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	<title>PMC Data</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
	<lastBuildDate>Sat, 16 May 2026 06:54:02 +0000</lastBuildDate>
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	<title>PMC Data</title>
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		<title>मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, 37 जिलों में लू का अलर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 06:53:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[भीषण गर्मी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="653" height="327" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-10.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-2/">मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, 37 जिलों में लू का अलर्ट</a></p>
<p>मध्य प्रदेश में मई की गर्मी अब खतरनाक स्तर पर पहुंचती दिख रही है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को 12 शहरों का पारा 43 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा गर्म खंडवा रहा, जहां तापमान 45.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने शनिवार &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="653" height="327" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-10.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-2/">मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, 37 जिलों में लू का अलर्ट</a></p>

<p>मध्य प्रदेश में मई की गर्मी अब खतरनाक स्तर पर पहुंचती दिख रही है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को 12 शहरों का पारा 43 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा गर्म खंडवा रहा, जहां तापमान 45.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 37 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं कई जिलों में दिन के साथ रातें भी तपेंगी। इंदौर, उज्जैन और मंडला में वॉर्म नाइट की स्थिति रहेगी, यानी रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।</p>



<p><strong>इन जिलों में चलेगी लू</strong><br />भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, छतरपुर, सागर, दमोह समेत कई जिलों में लू का असर रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक इन इलाकों में दोपहर के समय हालात ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।</p>



<p><strong>कहीं लू तो कहीं ओले<br /></strong>प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ कई जिले भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। कटनी में तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, जबकि उमरिया में आंधी और बारिश से खरीदी केंद्रों में रखा गेहूं भीग गया। सागर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, गुना, शिवपुरी और रायसेन समेत कई जिलों में भी शाम को मौसम बदला।</p>



<p><strong>बड़े शहरों का तापमान</strong></p>



<p>खंडवा &#8211; 45.1 डिग्री<br />शाजापुर -44.6 डिग्री<br />खरगोन &#8211; 44.2 डिग्री<br />रतलाम &#8211; 44 डिग्री<br />भोपाल &#8211; 42.8 डिग्री<br />उज्जैन &#8211; 42.5 डिग्री<br />इंदौर &#8211; 41.8 डिग्री<br />जबलपुर &#8211; 41.8 डिग्री<br />ग्वालियर &#8211; 40.9 डिग्री</p>



<p><strong>अगले 4 दिन तक राहत नहीं<br /></strong>मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक 16 से 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी बनी रहेगी। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि मई के ज्यादातर दिनों में प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का असर रहा। 15 दिनों में 13 दिन मौसम बदला रहा, लेकिन अब अचानक तेज गर्मी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। फिलहाल शनिवार को बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।</p>



<p><strong>मौसम विभाग की एडवाइजरी</strong></p>



<p>दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें<br />लंबे समय तक धूप में न रहें<br />हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें<br />बच्चे और बुजुर्ग विशेष सावधानी रखें<br />दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>लॉजिस्टिक्स में दिल्ली हुई नंबर-1: अब ग्रीन फ्रेट कॉरिडोर की तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 06:09:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रीन फ्रेट कॉरिडोर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="817" height="465" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-48.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-48.jpg 817w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-48-768x437.jpg 768w" sizes="(max-width: 817px) 100vw, 817px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9/">लॉजिस्टिक्स में दिल्ली हुई नंबर-1: अब ग्रीन फ्रेट कॉरिडोर की तैयारी</a></p>
<p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (लीड्स) 2025 इंडेक्स में दिल्ली को देश की सबसे ऊंची ‘इग्जेम्प्लर’ (उत्कृष्ट) श्रेणी में जगह मिली है। उन्होंने इसे राजधानी के लिए गर्व का क्षण बताया। दिल्ली ने लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था में देशभर में नई पहचान बनाई है। लीड्स 2025 इंडेक्स में &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="817" height="465" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-48.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-48.jpg 817w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-48-768x437.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 817px) 100vw, 817px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9/">लॉजिस्टिक्स में दिल्ली हुई नंबर-1: अब ग्रीन फ्रेट कॉरिडोर की तैयारी</a></p>

