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	<title>जनता कर्फ्यू</title>
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	<title>जनता कर्फ्यू</title>
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		<title>कोरोना काल की कहानी: जनता कर्फ़्यू-3</title>
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		<pubDate>Thu, 23 Apr 2020 12:57:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a495e0a58be0a4b0e0a58be0a4a8e0a4be-e0a495e0a4bee0a4b2-e0a495e0a580-e0a495e0a4b9e0a4bee0a4a8e0a580-e0a49ce0a4a8e0a4a4e0a4be-e0a495.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95/">कोरोना काल की कहानी: जनता कर्फ़्यू-3</a></p>
<p>डॉ. मनीष पाण्डेय ……चाय के साथ पारले बिस्किट (गोल्ड वाला क्योंकि नॉर्मल का स्वाद अब चावल की भूंसी जैसा हो गया है) भिगाकर खाते हुए आशीष के मोबाइल पर रिंग आती है, जिसे वह सेकंड के दसवें भाग में ही रिसीव कर लेते हैं, क्योंकि उंगलियां तो हमेशा स्क्रीन पर ही फिरती रहती हैं। कल &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="150" height="150" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a495e0a58be0a4b0e0a58be0a4a8e0a4be-e0a495e0a4bee0a4b2-e0a495e0a580-e0a495e0a4b9e0a4bee0a4a8e0a580-e0a49ce0a4a8e0a4a4e0a4be-e0a495.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95/">कोरोना काल की कहानी: जनता कर्फ़्यू-3</a></p>
<p><span><strong>डॉ. मनीष पाण्डेय</strong></span></p>
<p><img decoding="async" class="alignleft wp-image-111219 size-thumbnail" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a495e0a58be0a4b0e0a58be0a4a8e0a4be-e0a495e0a4bee0a4b2-e0a495e0a580-e0a495e0a4b9e0a4bee0a4a8e0a580-e0a49ce0a4a8e0a4a4e0a4be-e0a495.jpg" alt width="150" height="150"/>……चाय के साथ पारले बिस्किट (गोल्ड वाला क्योंकि नॉर्मल का स्वाद अब चावल की भूंसी जैसा हो गया है) भिगाकर खाते हुए आशीष के मोबाइल पर रिंग आती है, जिसे वह सेकंड के दसवें भाग में ही रिसीव कर लेते हैं, क्योंकि उंगलियां तो हमेशा स्क्रीन पर ही फिरती रहती हैं। कल डॉक्टर यहाँ नंबर लग गया, चलना है का फ़रमान जारी होते ही “देखते हैं, सुबह एडीएम ऑफिस जाकर पास बनवाना पड़ेगा” के साथ बात समाप्त होती है।</p>
<p>सड़कें वीरान और गलियाँ सुनसान हैं। इन्ही के बीच जिलाधिकारी कार्यालय में कुछएक लोग तितर-बितर टहलते दिखाई देते हैं, जिसके एक ऑफिसनुमा कमरे में “कल जाइएगा, शाम तक पास बन जायेगा” सुनते ही आशीष ने अपना परिचय देते हुए तर्क रखा “आज डॉक्टर से बात कर चुके हैं, जाने कल बैठें कि नहीं” जिस पर कुछ सहमत होते हुए एसडीएम मातहद को एप्लीकेशन पकड़ा जल्दी बनाने का आदेश देते हुए बोले “ठीक है सर 10 मिनट थोड़ा बाहर टहल कर आइये, पास बनवाने वालों की भीड़ बहुत है न”।</p>
<p>ओके, थैंक्यू! कह आशीष ऑफिस के कमरे से बाहर निकलते हैं। 11 बज चुका है और एक आदमी जल्दी-जल्दी ज़मीन पर चाक से गोला का निशान बना रहा, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।</p>
<p>वहीं गाँधी टोपी लगाए एक बुज़ुर्ग, बाबू के कार्यालय में खड़े फ़ोन पर बोलते हैं, “मैं रामखेलावन पाण्डेय बरिष्ठ कांग्रेसी नेता बोल रहा हूँ, ……जिले के आपिस में हूँ….पास बनवाने में भी दुनियाभर का तमाशा बनाए हुए हैं………..” और फ़ोन ऑफिस बाबू को पकड़ाते हुए,” लीजिये बात करिये प्रदेश अध्यक्ष जी हैं”….कुछ बातें होती हैं, फिर फोन वापस करते हुए, “शमवा को आ जाइये आपका पसवा बन जायेगा” बाबू लगभग टरका देते हुए बोला। तबतक सामने से कमरे में प्रवेश कर रहे एक व्यक्ति हाहाकारी भाषा में बुढऊ नेता को संबोधित कर झाड़ पर चढ़ाता है, “आपके के नाई जानत, हम नाही जनती, कि डीएम साहब नाई जनतं, कि हेन (ऑफिस स्टाफ़ को उँगली दिखाते हुए) नाई जानत बाटें” “अरे उ तो ठीक है….के जानत नाई बाय बहरहाल….काम होने से मतलब है” गर्वानुभूति के साथ नेताजी मधुर भाषा में टिप्पणी करते हैं।</p>
<p>हालाँकि अब इस हक़ीक़त को सब जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में बचे-खुचे छोटे कार्यकर्ता टाइप कांग्रेसी नेताओं को कौन पूछता है? कोटे वाला जमाना क्या बीता सबकी राजनीति ही ख़त्म हो गई। वो भी क्या दिन थे जब चीनी,तेल, सीमेंट से लेकर गाड़ी, घोड़ा, नौकरी और पुलिस से सुरक्षा तक सब कुछ स्थानीय कांग्रेसी नेता की सिफ़ारिश पर मिलता था, अब तो मंत्री, मुख्यमंत्री को भी अपने मन का करने में लोहा लेना पड़ता है। कोई भौकाल ही नही रहा नेताओं का; लेकिन कुछ पुराने उन दिनों की कहानियां याद कर उस ज़माने के नेताओं के हनक की गाथा गाते हैं। खैर, आशीष पास लेकर अपने तय लक्ष्य पर निकलते हैं।</p>
<p>शाम में घर वापसी होती है, गाड़ी के कई बार हॉर्न बजाने के बाद हरचरन, “ससुरारी गइल रहला का भैया” कहते हुए गेट खोलता है। “हे ए…भैया आज गोंहू काटे वाली मशीन लगल बाय खेते में” हरचरन ने बात आगे बढ़ाई।<br />“खेतवा में के गइल बाय” के प्रश्न पर हरचरन, ” बड़का भैया….अरे हरेरमवा सार भी बाय वहीं” कहते हुए गेंहू ट्राली से गिरवाने के लिए जमीन पर तिरपाल बिछाने चला गया।<br />“भैया पालागी, बाबा बाटैं का?” कोई अजनबी आदमी सामने से आते हुए बोला<br />“हाँ सिंपल के घरा ओरियाँ गइल बाटें शायद! गेंहू कट रहा है, उधर ही। वैसे कहाँ घर है ?” आशीष बोले।</p>
