अब इतने रुपये किलो बेचेगी सरकार प्याज जमाखोरों को सिखाया सबक

प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विधानसभा सत्र के पहले दिन की कार्यवाही खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्याज की बढ़ती कीमतों से सरकार चिंतित है। सरकार राशन की सरकारी दुकानों (डिपुओं) में 70 रुपये प्रति किलोग्राम प्याज बेचेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्याज की जमाखोरी करने वालों को भी सख्त लहजे में चेताया है। उन्होंने कहा कि जमाखोर जल्द से जल्द प्याज को बाहर निकालें नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक साल में 186 संस्थाओं और लोगों को जमीन पट्टे पर दी
हिमाचल में एक जनवरी 2018 से 31 जनवरी 2019 के बीच एक साल में 186 संस्थाओं और लोगों को जमीन पट्टे पर दी गई। विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि संस्थाओं, सभाओं, सहकारी सभाओं और लोगों को व्यवसाय के लिए जमीन पट्टे पर दी गई। बिलासपुर में 15 को पट्टे पर जमीन दी गई। उद्योग विभाग ने बिलासपुर में 15, चंबा में 8, हमीरपुर में 5, कांगड़ा में 27, मंडी में एक, शिमला में सात, सिरमौर में दो, सोलन में 21 और ऊना में 61 लोगों को जमीन पट्टे पर दी गई।

विधवा पेंशन की पात्रता के पुराने नियमों का जयराम सरकार सरलीकरण करेगी। विधवा पेंशन पाने के लिए 35 हजार रुपये की पात्रता के नियमों में बदलाव किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में विधायक रीता धीमान और विधायक सुखराम की ओर से नियम-130 के तहत विधवा और अपंग पेंशन के लिए ग्रामसभा के पारित प्रस्ताव की शर्त के स्थान पर पंचायत के पारित प्रस्ताव को मान्य किए जाने और 45 वर्ष से कम आयु की विधवा महिलाओं को पेंशन देने के लिए आय में छूट प्रदान करने के लाए गए प्रस्ताव के उत्तर में दी।  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विधवा पेंशन को लेकर पूरा सदन चिंतित है।

इससे पहले सामाजिक न्याय अधिकारित मंत्री राजीव सहजल ने कहा कि यह बात सही है कि ग्राम सभा में कोरम पूरा न पूरा न होने के चलते विधवा पेंशन के मामले लटक जाते हैं। प्रदेश की कई पंचायतों की ग्राम सभाओं में कोरम पूरा न होने को लेकर विधवा पेंशन के मामले लटकने की शिकायतें मिलती हैं। इसलिए सदन इस बात से सहमत है कि विधवा पेंशन के मामलों के लिए नीति बनाने की जरूरत है। सदन इस बात पर भी सहमत है कि विधवा पेंशन के मामले ग्राम पंचायतों की सभाओं में न ले जाकर सीधा पंचायत की बैठकों में ले जाए जाएं ताकि प्रदेश की हजारों जरूरतमंद महिलाओं को पेंशन के लिए परेशानी पेश न आए। चर्चा में सदस्य होशियार सिंह, कमलेश कुमारी, विनोद कुमार, सुखराम चौधरी आदि ने भाग लिया।

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