आखिर बेलारूस में इतने लोग क्यों उतरे सड़क पर

जुबिली न्यूज डेस्क
बेलारूस की राजधानी मिंस्क में हाल ही में राष्ट्रपति के चुनाव संपन्न हुए हैं। इसके बाद से ही वहां की जनता चुनाव जीत कर आये राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ सड़क पर उतर आये हैं। बीते दिन रविवार ने बेलारूस के इतिहास में अपने नाम दर्ज करवा लिया है।
इस दिन सबसे बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लुकाशेंको ने चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए धांधलियां की हैं।
लुकाशेंको लगातार छठी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतकर आये हैं। विपक्षी दलों की ओर से लगातार हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए सेना की टुकड़ी भेजने का प्रस्ताव भेजा है।
रूस की तरफ से कहा गया कि लुकाशेंको को अगर जरुरी हुआ तो हमारी ओर सैन्य सहायता दी जाएगी। लेकिन प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की उपस्थिति हमें नजर नहीं आ रही है। यहां पर करीब 2,00,000 लोग इकट्ठा होकर नारे लगा रहे हैं। बेलारूस में वोटिंग से लेकर अबतक दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है ज​बकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।

बता दें कि रूस की पश्चिमी सीमा से सटा हुआ बेलारूस 25 अगस्त 1991 को सोवियत संघ से अलग होकर आजाद देश बना था। इसके बाद संविधान बना और जून 1994 को पहला राष्ट्रपति चुनाव कराया गया। राष्ट्रपति बने अलेक्जेंडर लुकाशेंको। इसके बाद अब तक छह बार चुनाव हो चुके हैं। लुकाशेंको को कभी-कभी ‘यूरोप का अंतिम तानाशाह’ भी कहा जाता है।
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वर्ष 2015 के चुनाव में लुकाशेंको को 83.5% वोट के साथ चुनाव जीते थे। उस चुनाव में उन्हें चुनौती देने वाला कोई भी गंभीर प्रत्याशी मैदान में नहीं था। वहीं इस साल के चुनाव को उनके ‘नेतृत्व में हताशा के बढ़ते संकेतों के बीच’ आयोजित किया गया। स्वेतलाना ने चुनाव को बहुत गंभीरता से लिया और पूरे ताकत के साथ मोर्चा लिया। लेकिन जब चुनाव के नतीजे आए तो वह बुरी तरह से हार गईं।
37 वर्षीय स्वेतलाना के पति जेल में बंद होने की वजह से उन्होंने ये चुनाव लड़ा। उन्होंने कई बड़ी रैलियों का नेतृत्व किया। विपक्ष ने पहले ही कहा था कि उन्हें वोटों में धांधली होने की उम्मीद है और यही वजह है कि वह वोटों की एक वैकल्पिक गिनती रखेगा। वहीं दूसरी ओर लुकाशेंको ने क़सम खाई है कि देश में स्थिति नियंत्रण में रहेगी। और लुकाशेंको छठी बार चुनाव जीत गये।

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