आईआईएम बोधगया का 8वां दीक्षांत समारोह, 579 छात्रों को डिग्री, पहली बार चार को पीएचडी

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया में आयोजित 8वां वार्षिक दीक्षांत समारोह इस बार कई मायनों में खास और ऐतिहासिक रहा। समारोह में कुल 579 छात्रों को विभिन्न प्रबंधन पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि पहली बार 4 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि ने दिया खास संदेश
समारोह के मुख्य अतिथि आशीष कुमार चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए बदलते वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में संतुलित और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
वर्चुअल उद्घाटन और वार्षिक रिपोर्ट पेश
कार्यक्रम की शुरुआत बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रभारी अध्यक्ष एल. रामकुमार द्वारा वर्चुअल उद्घाटन से हुई। इसके बाद संस्थान की निदेशक डॉ. विनीता एस. सहाय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्ष 2025-26 को उपलब्धियों से भरा बताते हुए कहा कि संस्थान का लक्ष्य जिम्मेदार और सामाजिक रूप से सजग नेतृत्वकर्ता तैयार करना है, जो वैश्विक स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सकें।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग में बड़ा विस्तार
डॉ. विनीता सहाय ने बताया कि संस्थान ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाकर 43 विदेशी संस्थानों तक पहुंचा दिया है। इससे छात्र विनिमय, संयुक्त शोध और सहयोगात्मक कार्यक्रमों को नई गति मिली है। इस दीक्षांत समारोह में 328 छात्रों को एमबीए, 86 छात्रों को एमबीए-डिजिटल बिजनेस मैनेजमेंट, 101 छात्रों को एमबीए-हॉस्पिटल एवं हेल्थकेयर मैनेजमेंट, 60 छात्रों को बीबीए-आईपीएम और 4 छात्रों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई। पीएचडी का यह पहला बैच संस्थान के शैक्षणिक विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
प्लेसमेंट में नया रिकॉर्ड
प्लेसमेंट के मामले में भी इस वर्ष संस्थान ने नया रिकॉर्ड बनाया। कुल 409 छात्रों को अंतिम जॉब ऑफर मिले, जिसमें 180 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। इनमें 100 से अधिक कंपनियां पहली बार कैंपस से जुड़ीं, जो संस्थान की बढ़ती पहचान को दर्शाता है।
परामर्श, आईटी सेवाएं और एनालिटिक्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा 130 से अधिक ऑफर मिले। वहीं बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र से 110 प्रस्ताव प्राप्त हुए।
सैलरी पैकेज भी रहा शानदार
वेतन पैकेज की बात करें तो भारत में अधिकतम सालाना पैकेज 30 लाख रुपये रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह 45.63 लाख रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान एक्सेंचर, कैपजेमिनी, कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, डेलॉइट, ईवाई, पीडब्ल्यूसी, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचएसबीसी, एनएसई, बीएसई, टाटा पावर और जिंदल स्टील जैसी बड़ी कंपनियों ने छात्रों को नौकरी के अवसर दिए।
संस्थान के लिए मील का पत्थर
कुल मिलाकर, यह दीक्षांत समारोह आईआईएम बोधगया के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। रिकॉर्ड प्लेसमेंट, बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अवसर और मजबूत वैश्विक पहचान के साथ संस्थान ने खुद को देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों की कतार में मजबूती से स्थापित कर लिया है।