<p>यहीं उतरैठे…काव कहल जाय बाबू आज कल मनई से कटवाय के दँवराही करवले में अढ़ाई तीन हजार बिगहा परि जात बाय औ पैदा कुच्छ नाही! ऊपर से मनई मिलवार नाई” (गाँव में ‘एक पूछा चार बतावैं वाली’ अंगद प्रवृत्ति बड़े व्यापक रूप से पाई जाती है, उसी के आलोक में इस जवाब को भी समझा जा सकता है)</p>
<p>आशीष सिर सहमति में हिलाते हैं कुछ बोलने को तबतक हरचरन की आवाज आती है, “अच्छा तब कितो बैठा नाहीं त् वहीं सड़किये ओर जाय के मिलि लै…जो तो जल्दी होय”। अब अढ़ाई तीन हजार की बात तो हरचरन के सिर के ऊपर से गुज़र गई थी; भला दस, बीस, पचास और सौ तक की समझ रखने वाले से हजार के आँकड़े की बात करना उसकी क्या अपनी नजर में भी चूतियापा लगता है। मार्क ट्वेन का जगत प्रसिद्ध कथन,</p>
<p>‘कभी मूर्ख लोगों के साथ बहस मत कीजिये। वो पहले आपको अपने स्तर तक खींच लायेंगे और फिर आपको अपने अनुभव से मात दे देंगे’,<br />इसकी अंतिम लाइन आज के विशेषकर फेसबुकियों के संदर्भ में संसोधित करने की ज़रूरत है, कि वो आपको अपने स्तर तक लाएंगे और अपने चयनित समझ और थेथरई से आपको परास्त कर देने का दंभ भरेंगे। तो आदमी समझदार था, बिना बहस बढ़ाए अपने रस्ते बढ़ गया। फेसबुक पर होता तो शायद जंग में उतरता भी! सामनी-सामना तो मामले के वाचिक से कायिक प्रकार की हिंसा में बदल जाने का ख़तरा रहता है।</p>
<p>अगला दिन….कुछ गेंहू जमीन पर तो कुछ ट्राली में लदा पड़ा है। दुपहरी की धूप अब चुभ रही है। लोग मन में थोड़ा खुश भी हैं कि गर्मी बढ़ेगी तो कोरोना मरेगा। वहीं बाहर के धूप-धूल और ऑफिस, दुकान, अस्पताल, आदि से दूर “घर में रहे, सुरक्षित रहें” के मंत्र में मगन लोग फेसबुक पर पिले पड़े हैं।</p>
<p>9 साल पुरानी प्रोफाइल पिक पर अचानक से कमेंट दिखते ही आशीष चौंक कर मामला समझने की कोसिस करते हैं, तबतक देखा कि परीक्षित की भी टिप्पणी आ गई है,”भाई लॉकडाउन में कई खनन माफ़िया सक्रिय हैं”</p>
<p>“अरे भाई योगी जी के शासन में माफ़िया बनने का दुस्साहस!” लिखकर आशीष टिप्पणी का जवाब देते हैं,</p>
<p>तब तक उमेश त्रिपाठी</p>
<p>“अब दिल का ग़ुबार क्या जो गुज़र गया सो गुज़र गया”</p>
<p>कहकर माहौल में रंगीनियत भरने की कोसिस करते हैं।</p>
<p>ऐसे ही न जाने कितनी घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर मीम् बनाए जा रहे….</p>
<p>पुरानी स्मृतियाँ क्या होती हैं! फेसबुक तो अक्सर मेमोरीज़ के टैगलाइन के साथ हरेक पोस्ट का वर्षगाँठ मनाता है, लेकिन कुतुहली लोग दूसरों को प्रोफाइल खंगाल प्राचीनतम फ़ोटो निकाल रहे, जिसे देखेने के बाद ख़ुद पर हँसी आती है, कि कैसे थे हम! हालाँकि माहिर लोग ऐसी फोटोज़ को ठिकाने लगा चुके होंगे, फँसते तो केवल सीधे-साधे लोग ही हैं।</p>
<p>वैसे गुजरा जमाना कभी न कभी सबको याद आता है। सकारात्मक स्मृतियां तो व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं उपहार सी होती हैं, लेकिन कुछ यादें परेशान कर देती हैं। मन पीड़ा से भर जाता है। इससे निज़ात पाने की कोसिस एक सामान्य मानव प्रवृत्ति है, लेकिन मन का सोंचा कभी होता है क्या? ना ही उसपर किसी का कोई वास्तव में नियंत्रण बन पाता है। उसे बहलाने के तरीके का सामान्यीकरण शायद ही संभव है। जितने मन उतने अलग तरीके, कोई किसी को समझा बुझा सकता है, ये भी एक भ्रम है। वैसे अपने दुःख अपने ही निपटना होता है। रहीम दास ऐसे ही नहीं कह गए,</p>
<p>“रहिमन निज मन की व्यथा, मन में राखो गोय। सुनि इठलैहैं लोग सब, बाटि न लैहै कोय॥”</p>
<blockquote readability="13">
<p><span><strong>यादें टाइम मशीन की तरह हैं, लम्हों में ही अतीत की सैर करा देती हैं, लेकिन ये समय की ताकत है, जो सब कुछ भुला ही नहीं देती बल्कि व्यक्ति को प्रकृतिस्थ कर देती है। सारी पुरानी कड़वी यादें, दुःख और विषाद आज के समय से सामान्य लगने लगती हैं। समय में ही अलौकिक शक्ति है, जो सबकुछ सहन करा देती है।</strong></span></p>
</blockquote>
<p>फिर भी स्मृतियों से विरत कौन हो पाता है! वो बचपन की यादें, वो जगजीत सिंह की गज़ल की पंक्तियाँ जैसे कागज़ की किश्ती! पढ़ने से मन का ऊब जाना, ख़यालों में डूबना-उतराना, बरसात के बाद बंद पड़े बक्सों के सामानों का बाहर निकालना या ठंड शुरू होने पर कंबल,रजाई और कपड़ों को धूप दिखाना, संबोधन की जगह नाम भरने का जगह खाली रखकर औचक ज़रूरत के लिए पर्स में प्रेम पत्र रखने वाले उस दोस्त का ख़याल, कल्पित दुनियां में जीने की मूर्खता, स्कूल बंद होने की वेदना और खुलने पर होने वाली अकुलाहट, किताबों में छिपे कॉमिक्स, आम के पेड़ की डालियों पर किताबें लेकर बैठना और खुद के मन को बहला कि पढ़ना है, असीमित मौज-मस्ती, गाँव घर के झगड़ो को देखना, फिर वही साथ रहना, लूडो, शतरंज, कैरम से चित्रहार और फ़िल्मी कहानियों के चरित्र में खुद को महसूस करने तक में कभी ख़ुशी तो एकाध बार की दुःखद घटनाएं…..यादों का असीमित संसार है।</p>