<p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (लीड्स) 2025 इंडेक्स में दिल्ली को देश की सबसे ऊंची ‘इग्जेम्प्लर’ (उत्कृष्ट) श्रेणी में जगह मिली है। उन्होंने इसे राजधानी के लिए गर्व का क्षण बताया।</p>



<p>दिल्ली ने लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था में देशभर में नई पहचान बनाई है। लीड्स 2025 इंडेक्स में राजधानी को सर्वोच्च ‘इग्जेम्प्लर’ श्रेणी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली को देश का सबसे आधुनिक, टिकाऊ और टेक्नोलॉजी आधारित लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में तेजी से काम होगा। इसके तहत ग्रीन वेयरहाउसिंग, फ्रेट कॉरिडोर और मेट्रो-कार्गो जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (लीड्स) 2025 इंडेक्स में दिल्ली को देश की सबसे ऊंची ‘इग्जेम्प्लर’ (उत्कृष्ट) श्रेणी में जगह मिली है। उन्होंने इसे राजधानी के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि ये उपलब्धि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सिस्टम और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर लगातार काम का परिणाम है।</p>



<p><strong>दिल्ली में अचीवर श्रेणी से ऊपर छलांग लगाई<br /></strong>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली ने 2023 और 2024 में ‘अचीवर’ श्रेणी से आगे बढ़ते हुए इस बार देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। लीड्स इंडेक्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन लॉजिस्टिक्स सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंटीग्रेशन, नियामकीय व्यवस्था और स्थिरता जैसे मानकों पर करता है।</p>



<p><strong>दिल्ली का सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार<br /></strong>सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत दिल्ली का सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार हो चुका है और जल्द अधिसूचित किया जाएगा। इससे शहरी माल परिवहन, अंतिम चरण की डिलीवरी और फ्रेट मैनेजमेंट अधिक व्यवस्थित होगा। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर 46 में से 38 अनिवार्य लेयर्स का इंटीग्रेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 317 अतिरिक्त लेयर्स भी जोड़ी गई हैं। दिल्ली सिंगल विंडो सिस्टम और यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के जरिए लॉजिस्टिक्स निवेश और अनुमति प्रक्रियाओं को आसान बना रही है। एपीआई आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बन रहा है।</p>



<p><strong>नए प्रोजेक्ट बढ़ाएंगे स्पीड<br /></strong>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार, यूईआर-2, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और आरआरटीएस नमो भारत कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट राजधानी को बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बदल रहे हैं। इसके अलावा डीएमआरसी ने ब्लू डार्ट के साथ मिलकर मेट्रो-कार्गो पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया है, जिसके तहत रात और नॉन-पीक घंटों में मेट्रो से पार्सल ढुलाई की जा रही है।</p>



<p><strong>जल्द आएगी नई वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स पॉलिसी<br /></strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025 लागू करेगी। इसका मकसद शहर में ट्रैफिक और माल ढुलाई से जुड़ी अव्यवस्था को कम करना है। नीति के तहत ग्रीन वेयरहाउसिंग, डिजिटल फ्रेट सिस्टम और संगठित ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे।</p>



<p><strong>मालवाहक ट्रैफिक के लिए फ्रेट कॉरिडोर<br /></strong>सरकार अब समर्पित फ्रेट कॉरिडोर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि भारी मालवाहक ट्रैफिक को आम यातायात से अलग किया जा सके। मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के आसपास मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित होंगे, जहां इलेक्ट्रिक फीडर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार लॉजिस्टिक्स सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को भविष्य के आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वट सावित्री व्रत में जरूर पढ़ें यह पौराणिक कथा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 05:18:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[वट सावित्री व्रत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="855" height="477" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-40.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-40.jpg 855w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-40-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 855px) 100vw, 855px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b5%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0/">वट सावित्री व्रत में जरूर पढ़ें यह पौराणिक कथा</a></p>
<p>वट सावित्री व्रत एक स्त्री के संकल्प और विश्वास का प्रतीक है। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है। इस उपवास में सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस कथा को पढ़े या सुने बिना वट सावित्री की &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="855" height="477" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-40.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-40.jpg 855w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-40-768x428.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 855px) 100vw, 855px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b5%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0/">वट सावित्री व्रत में जरूर पढ़ें यह पौराणिक कथा</a></p>

