अगर आप भी नाख़ून काटकर कहीं भी फेंक देते हैं तो यह खबर आपके लिए है

आप सभी इस बात से वाकिफ ही होंगे कि पुराने जमाने में रात में नाखून काटने के लिए मना किया जाता था और आज भी यही चलन है. ऐसे में आजकल यह कहा जाता है कि नाखून काटना हाईजीन से जुड़ी एक प्रैक्टिस है और रेगुलर बेसिस पर नाखून काटने से नाखून और उंगलियों के बीच में गंदगी जमा नहीं हो पाती है. वहीं बात करें पुराने समय की तो पुराने समय में कहते थे कि नाखून रात में नहीं काटने चाहिए. अब आज हम आपको उसके पीछे का तर्क बताने जा रहे हैं कि आखिर ऐसा पुराने समय में क्यों होता था..? अगर आप भी नाख़ून काटकर कहीं भी फेंक देते हैं तो यह खबर आपके लिए है

1. कहते हैं पुराने समय में जब 24 घंटे बिजली नहीं रहती थी, तब रात में बारीक काम करने से बचा जाता था और ब्लेड जैसी शार्प चीजें रात में कम ही इस्तेमाल की जाती थीं.

2. कहा जाता है तब नेल कटर भी नहीं हुआ करते थे और तब लोग अपने नाखून काटने के लिए कैंची या चाकू का इस्तेमाल करते थे, इसीलिए रात में इन चीजों को इस्तेमाल नहीं किया जाता था.

3. कहते हैं काला जादू करने के लिए अक्सर किसी का टूटा हुआ नाखून या शरीर के किसी हिस्से की जरूरत होती है और इस वजह से कहते हैं कि अगर रात में नाखून काटने पर कहीं गिर जाए और कोई उस नाखून को इकट्ठा करके उस पर काला जादू करने लगे तो उस इंसान को नुकसान पहुंच सकता था इस वजह से रात में नाख़ून नहीं काटे जाते थे.

4. वहीं अब की बात करें तो सच तो ये है कि आप अपने हाथों को कितनी बार भी साफ करें, लेकिन नाखूनों के भीतर गंदगी रह ही जाती है.

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