<p>…. ‘यह समय भी गुजर जाएगा, कैसा-कैसा वक्त निकल गया…! खैर इस नॉस्टैल्जिया से भविष्य के प्रति आशा पनपती है।</p>
<p>उधर आशीष के घर पर लोग टी.वी. खोल शाम के रामायण प्रसारण के इंतज़ार में बैठे हैं। न्यूज़ चैनल पर सस्पेंस बनाने वाले एंकर के चीख़ते शब्द सुनाई दे रहे<br />“नमस्कार मैं हूँ दुर्नब शम्स…आप देख रहे हैं ‘हलचल’… चीन से लेकर ईरान रूस…. स्पेन,इटली से लेकर अमेरिका और भारत तक आधी दुनिया कोरोना के कहर से कराह रही है। शहर तो शहर…देश के देश सन्नाटे में डूबे हैं। अजीब माहौल और मंज़र है। ये अभी और खौफनाक होगा…लेकिन इसे फ़ैलाने को लेकर दुनियां के देशों में तक़रार जारी है…आख़िर किसने फ़ैलाया कोरोना….क्या है इसके पीछे की साज़िश..”</p>
<p>तभी इन सब पर जरा भी कान न दे रहे हरेराम “अरे बाऊ असलीयत से ज़्यादा त् अफ़वाह कुल फैलावत बाटन; गोरखपुर में एक्को मरीज़ नाही हइन! सब झुट्ठे अफ़वाह उड़ावत रहने यहीं क मनये” बोलते हुए कोरोना को अंडरमाइन करने की कोसिस करते हैं,</p>
<p>तो जवाब मिलता है कि, बचपने का याद आता है शायद सन 48 या 49 के आसपास जब हैजा फैला था, सब अपने लड़िकन के नाते-बाते में भेज देहले रहल, हम खुदे फुआ के यहाँ रहली! याद आवला कि उनके यहाँ खाना खाते मछरी का कांटा फंस गइल गटइया में, तब खाँचा-वांचा लेकर सुनार आइके निकलने, अब मछरी त कबो यंह खइले नाई रहली और वह के मिसिर लोगन के चौकवे में बनत् रहै”</p>
<p>हरेराम टोकते हुए बोल पड़े, “हां अइया हमार बतावै ई हैजवा वाली बतियाँ….हमरे बिरादरियां में खइले-रहले क भी त परेशानी रहै, बकिर जौन अनजवा खाय जाय उ मनइयन के देही लागै, अब दुनियाभर के चीज सब खात बाय लेकिन रोग वतनै बढ़त बाय”</p>
<p>इसी बीच आशीष फोन की रिंग बजने पर कॉल रिसीव करने बाहर निकलते हैं और वार्तालाप शुरू होता है;<br />“हेलो, हाँ बताइए, क्या हाल है?” के जवाब में दिग्गी तिवारी बोलते हैं, “हाँ, सब ठीक बा, लेकिन कुछ मज़ा नहीं आ रहा; इधर आयोग में भी सब काम ठप पड़ गया है”<br />आशीष: अब क्या करिएगा! इसका कोई विकल्प भी तो नहीं! थोड़ा वेट करिए, सब अच्छा ही होगा”<br />दिग्गी : हाँ वो तो है ही, इस कोरोना ने सब गड़बड़ कर दिया, अब खाली हूँ तो यूपीपीएससी की तैयारी का वीडियो लेक्चर बनाने में ही टाइम पास हो रहा।<br />“हां…ये भी बढ़िया आईडिया है….सीखना है मुझे भी ये सब बिना इसके चलेगा नहीं, सब जगह ऑनलाइन कंटेंट लोड करना पड़ रहा” आशीष बोलते हुए,<br />“बड़ी समस्या तो नेटवर्क वाली है, अब तो जिओ भी एकदम कबाड़ा हो गया है…क्या कोई ख़ाक ऑनलाइन पढ़ेगा” दिग्गी ने कहा।</p>
<p>आशीष उत्तर देते हुए,”दरअसल ये सब चीजें अपने इलाके में अभी हो नहीं सकती, सब चोंचलेबाजी है, लेकिन क्या करिएगा दिखावे का ही जमाना है। कुछ कह दीजिये तो व्यवस्था समर्थन का ठेकेदार बनने वाले लोगों को बड़ा बुरा लगता है….ख़ैर छोड़ा इ सब बवाल…वीडियो बनाकर डाल दिया जाए यूट्यूब पर , जिसकी जब मर्ज़ी देखे….ये जूम-फूम से क्लास भला चलि पाई..”</p>
<blockquote readability="10">
<p><span><strong>“हाहाहाहा….हैक अलग से हो जाई… ई स्कुलवा वाले तो फीस लेहले खरतिन परेशान बाटें कुल…वहमे इहे बहाना रही कि ऑनलाइन क्लास चला है…” दिग्गी बोले।</strong></span><br /><span><strong>फ़िर आशीष बात खत्म करते हुए,”अच्छा और सब ठीक है न….तो…आज आवा बजारे ओर …मुलाकात होय, शाम में।</strong></span></p>
</blockquote>
<p>‘ठीक है, मिलते हैं’.. दिग्गी तिवारी ने हामी भरते हुए कहा।</p>
<p>उसी शाम फोरलेन सड़क पर सन्नाटे के सिवा कुछ महसूस नहीं हो रहा! एक्का दुक्का सरकारी गाड़ी नजर आती है, तो तीन चार आदमी पैदल छोटा बैग लिए चले जा रहे। फिर मुड़कर कातर निगाहों से किसी साधन को ताकते हैं, शायद कोइ मंजिल तक पहुंचा दें।</p>
<p>उसी हाइवे के बगल बंद पड़े पशु बाजार के बैठके में रंदीप हैं,’ अरे यार अभी तक नीरज पाड़े जुर्राट (जुर्राट व्यंग्यात्मक उपनाम है) नहीं आया, फोन करा’ बात काटते हुए मिराज बोले , ‘अबे उ बिना मतलब बहस करी इहाँ आके….जाए द”<br />“हाँ आज कल त जबर कट्टरपंथी भइल बाय” रंदीप बोले …..तब तक “अरे सारे तोहने हमरै बुराई करत रहाला हरदम” बोलते हुए नीरज जुर्राट का प्रवेश होता है।<br />“सुनो आशीष तुम्हारे जैसे सेकुलरों के कारण ही हिन्दू मात खाते हैं, कभी इनके खिलाफ भी बोलो, कहाँ गए अबीश रविश कुमार, राहुल, ममता और कमनिस्ट लोग!” लगभग आक्रामक होते हुए जुर्राट बोले।</p>
<p>“अरे यार यहां तुम्ही तो हो जो बकवास बात कर रहे हो, तो तुम्हे ही तो टोकूँगा बाकी उन छद्म सेकुलरों खिलाफ भी तो लिखता हूँ, जो भी गलत रहेगा उसको रोकना ही तो लोकतंत्र है। हाँ एक बात और कि अपनी कलम अपनी आवाज मजबूत रखो दूसरे से बोलने की अपेक्षा बताती है, कि तुम ख़ुद को कमजोर मानते हो” आशीष जवाब आता है।</p>
<p>“अच्छा! बाकी कहीं लिंचिंग हो तो एक पूरा समुदाय और राष्ट्रवादी सराकर जिम्मेदार; सेकुलरों के राज्य में साधुओं की हत्या हो तो सर्वसमाज पर चिंता; अरे वाह! ये लिब्रल्स ही देश के सबसे बड़े गद्दार हैं” नीरज जुर्राट ने व्यंग भरी टिप्पणी की।</p>
