अमेरिकी हमले में चली गई आदित्य की जान; ओमान हादसे की कहानी

23 साल के आदित्य शर्मा उन तीन भारतीय क्रू सदस्यों में से एक थे, जो ओमान की खाड़ी में पलाऊ-झंडे वाले जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना के हमले में मारे गए।
अमेरिकी सेना ने आरोप लगाया था कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश करके अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। इस हफ्ते तीन जहाजों पर हमला हो चुका है, जिसमें ज्यादातर क्रू सदस्य भारतीय थे।
तीन भारतीय नाविकों के मिले शव
8 जून को पलाऊ-झंडे वाले टैंकर MT Marivex पर अमेरिकी हमले के बाद ओमान के अधिकारियों ने 24 भारतीय नाविकों को एयरलिफ्ट किया था। गुरुवार को एक और कमर्शियल जहाज MT Jalveer पर हमला हुआ।
मस्कट में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि ओमान की रॉयल नेवी की मदद से MT Jalveer से भारतीय नागरिकों को शिनास पोर्ट तक सुरक्षित निकालने की कोशिशें चल रही हैं।
शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक बयान में कहा, ‘पलाऊ-झंडे वाले MT Settebello पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर बहुत अफसोस हुआ। दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है, क्योंकि उनके शव मिल गए हैं और उनकी पहचान कर ली गई है।
बच्चे की मौत की खबर से एक घंटे पहले की थी बात
आदित्य शर्मा के पिता ने एनडीटीवी को टेलीफोन पर दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मेरी उससे आखिरी बातचीत रविवार को हुई थी। मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए।’
आदित्य के पिता ने आगे कहा, ‘मैं कहूंगा कि मिसाइल से कमर्शियल जहाज पर हमला करना युद्ध अपराध है। उन कार्गो जहाजों को नियंत्रित करने के कई तरीके हैं, आप सेना भेज सकते हैं, क्रू सदस्यों को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन आपको उन पर घातक मिसाइलों से हमला करने का कोई अधिकार नहीं है।’
जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया। प्रोबेशन पर काम कर रहे डेक कैडेट आदित्य अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।
आदित्य के पिता ने कहा, ‘हम पिछले 3-4 दिनों से घबराए हुए थे। पिछले रविवार को ओमान में एक जहाज पर हमला हुआ था। तब मैंने अपने बेटे को फ़ोन किया और उसने मुझे बताया कि वह जहाज उनसे थोड़ा दूर था और वे सुरक्षित थे। सोमवार को उसने WhatsApp पर मैसेज भेजा कि वह ठीक है। और एक घंटे बाद ही उन पर हमला हो गया।’





