आग्रेकर हत्याकांड के आराेपी ने की आत्महत्या, कहा था सरेंडर नहीं करूंगा
नागपुर.राहुल आग्रेकर अपहरण और हत्या प्रकरण का मुख्य अारोपी दुर्गेश बोकड़े की मौत हो गई है। रायपुर के एक लॉज में गुरुवार को उसका शव पाया गया। घटना के बाद से फरार दुर्गेश ने अपने साथी पंकज से कहा था िक वह भले ही आत्महत्या कर लेगा, लेकिन पुलिस के सामने कभी समर्पण नहीं करेगा।
आधार कार्ड से हुई पहचान
आरोपी दुर्गेश बोकड़े (32) रानी दुर्गावती चौक निवासी लॉटरी विक्रेता था। गुरुवार की रात करीब 9 बजे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुप्ता लॉज में दुर्गेश का शव पाया गया है। सीलिंग फैन से गमछा बांधकर उसने फांसी लगाई। घटना के िदन ही दुर्गेश लॉज छोड़ने वाला था। यह बात उसने लॉज प्रबंधक को बताई थी, मगर लॉज छोड़ने के दिन दुर्गेश के रात के 9 बजे तक कमरा खाली नहीं करने से लॉजकर्मी ने दुर्गेश को आवाज दी। दुर्गेश ने कोई प्रतिसाद नहीं दिया, तो लॉजकर्मी को अनहोनी की आशंका हुई।
उसने यह बात अपने मालिक और प्रबंधक को बताई। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। कमरे से पुलिस को दुर्गेश का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले हैं, िजससे शव दुर्गेश बोकड़े का होने का खुलासा हुआ। दुर्गेश की नागपुर पुलिस को तलाश थी। उसकी तलाश में नागपुर के अपराध शाखा का दस्ता भी उस समय रायपुर में ही था। लिहाजा नागपुर पुलिस को भी सूचना देकर लॉज में बुलाया गया था। कानूनी कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दुर्गेश के परिजनों को भी इसकी सूचना दे दी गई है।
आग्रेकर हत्याकांड का है आरोपी
उल्लेखनीय है िक 21 नवंबर की सुबह करीब 8.30 बजे दुर्गेश ने अपने साथी पंकज हारोडे की मदद से परिचित राहुल आग्रेकर का एक करोड़ रुपए की फिरौती के लिए अपहरण िकया था, लेकिन योजना फेल होने से पंकज ने नागपुर के मेडिकल चौक में कार में ही राहुल के सिर पर डंडे से वार कर उसे बेहाश कर दिया। उसके बाद बुटीबोरी थानांतर्गत पेटीचूहा गांव के पास जंगल में ले जाकर राहुल को जिंदा जला दिया। दुर्गेश और पंकज को पता चल गया था िक उनके घर पुलिस पहुंच चुकी है और उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पकड़े जाने के डर से दोनों इंदोर, उज्जैन, पोहामा, नरसिंहपुर, सूरत और हावड़ा फरार हो गए थे। फरारी के दौरान पंकज ने रुपए खत्म होने पर पुलिस के सामने समर्पण करने की बात दुर्गेश को बताई थी। इस बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। उसी समय दुर्गेश ने पंकज से कहा था कि वह भले ही आत्महत्या कर लेगा, लेकिन पुलिस के सामने कभी समर्पण नहीं करेगा। अंतत: उसने आत्महत्या कर ली। जांच जारी है।