<p>“भाई देख़ो हो सकता है अगला आपकी तरह घड़ियाली आँसू बहाने का अभ्यस्त ना होकर वास्तव में सामाजिक विकृतियों को लेकर पीड़ा महसूस कर रहा हो! लिंचिंग कहीं भी किसी का भी हो अक्षम्य है। अरोपियो को सम्मानित नही किया जाना चाहिए! सख़्त सजा होनी चाहिए, फिर दुबारा कोई ऐसी हरकत ने करें”</p>
<p>इसी बीच मिराज बोल पड़े “न्यूज़ देखा रात में ये लोग कितना हिंदू-मुस्लिम खुलकर कर रहे, महाराष्ट्र में तो दो पत्रकार झूठ फैलाने में गए जेल”</p>
<p>बात रोकते हुए आशीष बोले, “न्यूज़ देखते ही क्यों हो भाई! ये मीडिया पर डिबेट कराने वाले तुम्हारे दिमाग को पीड़ित कर देंगे, या तो डरा देंगे या घृणा भर देंगे। ज़रूरी खबरें वेबसाइट या अखबार से पढ़ लिया करो”</p>
<blockquote readability="13">
<p><span><strong>तभी मोबाइल पर घंटी बजी और आशीष बोल पड़े,” हां भैया! कहिए कैसे हैं” उधर से शुकुल जी झुँझलाते हुए ,”क्या बढ़िया है, व्यवस्था तो बना रहे हैं, लेकिन बहुत से गरीबों को परेशानी हो रही। सब्जी वैगरह बेंचने वाले छोटे वेंडर्स जो एक एक कमरे लेकर किराए पर रहते थे, अब मकान मालिक कोरोना फैलने के डर से कमरा छोड़ने का दबाव बना रहे। शासन कोसिस तो पूरी कर रहा लेकिन कुछ ख़ास कर भी तो नही सकते।”</strong></span></p>
</blockquote>
<p>आशीष ने कहा, “क्या किया ही जा सकता है, मैंने खुद एकदिन हेल्पलाइन पर फ़ोन किया तीन बार कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला। लेकिन कोई सरकार होती तो ऐसे ही सब मामला हैंडल करती। इससे बेहतर नही हो सकता। वैसे पैसा वैसा तो जा रहा है पर्याप्त खाते में। असल मार तो मध्य वर्ग पर पड़ने जा रही”</p>
<p>“अरे छोड़िए, ये बताइए आज तो मुझे लगा दुकानें खुलेंगी, कुछ मजा नही आ रहा” शुक्ल जी बोले<br />आशीष: अरे ठीक है, इसी बहाने सबकी आदत छूट जाएगी…(ठहाकेदार सबकी हँसी…फोन स्पीकर पर है)<br />रंदीप: “अरे शुक्ला जी हैं क्या? कैसे….चल रहा है ये तो विपत्ति कॉल है। इसमें खाने-पीने पर रोक तो अमानवीय है। लेकिन क्या करिएगा ये मोदी-योगी जी पान का पत्ता तक खाते नही तो का जाने हमारा दर्द!<br />नीरज जुर्राट : अरे यार एक महीना हो गया डर के मारे पान नही खाया। कहीं कोरोना न हो जाए…<br />“सुरतिया त् खात बाटा न, उ त् नाई छुटल होई” शानू सिंह बोले..<br />‘अरे अब उहे त् जिअवले बाय’ नीरज का हँसी के साथ जवाब।<br />मिराज मौका देख उलाहने देते हुए कहते हैं,” अरे ई बहुत बड़ा मलिच्छ बाय, वही जहाँ सूती, बेडा के निचवै सुर्ती थुकले रहेला…”<br />“हां… हाँ तू तो सहिए में केवड़ा जल से ……..धोवाला; बहुत बड़ा सफाइवार भइल बाटा….अरे साले तुम सब न, घबड़ाओ न हिन्दू राज आ गया है” नीरज मजा लेते हुए बोले।<br />“उखाड़ लिहो तब् तू” मिराज का उतने ही गुस्से में जवाब।<br />हँसी के साथ शानू मामला शांत करते हुए, ” ए भाई मिराज लावा एकाध लाख दै द सुलह करा देइ….”</p>
<p>(अलिखित नियम सबको पता है मित्रों में किसी बात का कोई बुरा नहीं मानता, हाँ सोशल मीडिया पर एकदूसरे की टिप्पणियों को देखने मन में सबके थोड़ी कसक जरूर बन जा रही… वैसे ज़्यादा किसी को परवाह नहीं….पूर्वांचल में ग़म को जगजीत सिंह के गज़ल की तरह मुस्करा कर नहीं….ठहाके लगाकर छिपाया जाता है।)</p>
<p>घंटों बकैती चलती है, राजनीति,धर्म, साम्प्रदायिकता, लॉकडाउन की समस्या, कोरोना से बचने के उपाय, चीन को गाली, अमेरिका की दादागिरी पर गर्व तो कभी अफ़सोस, देश ही नहीं व्यक्तिगत सबके हो रहे आर्थिक नुकसान, मानसिक अवसाद, खेती-किसानी, और पुलिस-प्रशासन के मूल्यांकन बीच आपस में एक दूसरे पर चरित्र दोष और धूर्तता का भयंकर आरोप और खंडन के साथ सभा भंग होती है, कि जाने कब ये सब मामला खत्म हो और पूरी गोल साथ बैठे…कुछ पार्टी शॉर्टी होय….इतने आईसोलेट होकर रहने के लोग आदी नहीं और तुलसी बाबा भले कहे गए कि<br />“सब कै निंदा जे जड़ करहीं। ते चमगादुर होइ अवतरहीं॥”<br />लेकिन यहाँ निंदा रस का पान तो होगा ही, अगला जन्म चमगादड़ का जब होगा तब देखा जाएगा!<br />वैसे भी अब कहीं आने-जाने का ई-पास बनने लगा है!</p>
<p><strong>(लेखक समाजशास्त्र के प्रवक्ता है)</strong></p>
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		<title>लॉकडाउन से हर दिन कितना नुकसान हो रहा है?</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Apr 2020 11:07:31 +0000</pubDate>
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<p>न्यूज डेस्क 25 अप्रैल से भारत लॉकडाउन है। ज्यादातर लोगों को उम्मीद थी कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होगा तो उनकी जिदंगी पटरी पर लौटेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन में 19 दिनों का विस्तार दे दिया जिसके बाद से लोगों की चिंता और बढ़ गई। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया &#8230;</p>
