अमेरिका-ईरान ने एक दूसरे पर किए भीषण हमले

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शनिवार को रणनीतिक समुद्री मार्ग में एक टैंकर पर कथित ईरानी ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने रविवार को ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले का दावा किया। जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने की बात कही।

लगातार दूसरे दिन हुई इस सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम युद्धविराम पर संकट गहरा गया है। इन्हें युद्धविराम के बाद के सबसे भीषण हमलों में माना जा रहा है। कतर ने बताया कि शनिवार को जिस टैंकर पर हमला हुआ था, उसमें सवार उसके एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल है। हालांकि, दोहा ने हमले के लिए किसी देश को जिम्मेदार नहीं ठहराया।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर बेहद कड़ी चेतावनी दी कि हो सकता है कि एक ऐसा समय आए, जब हम समझदारी से काम न ले पाएं और हमें उस काम को सैन्य तरीके से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े, जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था। उन्होंने आगे लिखा कि अगर ऐसा हुआ तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं बचेगा।

वहीं, ईरान ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की। तेहरान ने चेतावनी दी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी संप्रभुता को चुनौती दी गई तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में गंभीर परिणाम होंगे।

रायटर के अनुसार, अमेरिका ने दावा किया कि ईरान के जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें सैन्य निगरानी प्रणाली, संचार केंद्र, एयर डिफेंस, ड्रोन भंडार और बारूदी सुरंग बिछाने वाले अड्डे शामिल थे।

जवाबी कार्रवाई में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े से जुड़े सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने किसी बड़े नुकसान या हताहत होने से इन्कार किया है।

बहरीन ने एक आवासीय इमारत को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है, जबकि कुवैत ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में मार गिराया।

एपी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगले 30 दिनों तक होर्मुज पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में रहेगा। यहां समुद्री यातायात को सामान्य करना तेहरान की जिम्मेदारी है। उन्होंने अन्य देशों से हस्तक्षेप नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि इससे तनाव और बढ़ेगा तथा जलडमरूमध्य को सामान्य करने में और देरी होगी।

तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात भी प्रभावित है। सैकड़ों व्यापारिक जहाज अब भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां ओमान के तट के निकट वैकल्पिक मार्ग अपना रही हैं, जबकि ईरान ने दोहराया है कि जलडमरूमध्य के यातायात का नियंत्रण उसी के हाथ में रहेगा।

अमेरिका-इजरायल के दावे अपराधों की स्वीकारोक्ति: खामेनेई

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के नेताओं पर हालिया सैन्य हमलों को लेकर “शेखी बघारने” का आरोप लगाया। एएनआइ के अनुसार, उन्होंने एक्स पर लिखा कि इस तरह के बयान दरअसल ईरान के खिलाफ किए गए अपराधों की स्वीकारोक्ति हैं।

खामेनेई ने हालिया संघर्ष में हुई मौतों, विशेषकर मीनाब में स्कूली छात्राओं की मौत और लेमर्द में मेडिकल सेंटर पर हमलों का उल्लेख करते हुए इसे युद्ध अपराध बताया।

उन्होंने ईरानी अधिकारियों से इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ देश की अदालतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में भी कानूनी कार्रवाई करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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