अगर दो-तीन दिन में न सही हो जाता है बुखार-खांसी, तो हेल्पलाइन की जरूर लें मदद

लखनऊ। कोरोना के दौर में हल्की खांसी, जुकाम या बुखार होता है तो बहुत घबराने की नहीं बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि यह मौसमी बीमारी भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में घर पर ही रहें, सर्जिकल मास्क पहनें और लोगों का आना-जाना कम रखें।

बुखार की स्थिति में जल्द ठीक होने के लिए पैरासिटामोल लेने और गले में खराश होने की स्थिति में गरारा करने की सलाह चिकित्सक देते हैं। इसके बाद भी दो-तीन दिन में स्थिति में सुधार नहीं दिखता है या कोई आपात स्थिति नजर आती है तो अपने स्वास्थ्य कार्यकर्ता या हेल्पलाइन नम्बर 1075 पर कॉल करके मदद अवश्य लेनी चाहिए।  ​

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरीश गुप्ता के मुताबिक कोरोना के पहले भी हर साल इस मौसम में लोगों को खांसी, जुकाम और बुखार होना आम बात होती थी। इसलिए यदि इस समय हल्का बुखार, खांसी या जुकाम है तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग या केन्द्रीय हेल्पलाइन पर कॉल करके बताये गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। जब तक की सलाह दी गयी हो, उतने समय तक घर पर रहें, उसके बाद भी यदि बीमारी के हलके लक्षण हों और बुखार हो तो निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर फीवर डेस्क या कोविड केंद्र के चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। 

​डॉ. गुप्ता का कहना है कि कोरोना के दौर को देखते हुए ऐसे में हर समय दूसरों से दो गज की दूरी बनाकर रखें। एक अलग कमरे में रहें जो कि हवादार हो और उसके दरवाजे व खिड़कियां खोलकर रखें ताकि हवा में वायरल का दबाव कम हो सके, ऐसे में पूरे घर में घूमे नहीं। बिस्तर, पानी की बोतल, मग जैसी वस्तुओं को किसी के साथ साझा न करें, उपयोग के बाद मास्क को सावधानी पूर्वक बंद डस्टबिन में ही फेंकें। किसी भी सतह या वस्तु को छूने के बाद साबुन-पानी से अपने हाथों को अच्छी तरह से अवश्य धुलें। मुंह, नाक व आंख को छूने से बचें।

जल्दी ठीक होने के लिए बुखार की स्थिति में हेल्पलाइन पर पैरासिटामोल लेने की सलाह दी गयी हो तो, उसे ले सकते हैं। गले में खराश की स्थिति में गरारा करना भी फायदेमंद साबित हो सकता है। यदि खाने में किसी तरह का परहेज रखते हैं तो उसे जारी रखें और किसी बीमारी की कोई दवा लेते हैं तो उसको भी जारी रखें। इस तरह की सावधानी बरतकर जल्दी ही हलके बुखार, खांसी और जुकाम से छुटकारा पा सकते हैं।

इसके बाद भी स्थिति न सुधरे या कोई आपात स्थिति हो तो बिना विलम्ब किये हेल्पलाइन की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा यदि आप डायबिटीज, दिल या गुर्दे के मरीज हैं या सांस संबंधी कोई पुरानी बीमारी है तो ऐसे में खास सावधानी बरतनी चाहिए।

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