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<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-162409" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581.jpg" alt width="642" height="480" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581.jpg 642w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-3.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 642px) 100vw, 642px"/></p>
<p><span><strong>न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>25 अप्रैल से भारत लॉकडाउन है। ज्यादातर लोगों को उम्मीद थी कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होगा तो उनकी जिदंगी पटरी पर लौटेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन में 19 दिनों का विस्तार दे दिया जिसके बाद से लोगों की चिंता और बढ़ गई।</p>
<p>कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को कितना नुकसान पहुंचाया है इसका आंकलन आने वाले समय में होगा। दुनिया के ज्यादातर देशों ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का सहारा लिया है। यह लॉकडाउन अर्थव्यवस्था के नजरिये से बहुत महंगा साबित हो रहा है।</p>
<p>भारत में लॉकडाउन लागू हुए 25 दिन हो गए हैं। इस दौरान एक अरब से ज्यादा आबादी घरों में बंद है। काम-धाम सब ठप है। लॉकडाउन से देश को कितना नुकसान हो रहा है उसे इन आंकड़ों से समझा जा सकता है। नेशनल हॉकर्स फेडेरेशन के मुताबिक देशभर के चार करोड़ से अधिक रेड़ी-पटरी-ठेलेवालों में 95 फीसदी घर पर बैठे हैं, और आठ हजार करोड़ रूपये दैनिक का टर्नओवर देने वाले भारतीय अर्थव्यवस्था के इस हिस्से की पूंजी तेजी से बिखर रही है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-159496" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-1.jpg" alt width="735" height="419" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-1.jpg 735w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-4.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 735px) 100vw, 735px"/></p>
<p>नेशनल हॉकर्स फेडेरेशन के अनुसार फल-सब्जी, चाट-गोलगप्पे, मसाले, अनाज से लेकर मोबाईल ऐक्सेसरीज बेचने वाले इस सेक्टर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से- जैसे घरों में कारखाना चलाने वाले, सप्लायर्स, छोटे किसान और दूसरे लोग जुड़े हैं, जिनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया।</p>
<p>रिक्शे-ठेले चलाने वाले, घरों में काम करने और छोटे-छोटे धंधों में लगे हुए दूसरे लोगों को, जिनकी अब तक बात तक नहीं उठी है, अगर शामिल कर लें तो ये तादाद करोड़ों में है।</p>
<p>उद्योग और व्यवसाय से जुड़े संगठन फेडेरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यानी फिक्की के एक अनुमान के अनुसार बंद के हर दिन भारतीय अर्थव्यवस्था को चालीस हजार करोड़ रूपयों का नुकसान हो रहा है। संगठन की अध्यक्ष संगीता रेड्डी के मुताबिक साल 2020 के अप्रैल-सितंबर के बीच कम से कम चार करोड़ नौकरियों के जाने का खतरा है।</p>
<h3><span><strong>लॉकडाउन की वजह से कितनी नौकरियां जाएंगी</strong></span></h3>
<p>दुनिया के जाने-माने बैंकों और रेटिंग एजेंसियों ने भारत की अर्थव्यस्था के बढऩे के अनुमान को काफी कम कर दिया है। 14 अप्रैल को पीएम मोदी, लॉकडाउन में जो 19 दिनों का विस्तार दिये थे उस पर ब्रिटिश ब्रोकरेज एजेंसी ने अर्थव्यवस्था को 234.4 अरब डॉलर यानी 17 लाख 87 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जताया था। साथ में एजेंसी ने साल 2020 के पुर्वानुमान को ढ़ाई प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया।</p>
<p>वहीं फिच रेटिंग्स को लगता है कि इसमें दो फीसदी की बढोत्तरी की दर्ज हो सकती है, उस हिसाब से एडीबी यानि एशियन डेवलपमेंट बैंक चार फीसदी पर अधिक आशावान दिखता है। वर्ल्ड बैंक ने दक्षिणी एशिया के आर्थिक फोकस रिपोर्ट में इस बढ़ोतरी को डेढ़ से 2.8 प्रतिशत के बीच रखा है, जो उसके मुताबिक पिछले तीन दशक में सबसे कम है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-157929 size-full" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-2.jpg" alt width="712" height="475" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-2.jpg 712w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/04/e0a4b2e0a589e0a495e0a4a1e0a4bee0a489e0a4a8-e0a4b8e0a587-e0a4b9e0a4b0-e0a4a6e0a4bfe0a4a8-e0a495e0a4bfe0a4a4e0a4a8e0a4be-e0a4a8e0a581-5.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 712px) 100vw, 712px"/></p>
<p>अर्थशास्त्र के शिक्षक डॉ. योगेश बंधु मानते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ जायेगी। वह कहते हैं, 22 मार्च को देश में जनता कर्फ्यू का आह्वान हुआ। उस दिन पूरा भारत बंद था और उसके बाद कई राज्यों ने अपने स्तर पर इसे आगे बढ़ाया। 22 मार्च से देश में सारी गतिविधियां बंद पड़ी हैं और जब ये शुरु होगी तो इसे पटरी पर आते-आते काफी वक्त लगेगा। इसमें किसी बढ़ोतरी का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है।</p>
