स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नारायण दत्त बेलवाल के पुत्र गणेश चंद्र बेलवाल कुटुंब पेंशन पाने के लिए सिस्टम से लड़ रहे हैं।
वह कृषि और पशुपालन से परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। गणेश अब अपना हक पाने के लिए मुख्यमंत्री के दरबार जाने की तैयारी कर रहे हैं।
गणेश चंद्र बेलवाल रामनगर ब्लॉक के ग्राम सांवल्दे पश्चिम में रहते हैं। उनके पिता स्व. नारायण दत्त बेलवाल गांधीवादी विचारों के थे। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया था।
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भेंट किया था ताम्रपत्र
गणेश बताते हैं कि उनके पिता भारत छोड़ो आंदोलन, जेल भरो आंदोलन में शामिल रहे। वह अल्मोड़ा और बरेली कारागार में बंद भी रहे। आजादी के बाद उनके पिता रोजगार की तलाश में 1963 में अल्मोड़ा से रामनगर आ गए थे।
उनके पिता के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को देखते हुए 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ताम्रपत्र भेंट किया था।
1982 में उनके पिता का निधन हो गया और तभी से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में मिलने वाली सुविधाएं बंद हो गईं। जानकारी के अभाव के चलते पहले वह स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित के रूप में आवेदन नहीं कर पाए।
उत्तराधिकारी के रूप में उनका और अन्य भाइयों का नाम दर्ज नहीं मिला
जब पता चला तो कागजी कार्रवाई के दौरान उनके पिता के अभिलेखों में उत्तराधिकारी के रूप में उनका और अन्य भाइयों का नाम दर्ज नहीं मिला। गणेश ने बताया कि वह उत्तराधिकारी परिचय पत्र के लिए जिलाधिकारी और पीपीओ संख्या के लिए कोषागार अधिकारी को कई बार पत्र लिख चुके हैं। वहीं सेवा का अधिकार आयोग को भेजे पत्र से भी राहत नहीं मिल पाई है।
कुटुंब पेंशन योजना का फिलहाल कोई मामला लंबित नहीं है। प्राप्त होने वाले मामलों का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। यदि ऐसा कोई मामला है तो संबंधित पेपर पूरे कर प्रस्तुत करें तो कार्रवाई की जाएगी।