आग से फसलों के नुकसान पर जल्द मिलेगा मुआवजा, सीएम सैनी ने दिए निर्देश

प्रदेश में गेहूं की फसलों में आगजनी की घटनाओं किसानों का खासा नुकसान हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में किसान मुआवजे की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में फसलों के नुकसान को लेकर सरकार गंभीरता दिखाते हुए हरकत में आ गई है। प्रदेश में होने वाली आगजनी की घटनाओं से फसलों या पशुओं संबंधित जान-माल का नुकसान होने वाले किसानों को जल्द मुआवजा मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश दिए। आगजनी से प्रभावित प्रदेश के किसान संबंधित उपायुक्तों के समक्ष करें आवेदन करके नुकसान की जानकारी दे सकते हैं। वहीं, फसलों के नुकसान से प्रभावित किसानों को आगामी फसलों की बुवाई के लिए बीज व खाद में मदद की जाएगी।
61 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार- कर्ण चौटाला
जिला परिषद सिरसा के अध्यक्ष कर्ण सिंह चौटाला के नेतृत्व में सोमवार को इनेलो के वरिष्ठ पदाधिकारी, किसान नेता और विभिन्न गांवों के किसानों ने लघु सचिवालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों की फसल आग के कारण नष्ट होने पर सरकार से 61 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की। इसी मांग को लेकर उपायुक्त सिरसा से मिले और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
सैकड़ों एकड़ गेहूं व अन्य फसल जलकर राख
जिला परिषद चेयरमैन व इनेलो नेता कर्ण चौटाला ने बताया कि पिछले दिनों जिले के विभिन्न गांवों लुदेसर, रुपाणा दड़बा, भूर्टवाला व चिलकनी ढाब आदि में फसलों को आग लग गई थी। सैकड़ों एकड़ गेहूं व अन्य फसल जलकर राख हो गई थी। उन्होंने कहा कि यमुनानगर में राजनीतिक कार्यक्रम के लिए किसानों की फसल कटाने पर सरकार ने 61 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया था। इसी तर्ज पर सिरसा जिले के किसानों को विशेष गिरदावरी करवाकर 61 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा सरकार दे। फसल के साथ किसानों के सोलर ट्यूबवेल और ट्रैक्टर आदि का भी नुकसान हुआ है। सरकार उनका भी मुआवजा दे।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने दिया आश्वासन
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने आश्वासन दिया कि विशेष गिरदावरी का कार्य जारी है। चोपटा क्षेत्र में लगी आग की गिरादरी का काम सोमवार शाम तक हो जाएगा। उसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी जाएगी। इस दौरान इनेलो जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह, विनोद बेनीवाल, आढती एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनोहर मेहता, किसान नेता रवि आजाद, महावीर शर्मा, प्रदीप मेहता, गुरविंद्र सिंह, भगवान कोटली, ओमप्रकाश शर्मा, मुख्तयार सिंह, किसान रामस्वरूप, श्रीराम, महावीर, नंदलाल, दुनीराम, इंद्रपाल, साहबराम, रणबीर, कृष्ण, रूलीचंद व हरिराम आदि मौजूद रहे।