<p>वह कहते हैं देश में बेरोजगारी की दर कहां पहुंच गई है इसको सीएमआई ने हाल के दिनों में अपनी रिपोर्ट में बताया था। बेरोजगारी दर 23 फीसदी पर पहुंच गई है। क्या आपको लगता है कि यह सब कुछ दिनों में ठीक हो जायेगा।</p>
<p>भारत 3 मई तक लॉकडाउन है। इसे खत्म किया जायेगा या कुछ पाबंदियों में ढ़ील दी जायेगी यह तो आने वाला वक्त बतायेगा। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाया है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<title>यूसी सर्वे: 87 प्रतिशत लोगों ने बताया सफल रहा ‘जनता कर्फ्यू’, 84 प्रतिशत चाहते हैं जारी रहे</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ranjeet Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2020 14:42:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जनता कर्फ्यू]]></category>
		<category><![CDATA[यूसी सर्वे]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=491396</guid>

					<description><![CDATA[<img width="740" height="389" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-740x389.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-740x389.jpg 740w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-320x168.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-768x404.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser.jpg 952w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87/">यूसी सर्वे: 87 प्रतिशत लोगों ने बताया सफल रहा ‘जनता कर्फ्यू’, 84 प्रतिशत चाहते हैं जारी रहे</a></p>
<p>नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 22 मार्च को पूरे देश में जनता कर्फ्यू का पालन किया गया. इस दौरान लोग घरों में रहें और शाम पांच बजे अपने-अपने घरों के बाहर ताली और थाली बजाया. इस मौके पर यूसी ब्राउजर ने डिजिटल यूजर्स के बीच एक सर्वे किया. इसमें पूछे गए दो &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="740" height="389" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-740x389.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-740x389.jpg 740w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-320x168.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-768x404.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser.jpg 952w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87/">यूसी सर्वे: 87 प्रतिशत लोगों ने बताया सफल रहा ‘जनता कर्फ्यू’, 84 प्रतिशत चाहते हैं जारी रहे</a></p>
<p>नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 22 मार्च को पूरे देश में <a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%95-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/491305/">जनता कर्फ्यू</a> का पालन किया गया. इस दौरान लोग घरों में रहें और शाम पांच बजे अपने-अपने घरों के बाहर ताली और थाली बजाया. इस मौके पर यूसी ब्राउजर ने डिजिटल यूजर्स के बीच एक सर्वे किया. इसमें पूछे गए दो सवालों के जवाब में 87% लोगों ने माना कि यह आयोजन देश में सफल रहा.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-491398" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser.jpg" alt="" width="952" height="501" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser.jpg 952w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-320x168.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-740x389.jpg 740w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/uc-browser-768x404.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 952px) 100vw, 952px" /></p>
<p>इसके साथ ही 84% लोगों ने साफ कहा कि इस जनता कर्फ्यू पूरे देश में ज्यादा दिनों तक लागू रखना चाहिए. गौरतलब है कि दुनिया के साथ भारत में भी कोरोना से ग्रसित लोगों की संख्य़ा में लगातार इजाफा हो रहा है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-491397 size-full" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/WhatsApp-Image-2020-03-23-at-7.55.11-PM.jpeg" alt="यूसी सर्वे" width="400" height="400" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/WhatsApp-Image-2020-03-23-at-7.55.11-PM.jpeg 400w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/WhatsApp-Image-2020-03-23-at-7.55.11-PM-300x300.jpeg 300w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/WhatsApp-Image-2020-03-23-at-7.55.11-PM-150x150.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>
