नहीं जानते होगे आप बच्चों की मालिश करने का ये परफेक्ट तरीका

कोरोनाकाल में घर से लेकर ऑफिस तक के काम का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में रात में बच्चों को सुलाने में मशक्कत करनी पड़े तो मन में खीज पैदा होना लाजिमी है। अगर काफी देर तक घुमाने-टहलाने और लोरी सुनाने के बाद भी आपके लाडले की आंखों में नींद नहीं भरती तो परेशान मत होइए। लंदन के मशहूर मसाज विशेषज्ञ फिलिप डेविस ने मालिश की ऐसी विधि सुझाई है, जिससे आपका बच्चा मिनटों में नींद के आगोश में चला जाएगा।

मां-बाप की मशक्कत-
-मां-बाप को बच्चे के जन्म के शुरुआती एक साल में 04 घंटे 44 मिनट की औसत नींद मिलती है
-50 रातों की नींद गंवाने के बराबर है यह आंकड़ा, स्वस्थ वयस्कों को आठ घंटे रोजाना सोना चाहिए
-54 मिनट औसतन रोजाना बच्चे को सुलाने में लगते हैं, तीन बार औसतन रात में उठता है बच्चा
-02 मील रोजाना चलना-फिरना होता है मां-बाप का बच्चे को बहलाने, फुसलाने, सुलाने की प्रक्रिया में

पूरे शरीर में लगाएं तेल-
-सरसों, नारियल या जैतून का तेल लें, सिर से लेकर पांव तक हल्के हाथों से हर एक अंग में लगाएं
-अब ऊपर से नीचे की तरफ धीमी गति से हाथ फिराते हुए 10 से 15 मिनट तक बच्चे की मालिश करें

बातों में उलझाए रखें-
-मसाज करते समय चेहरे पर मुस्कराहट जरूर बनाए रखें
-बच्चे से धीमे स्वर और तुतलाती भाषा में प्यार-भरी बातें करें
-तेज मालिश करने से बचें, बच्चा रोए तो उस पर चिल्लाएं नहीं

खास जगहों पर मसाज जरूरी-
नाक का ऊपरी हिस्सा : दोनों भौहों के बीच नाक के शुरुआती हिस्से पर अंगूठे और तर्जनी उंगली से हल्की मालिश करें। बच्चे का मन शांत करने में मदद मिलती है।
-हथेली : दोनों हथेलियों पर धीमे-धीमे से हाथ फिराएं। पांचों उंगलियों के बीच के स्थान पर कम से कम 30 सेकेंड तक हल्की मसाज दें। दांत दर्द की समस्या दूर होगी।
-पेट : दर्द, गैस, कब्ज की समस्या से राहत दिलाने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए पेट पर बाईं से दाईं ओर गोलाई में हल्के हाथ से पांच मिनट तक मसाज करें।
-पंजे : अंत में बच्चे के दोनों पैरों के पंजे अपने हाथों में लें। अब पंजे के बीच के हिस्से को अंगुठे से 10 से 15 सेकेंड के लिए दबाएं। उसका मस्तिष्क पूरी तरह से शांत हो जाएगा।

मन शांत करने में मददगार-
-हल्के हाथों की मालिश लव हार्मोन ‘ऑक्सिटोसिन’ का स्तर बढ़ाने के साथ ही स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का उत्पादन घटाने में कारगर
-इससे बच्चे के मस्तिष्क में मौजूद अतिरिक्त ऊर्जा के शांत पड़ने से तन-मन को सुकून महसूस होता है, शरीर में सुस्ती भी छाती है

गुनगुना दूध पिलाना भी फायदेमंद-
-सोने-जगने का समय तय करें, उसे रोज अमल में भी लाएं
-रात में बिस्तर पर आने के बाद बच्चे को गुनगुना दूध पिलाएं
-कमरा हल्का ठंडा रखें, मुलायम गद्दे पर सुलाएं, लोरी सुनाएं

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