अलवर: छुआछूत को लेकर दलित बुजुर्ग पर मंदिर में हमलाएससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज

जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र स्थित परसा का बास गांव में छुआछूत के नाम पर एक दलित बुजुर्ग के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित 65 वर्षीय ग्यारसा राम बैरवा को मंदिर में प्रवेश करने पर लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे उनकी पैर और जांघ की हड्डियां टूट गईं, वे फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

परिजनों के अनुसार ग्यारसा राम बकरी चराने निकले थे। इस दौरान उनकी एक बकरी गांव के पास पहाड़ी पर स्थित पवननाथ मंदिर परिसर में चली गई। जब ग्यारसा राम अपनी बकरी को लेने मंदिर परिसर पहुंचे, तो वहां मौजूद पुजारी और अन्य लोगों ने उन्हें मंदिर में प्रवेश से रोका।

पीड़ित के दामाद भरत ने बताया कि पुजारी ने ग्यारसा राम की जाति को लेकर आपत्ति जताई और छुआछूत की बात कहते हुए उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पुजारी ने अन्य लोगों को बुला लिया और मिलकर ग्यारसा राम की बेरहमी से पिटाई की गई। मारपीट में ग्यारसा राम गंभीर रूप से घायल हो गए और जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी जांघ और पैर की हड्डियां टूटी गई हैं।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और मामले की जांच जारी है। हालांकि घटना के बाद पुजारी और उसके सहयोगियों ने सफाई दी कि ग्यारसा राम ने मंदिर की गाय को पत्थर मारा था, जिससे विवाद हुआ। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है।

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