<p>जनता कर्फ्यू को देखते हुए यूसी ने पूछा था कि क्या इसका आयोजन सफल रहा जिसका जवाब 57 हजार 182 लोगों ने दिया. इसमें से 49 हजार 892 लोगों ने कहा कि यह आयोजन सफल रहा जबकि 7 हजार 291 लोगों का कहना था कि यह सफल नहीं रहा. इसी प्रकार यूसी ने अपने यूजर्स से पूछा कि क्या जनता कर्फ्यू को कुछ अन्य दिनों के लिए जारी कर देना चाहिए? तो इसका जवाब 72 हजार 399 लोगों ने दिया. इसमें से 60 हजार 898 लोगों का कहना था कि इसे लंबे समय तक बढ़ा देना चाहिए. साथ ही 11 हजार 442 इसके विरोध में थे.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>&#8216;जनता कर्फ्यू&#8217; अपील पर TMC ने पीएम मोदी ने किया ये बड़ा सवाल, कहा&#8230;</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/tmc-asks-pm-modi-this-big-question-on-janata-curfew-appeal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pawan Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2020 12:26:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[जनता कर्फ्यू]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="675" height="450" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4.jpg 675w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4-320x213.jpg 320w" sizes="auto, (max-width: 675px) 100vw, 675px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/tmc-asks-pm-modi-this-big-question-on-janata-curfew-appeal/">&#8216;जनता कर्फ्यू&#8217; अपील पर TMC ने पीएम मोदी ने किया ये बड़ा सवाल, कहा&#8230;</a></p>
<p>देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की थी, जिसमें 65 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को घर से न निकलने की हिदायत भी शामिल है. सरकार ने एडवाइजरी भी जारी की है. इस एडवाइजरी पर सवाल खड़े करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता डेरेक ओ &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="675" height="450" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4.jpg 675w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4-320x213.jpg 320w" sizes="auto, (max-width: 675px) 100vw, 675px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/tmc-asks-pm-modi-this-big-question-on-janata-curfew-appeal/">&#8216;जनता कर्फ्यू&#8217; अपील पर TMC ने पीएम मोदी ने किया ये बड़ा सवाल, कहा&#8230;</a></p>
<p><strong>देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की थी, जिसमें 65 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को घर से न निकलने की हिदायत भी शामिल है. सरकार ने एडवाइजरी भी जारी की है. इस एडवाइजरी पर सवाल खड़े करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता डेरेक ओ ब्रायन ने पूछा कि संसद की कार्यवाही क्यों चल रही है?<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-490517" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4.jpg" alt="" width="675" height="450" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4.jpg 675w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/कोरोना-वायरस-4-320x213.jpg 320w" sizes="auto, (max-width: 675px) 100vw, 675px" /></strong></p>
<p><strong>डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा सरकार ने एडवाइजरी जारी की है कि 65 साल से अधिक आयु के लोग घर में रहें. रविवार को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया गया है. और फिर भी संसद की कार्यवाही क्यों चल रही है? यह भ्रामक संदेश क्यों? राज्यसभा में लगभग 44 फीसदी सांसद और लोकसभा में 22 फीसदी सांसद 65 और उससे ज्यादा आयु के हैं. आप खुद संसद भवन से गायब हैं.</strong></p>
<p class="post-box-title"><span style="color: #ff6600;"><strong><a style="color: #ff6600;" href="https://ujjawalprabhat.com/kamal-nath-government-farewell-after-15-months/490444/" target="_blank" rel="bookmark noopener noreferrer">15 माह के बाद कमलनाथ सरकार की विदाई, जानिए कौन होगा अगला सीएम?</a></strong></span></p>
<p><strong>आपको बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर पीएम मोदी ने चिंता जाहिर करते हुए लोगों से अपील की थी. उन्होंने 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पलान करने का आग्रह किया था और कहा था कि यदि बहुत जरूरी हो तो तभी घर से बाहर निकले. उन्होंने 65 वर्ष से ज्यादा के बुजुर्गों और 10 वर्ष से कम बच्चों को घर में रहने की सलाह दी थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हर भारतवासी सजग रहे, सतर्क रहें, आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत आवश्यक न हो अपने घर से बाहर न निकलें.</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<title>रविवार को देशभर में &#8216;जनता कर्फ्यू&#8217;, सभी दुकाने रहेंगी बंद</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/janata-curfew-across-the-country-on-sunday-all-shops/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahul Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2020 12:15:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जनता कर्फ्यू]]></category>
		<category><![CDATA[रविवार को देशभर में 'जनता कर्फ्यू']]></category>