<p>वट सावित्री व्रत एक स्त्री के संकल्प और विश्वास का प्रतीक है। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है। इस उपवास में सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस कथा को पढ़े या सुने बिना वट सावित्री की पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। ऐसे में आइए इस पावन कथा का पाठ करते हैं &#8211;</p>



<p><strong>वट सावित्री व्रत कथा</strong><br />मद्र देश के राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना था। नारद जी ने सावित्री को आगाह किया था कि सत्यवान अल्पायु हैं और विवाह के ठीक एक साल बाद उनकी मृत्यु निश्चित है। इसके बावजूद, सावित्री अपने निर्णय पर अडिग रहीं और सत्यवान से विवाह कर लिया। वे राजमहल छोड़कर अपने अंधे सास-ससुर की सेवा के लिए वन में रहने लगीं।</p>



<p>जब सत्यवान की मृत्यु का दिन आया, तो वे लकड़ियां काटने जंगल गए और सावित्री भी उनके साथ गईं। बरगद के वृक्ष के नीचे सत्यवान ने सावित्री की गोद में सिर रखकर प्राण त्याग दिए। तभी यमराज सत्यवान के प्राण लेने पहुंचे। सावित्री यमराज के पीछे-पीछे चलने लगीं। यमराज ने उन्हें वापस जाने को कहा, लेकिन सावित्री ने अपनी पतिव्रत और ज्ञान से यमराज को प्रभावित कर दिया।</p>



<p>सावित्री की निष्ठा देखकर यमराज ने उन्हें तीन वरदान मांगने को कहा। सावित्री ने पहले वरदान में सास-ससुर की आंखों की रोशनी, दूसरे में उनका खोया हुआ राज्य मांगा। तीसरे वरदान में उन्होंने सौ पुत्रों की माता बनने का आशीर्वाद मांग लिया। यमराज ने तथास्तु कह दिया। इसके बाद सावित्री ने बड़ी चतुराई से कहा कि बिना पति के वे माता कैसे बन सकती हैं? अपनी ही बातों में बंधकर यमराज को सत्यवान के प्राण वापस करने पड़े।</p>



<p><strong>वट वृक्ष का महत्व</strong><br />सत्यवान के प्राण वापस मिलने के बाद, सावित्री उसी वट वृक्ष के पास पहुंचीं जहां सत्यवान का मृत शरीर पड़ा था। वट वृक्ष की कृपा और सावित्री के तप से सत्यवान फिर से जीवित हो उठे। तभी से इस दिन वट वृक्ष की पूजा का महत्व बढ़ गया।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>कच्चे पपीते से घर पर ही बना सकते हैं रंग-बिरंगी टूटी-फ्रूटी; नोट करें रेसिपी</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%98%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 12:11:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना-खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[कच्चे पपीते]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="881" height="442" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-39.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-39.jpg 881w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-39-768x385.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 881px) 100vw, 881px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%98%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be/">कच्चे पपीते से घर पर ही बना सकते हैं रंग-बिरंगी टूटी-फ्रूटी; नोट करें रेसिपी</a></p>
<p>हम अक्सर टूटी-फ्रूटी को बेकरी या सुपरमार्केट से महंगे रेट्स पर खरीद कर लाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे घर पर बनाना कितना आसान है? जी हां, जिस टूटी-फ्रूटी को आप बाजार से लाते हैं, वह दरअसल कच्चे पपीते से बनती है। इसे घर पर बनाकर आप न सिर्फ पैसे बचा सकते &#8230;</p>
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<p>हम अक्सर टूटी-फ्रूटी को बेकरी या सुपरमार्केट से महंगे रेट्स पर खरीद कर लाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे घर पर बनाना कितना आसान है?</p>



<p>जी हां, जिस टूटी-फ्रूटी को आप बाजार से लाते हैं, वह दरअसल कच्चे पपीते से बनती है। इसे घर पर बनाकर आप न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं, बल्कि यह बाजार के मुकाबले कहीं ज्यादा साफ और हाइजीनिक भी होती है। आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं एकदम बेकरी स्टाइल, मीठी और रंग-बिरंगी टूटी-फ्रूटी बनाने का आसान तरीका।</p>



