अमरनाथ यात्रियों को बड़ी राहत: तवी रिवर फ्रंट पर ही मिलेगा स्वास्थ्य प्रमाणपत्र

अमरनाथ यात्रा के लिए तवी रिवर फ्रंट पर नया यात्री पंजीकरण केंद्र बनाया जा रहा है, जहां ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और आरएफआईडी पहचान सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद श्रद्धालु भगवती नगर यात्री निवास से अपने जत्थों के साथ यात्रा के लिए रवाना होंगे।

श्री अमरनाथ यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तैयारियों को लेकर नई व्यवस्था लागू हो गई है। इनमें तवी रिवर फ्रंट में बनाए जा रहे यात्री पंजीकरण केंद्र पर ही स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा दी जाएगी।

श्रद्धालु यात्रियों को यहीं पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जाने के बाद रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान दी जाएगी। उसके बाद ही श्रद्धालु अपने जत्थे के साथ भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होंगे। पूर्व में बाबा के श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था रेलवे स्टेशन स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम, सरस्वती धाम परिसर में की जाती रही है।

यहां पर यात्रा शुरू होने से लेकर 10 दिन तक श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। इस वर्ष प्रशासन के निर्देश पर पंजीकरण व स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जाने का कार्य तवी रिवर फ्रंट स्थित यात्रा पंजीकरण में होगा। नई व्यवस्था से रेलवे स्टेशन व आसपास श्री माता वैष्णोदेवी धाम के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते यातायात बाधित नहीं होगा। इससे श्रद्धालु भी परेशान नहीं होंगे।

जिम्मेदारी से ड्यूटी करे स्टाफ : निदेशक
मंगलवार को स्वास्थ्य निदेशालय में बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. पूनम सेठी ने डिप्टी डायरेक्टर व संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों, नोडल अधिकारियों के साथ बैठक में समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी यात्रा में लगाई जा रही है, वे अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि विभागीय स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाने के लिए श्रद्धालुओं को इधर-उधर नहीं भटकना होगा,तवी रिवर फ्रंट पर ही उनकी स्वास्थ्य जांच कर प्रमाणपत्र जारी होंगे।

यात्रा पर जाने वाले शिवभक्तों के लिए शेड लेकर बालटाल पहुंचा पहला लंगर दल
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए शेड लेकर पहला लंगर दल बालटाल पहुंच गया है। पशुपतिनाथ सेवक दिल्ली का यह दल यहां से आगामी 14 जून को पवित्र गुफा के लिए रवाना होगा। दल के सेवक वहां बाबा बर्फानी के नाम पर लंगर लगाएंगे। घोड़ों के लिए भी लंगर का इंतजाम होगा। सेवक इसके लिए सौ टन चारा लेकर पहुंचेंगे। पशुपतिनाथ सेवक दल दिल्ली के प्रधान राजीव सेठी के अनुसार वे 27 साल से लंगर लगा रहे हैं। दल में करीब 15 स्वयंसेवक शामिल हैं जो शेड लगाकर इसमें लंगर की सामग्री जुटाएंगे।

आगामी तीन जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा के लिए 131 लंगरों ने अनुमति ली है। सभी के अपने अलग-अलग मेन्यू हैं। दक्षिण भारतीय भोजन को भी जगह दी है। इसके अतिरिक्त टिक्की, गोलगप्पे, दही-भल्ले आदि को भी मेन्यू में शामिल किया है। अग्रिम पंजीकरण तीन जुलाई से चलेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट के मुताबिक यह पंजीकरण 12 अगस्त तक चलेगा।

डीसी गांदरबल ने 20 जून तक सभी कार्य पूरे करने के दिए निर्देश
उपायुक्त जतिन किशोर ने मंगलवार को बालटाल मार्ग से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्य 20 जून तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि यात्रा का संचालन सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित किया जा सके। एक्शन प्लान के तहत विभिन्न विभागों के कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई।

पहचान एप लांच, सर्विस प्रोवाइडर्स का होगा क्यूआर कोड से वेरिफिकेशन
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पुलिस ने पहचान एप लांच किया है। यह क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए सोनमर्ग और बालटाल रूट पर काम करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स का रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन होगा। यह पहल थजवास ग्लेशियर, जीरो प्वाइंट जोजिला, मेन बाउल सोनमर्ग, बालटाल एक्सिस और यात्रा से जुड़ी सेवाएं देने वाले लोगों पर लागू होगी।

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