		<category><![CDATA[सभी दुकाने रहेंगी बंद]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=490497</guid>

					<description><![CDATA[<img width="690" height="460" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-690x460.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-690x460.jpg 690w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-320x213.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-768x512.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3.jpg 875w" sizes="auto, (max-width: 690px) 100vw, 690px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/janata-curfew-across-the-country-on-sunday-all-shops/">रविवार को देशभर में &#8216;जनता कर्फ्यू&#8217;, सभी दुकाने रहेंगी बंद</a></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से &#8216;जनता कर्फ्यू&#8217; के आह्वान के जवाब में देशभर के व्यापारी रविवार को अपनी दुकानें बंद रखेंगे। ट्रेडर्स बॉडी CAIT ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, &#8216;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश भर में 7 करोड़ व्यापारी &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="690" height="460" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-690x460.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-690x460.jpg 690w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-320x213.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-768x512.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3.jpg 875w" sizes="auto, (max-width: 690px) 100vw, 690px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/janata-curfew-across-the-country-on-sunday-all-shops/">रविवार को देशभर में &#8216;जनता कर्फ्यू&#8217;, सभी दुकाने रहेंगी बंद</a></p>
<p><strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से &#8216;जनता कर्फ्यू&#8217; के आह्वान के जवाब में देशभर के व्यापारी रविवार को अपनी दुकानें बंद रखेंगे। ट्रेडर्स बॉडी CAIT ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, &#8216;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश भर में 7 करोड़ व्यापारी रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू में भाग लेंगे और अपनी दुकानें बंद रखेंगे। इस दौरान व्यापारियों के लगभग 40 करोड़ कर्मचारी घर पर रहेंगे।&#8217;</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-490507" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3.jpg" alt="" width="875" height="583" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3.jpg 875w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-320x213.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-690x460.jpg 690w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2020/03/Bank-closed3-768x512.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 875px) 100vw, 875px" /></p>
<p><strong>उन्होंने कहा, दिल्ली में लगभग 15 लाख व्यापारी और उनके लगभग 35 लाख कर्मचारी जनता कर्फ्यू में भाग लेंगे। गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सभी भारतीयों से कोरोनोवायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए जितना संभव हो सके घर में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया ने कभी इतना बड़ा खतरा नहीं देखा है।</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;"><strong>यह भी पढ़ें: <span style="color: #ff9900;"><a style="color: #ff9900;" href="https://ujjawalprabhat.com/mp-daughter-of-congress-rebel-mla-commits/490460/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">MP: कांग्रेस के बागी विधायक की बेटी ने की आत्महत्या, जाने पूरा मामला…</a></span></strong></span></p>
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<div id="details_midarticle_480x320" data-google-query-id="CO34msuCqegCFeoVtwAdlewNvw">
<p><strong>पीएम ने 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे के बीच जनता कर्फ्यू का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी नागरिक इस दौरान घर से बाहर न जाए। मोदी ने कहा कि इस वायरस ने कई देशों को जितना प्रभावित किया है उतना प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध ने भी प्रभावित नहीं किया था।</strong></p>
<p><strong>प्रधानमंत्री ने देश की जनता से कहा कि मुझे आपके कुछ सप्ताह, आपका कुछ समय चाहिए। मोदी ने कहा कि कोरोनोवायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं है, इससे बचने का एक ही तरीका है कि आप घर के अंदर रहें।</strong></p>
<div class="relativeNews"></div>
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<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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