर आयुक्त सुनीति श्रीवास्तव, अपर आयुक्त नीता अग्रवाल, संयुक्त आयुक्त भूपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

आयकर विभाग ने राज्य से जमीन की खीद-फ रोख्त कर मुनाफा कमाने वाले लोगों का ब्योरा मांगा है। ताकि स्पष्ट हो सके कि आय के अनुरूप रिटर्न दाखिल किया गया है या नहीं। मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में अभी चार आयकर सेवा केंद्र हैं। अब रुड़की, हरिद्वार, काशीपुर व अल्मोड़ा में चार और नए केंद्र खोले जा रहे हैं। यहां आयकर से संबंधित किसी भी शिकायत, सुझाव या मदद के लिए संपर्क किया जा सकेगा।

विदेशी निवेश पर कर में चूक देश पर पड़ेगी भारी

विदेशी निवेश पर कर भुगतान में जरा भी चूक होगी तो देश को भारी नुकसान हो सकता है। मंगलवार को द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के सभागार में चार्टर्ड अकाउंटेंट से रूबरू मुख्य आयकर आयुक्त प्रदीप कुमार अंबष्ठ ने यह बात कही। मुख्य आयकर आयुक्त ने अंतरराष्ट्रीय कराधान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कराधान पर अधिक सतर्कता की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि यह मसला गैर भारतीय लोगों या कंपनियों से जुड़ा है। प्रभावी ढंग से टीडीएस की कटौती से ही पारदर्शिता संभव है।

आयकर आयुक्त (अंतरराष्ट्रीय कराधान) अनुपमा आनंद ने कहा कि जो अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भारत में आर्थिक गतिविधियों से लाभ कमा रही हैं, उन पर हर हाल में कर लगाया जाना चाहिए। इसके लिए विदेशी मुद्रा की डीलिंग करने वाले बैंकर्स की भूमिका भी अहम है। मुख्य आयकर आयुक्त ने चार्टर्ड अकाउंटेंट को अंतरराष्ट्रीय कराधान और कर से जुड़े सभी मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी। इस अवसर पर आयकर आयुक्त टीडीएस मनीष मिश्रा, आयकर अधिकारी डीएस रावत सहित भारी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्य भी मौजूद रहे।

प्रदेश में 1,38,762 नए करदाता जुड़े

आयकर विभाग ने प्रदेश में 1,38,762 नए करदाता जुड़ने का दावा किया है। दूसरी ओर, इस साल कानपुर क्षेत्र (देहरादून सहित) का इस साल का लक्ष्य गत वर्ष से 20 फीसदी अधिक रखा गया है। दून पहुंचे मुख्य आयकर आयुक्त प्रदीप कुमार अंबष्ठ ने यह जानकारी दी। मुख्य आयकर आयुक्त अंबष्ठ ने बताया कि देहरादून क्षेत्र में पिछले वित्तीय वर्ष में 13,386 करोड़ रुपये का लक्ष्य था। यहां इससे 18 फीसदी अधिक 15,815 करोड़ रुपये कर संग्रह हुआ।
वर्ष 2017-18 के संग्रह से तुलना की जाए तो यह 46 प्रतिशत अधिक रहा। आयकर संग्रह बढ़ाने के लिए आयकरदाताओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा निरंतर सर्वे आदि की कार्रवाई भी की जा रही है। इस दौरान 30 प्रतिष्ठानों पर सर्वे कर 32 करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी गई। इसके अलावा छह रिकवरी सर्वे भी किए गए। इनमें तीन प्रकरणों में वाद भी दायर किया गया और एक प्रकरण में ब्यूरो ऑफ  इमिग्रेशन के माध्यम से लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया।

टीडीएस कटौती की गड़बड़ी पर चेताया

प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर टीडीएस कटौती में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इन पर आयकर विभाग पहले भी कई संस्थानों पर कार्रवाई कर चुका है। अब राज्य सरकार को चेताया गया है।
वित्त विभाग ने भी आयकर विभाग की भावना के तहत सभी विभागों को टीडीएस कटौती में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य आयकर आयुक्त प्रदीप कुमार अंबष्ठ ने कहा कि प्रदेश के कई विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी कर चोरी में फर्मों का साथ दे रहे हैं जो कि गलत है।
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