<p><strong>टूटी-फ्रूटी बनाने के लिए सामग्री</strong><br />कच्चा पपीता: 1 मीडियम साइज (टाइट और एकदम कच्चा होना चाहिए)<br />चीनी: 1.5 से 2 कप<br />पानी: 3 कप (चाशनी के लिए) और पपीता उबालने के लिए अलग से<br />फूड कलर: लाल, हरा, पीला (आप जो भी रंग बनाना चाहें)<br />एसेंस: वनीला या पाइनएप्पल एसेंस की कुछ ड्रॉप्स (बाजार जैसे फ्लेवर के लिए)</p>



<p><strong>टूटी-फ्रूटी बनाने की विधि</strong><br />सबसे पहले कच्चे पपीते को अच्छी तरह धो लें। इसका हरा छिलका थोड़ा गहराई से छीलें ताकि कोई भी कड़वा हिस्सा न बचे। पपीते को बीच से काटें और उसके सारे बीज और अंदर का सफेद जालीदार हिस्सा खुरच कर निकाल दें। अब इसे बिल्कुल छोटे-छोटे और एक जैसे चौकोर टुकड़ों में काट लें।<br />एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करें। पानी में उबाल आने पर पपीते के टुकड़े डाल दें। इन्हें 5 से 7 मिनट तक मध्यम आंच पर तब तक उबालें जब तक ये हल्के पारदर्शी न दिखने लगें। ध्यान रहे, हमें इन्हें पूरा नहीं गलाना है, बस थोड़ा नरम करना है। उबलने के बाद एक छलनी से छानकर पपीते का पानी निकाल दें।<br />अब एक पैन में चीनी और 3 कप पानी डालकर गैस पर रखें। इसे तब तक चलाएं जब तक चीनी पानी में पूरी तरह घुल न जाए। हमें कोई तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस चीनी घुलने तक का इंतजार करना है।<br />जब चाशनी में उबाल आ जाए, तो उसमें उबले हुए पपीते के टुकड़े डाल दें। अब इसे 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर ढककर पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें। जब पपीते के टुकड़े चाशनी को अच्छी तरह पी लें और अंदर तक मीठे हो जाएं, तो गैस बंद कर दें। इसी समय इसमें 4-5 बूंदें अपने पसंदीदा एसेंस की मिला दें।<br />अब सबसे मजेदार काम की बारी है। पपीते के टुकड़ों को (चाशनी के साथ ही) 3 या 4 अलग-अलग कटोरियों में बराबर-बराबर बांट लें। हर कटोरी में अलग-अलग फूड कलर की 2-3 बूंदें डालें और चम्मच से अच्छी तरह मिला लें।<br />रंग मिलाने के बाद इन कटोरियों को कम से कम 12 से 24 घंटे के लिए जाली या प्लेट से ढककर छोड़ दें। इतने समय में पपीते के टुकड़े रंग और मिठास को अपने अंदर तक गहराई से सोख लेंगे।<br />अगले दिन, पपीते के टुकड़ों को चाशनी में से निकालकर एक छलनी या वायर रैक पर फैला दें, ताकि एक्स्ट्रा चाशनी टपक जाए। इसके बाद इन्हें एक टिश्यू पेपर या सूती कपड़े पर फैलाकर पंखे की हवा में 1 से 2 दिन तक सूखने दें। इन्हें धूप में न सुखाएं, वरना ये बहुत कड़क हो जाएंगे।<br />जब टूटी-फ्रूटी की चिपचिपाहट बिल्कुल खत्म हो जाए और ये छूने में सूखी लगने लगें, तो समझ लीजिए आपकी होममेड टूटी-फ्रूटी बिल्कुल तैयार है। आप सारे रंगों को एक साथ मिला सकते हैं।<br />इस तैयार टूटी-फ्रूटी को किसी कांच के जार या एयरटाइट डिब्बे में बंद करके आप महीनों तक फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं।</p>
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		<title>चिपचिपी स्किन के डर से छोड़ रहे हैं मॉइश्चराइजर? तो जान लें स्किन को इससे होने वाले नुकसान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 12:04:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्यूटी]]></category>
		<category><![CDATA[चिपचिपी स्किन]]></category>
		<category><![CDATA[मॉइश्चराइजर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="931" height="478" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-9.jpg 931w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-9-768x394.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 931px) 100vw, 931px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%a1/">चिपचिपी स्किन के डर से छोड़ रहे हैं मॉइश्चराइजर? तो जान लें स्किन को इससे होने वाले नुकसान</a></p>
<p>आपकी स्किन ऑयली है और सारी मेहनत के बावजूद भी स्किन चिपचिपी लगती है तो इसका मतलब है कहीं ना कहीं कुछ गलती हो रही है। अगर ऑयली स्किन की केयर सही तरीके से ना की जाए तो वह और भी ज्यादा मात्रा में ऑयल बनाने लगती है और स्किन प्रॉब्लम्स पहले से ज्यादा बढ़ &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="931" height="478" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-9.jpg 931w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/1-9-768x394.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 931px) 100vw, 931px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%a1/">चिपचिपी स्किन के डर से छोड़ रहे हैं मॉइश्चराइजर? तो जान लें स्किन को इससे होने वाले नुकसान</a></p>

<p>आपकी स्किन ऑयली है और सारी मेहनत के बावजूद भी स्किन चिपचिपी लगती है तो इसका मतलब है कहीं ना कहीं कुछ गलती हो रही है। अगर ऑयली स्किन की केयर सही तरीके से ना की जाए तो वह और भी ज्यादा मात्रा में ऑयल बनाने लगती है और स्किन प्रॉब्लम्स पहले से ज्यादा बढ़ जाती है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि ऑयली स्किन को मॉइश्चराइज करने में क्या गलतियां हों रही हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।</p>



<p><strong>मॉइश्चराइजर न लगाना</strong><br />ऑयली स्किन की वजह से मॉइश्चराइजर स्किप करना बहुत बड़ी गलती है। इसकी वजह से आपका सिबेशियस ग्लैंड और भी ज्यादा मात्रा में ऑयल बनाने लगता है।</p>



<p><strong>हैवी क्रीम लगाना</strong><br />यह ड्राई स्किन के लिए परफेक्ट होती है लेकिन ऑयली के लिए नहीं। इससे आपके पोर्स बंद हो जाएंगे।</p>



<p><strong>ड्राई स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाना</strong><br />अगर आप अपने फेस को पूरी तरह ड्राई करने के बाद मॉइश्चराइजर लगाते हैं तो वह अच्छी तरह एब्जॉर्ब नहीं होगा। हल्की गीली स्किन पर ही मॉइश्चराइजर लगाना ऑयली स्किन पर अच्छा रिजल्ट दे सकता है।</p>



<p><strong>बार-बार फेस धोना</strong><br />स्किन ऑयली महसूस होने पर चेहरे को बार-बार वॉश करने से स्किन के बैरियर डैमेज हो जाते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कॉस्मैटिक्स साइंस में छपी रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि बार-बार चेहरा धोने से स्किन की बाहरी लेयर को नुकसान पहुंचता है।</p>



<p><strong>ज्यादा मात्रा में प्रोडक्ट का इस्तेमाल</strong><br />जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट लगाने का मतलब बेहतर रिजल्ट नहीं होता। ऐसा करने से अतिरिक्त प्रोडक्ट स्किन की ऊपरी परत पर ही जमा रह जाता है और स्किन चिपचिपी नजर आने लगती है।</p>



<p><strong>पैक पर लिखी सामग्री नहीं पढ़ते</strong><br />कुछ प्रोडक्ट खासतौर से ऑयली स्किन को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इसलिए जब भी प्रोडक्ट खरीदें पैक के पीछे लिखी सामग्रियों की लिस्ट जरूर पढ़ें।</p>



<p><strong>इस तरह चुनें अपने लिए सही मॉइश्चराइजर</strong><br />लाइटवाइट, जैल बेस्ड ऑयली स्किन मॉइश्चराइजर लें<br />स्किन ऑयली महसूस होने पर इसे रोजाना इस्तेमाल करें</p>



<p><strong>ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद हैं ये तत्व</strong><br />नियासिनमाइड: ऑयल को कंट्रोल करता है और पोर्स छोटा करता है<br />हायलूरोनिक एसिड: हाइड्रेट करता है वो भी हैवीनेस के बिना<br />सैलिसिलिक एसिड: पोर्स साफ करता है<br />कैफीन: स्किन को ताजगी मिलती है</p>



<p><strong>इनसे बचें</strong><br />मिनरल ऑयल<br />आर्टिफिशियल खुशबू<br />कोकोनट ऑयल</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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