प्राचीन समय में लोगों के इलाज लिए, सेक्स से पहले महिला की वजाइना में लगा देते थे ये सब जिससे हो सके इलाज

- in ज़रा-हटके

जब भी कोई बीमार पड़ता है तो उसे इलाज की सख्त जरूरत होती है। जब से मनुष्य इस धरती पर हैं और जबतक हैं तबतक इलाज और बीमारी पीछा नहीं छोड़ सकते हैं।

वक्त के साथ-साथ तकनीक बदलती रहती हैं, वैसे भी परिवर्तन संसार का अटल नियम है। इलाज के तरीके भी बदल गये हैं। आज आपका इलाज आधुनिक मशीनें और डॉक्टर करते हैं, पर प्राचीन काल में ऐसा नहीं होता था। उस समय इतनी तकनीक विकसित नहीं थी और इलाज के तरीके भी बहुत ही खतरनाक होते थे।

आज हम आपको इन्हीं तरीकों के बारे में बतायेंगे कि पुराने समय में कैसे लोगों का इलाज किया जाता था, और किस-किस तरह के औजार इनके लिए उपयोग किये जाते थे।

दांतों का दर्द दूर करने के लिए

पुराने समय में इजिप्ट के लोग दांतों का दर्द दूर करने के लिए मरे हुए चूहे का पेस्ट दांतों में लगाते थे। जरा सोचिये सुनने में इतना अजीब लग रहा है तो जिनके साथ ये होता होगा, उन्हें कैसा लगता होगा।

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हकलाने का इलाज

18वीं और 19वीं शताब्दी में हकलाने का इलाज बहुत अमानवीय तरीके से किया जाता था। हकलाने वाले इंसान की जीभ किसी औजार से खींच ली जाती थी, जिसकी वजह से लोग हकलाने का इलाज करवाने से भी डरते थे।

मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए

पुराने जमाने में लोग मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए शेर जैसे जानवरों के लिंग का सेवन करते थे। उनका मानना था कि इससे उनमें जानवरों की शक्ति आ जाती है। ये सुनने में काफी घिनौना है ना?

नपुंसकता दूर करने के लिए

पुराने समय में नपुंसकता दूर करने के लिए मर्दों को उनके प्राइवेट पार्ट पर इलेक्ट्रिक शॉक दिया जाता था। जरा सोचिये इस तरह इलाज करवाना कितना दर्दनाक होता होगा। इलाज से कम यह सजा – यातना ज्यादा लगता है।

एंटी बैक्टीरिया के रूप में

पुराने समय में फंगस वाली ब्रेड और छिपकली के शरीर को अच्छा एंटी बैक्टीरिया माना जाता था। इन चीजों का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता था। इस इलाज में काफी लोगों को उल्टी हो जाती होगी।

गर्भनिरोध के लिए

जब धरती पर कंडोम का ईजाद नहीं हुआ था, उस समय कुछ देशों में गर्भनिरोधक के रूप में मगरमच्छ के मल का इस्तेमाल किया जाता था। सेक्स से पहले उसे महिला की वजाइना में लगा दिया जाता था ताकि शुक्राणु को अंडाणु से मिलने से रोका जा सके।

दिमाग के इलाज में

पुराने समय में दिमागी इलाज के लिए Lobotomies क्रिया का इस्तेमाल जाता था। इस इलाज में इंसान के दिमाग में सुई डाली जाती थी। इसमें कई लोग अपना मानसिक संतुलन खो बैठते थे।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

आप जानकर हैरान रह जायेंगे कि इस काम के लिए उस समय लोग पारा (Mercury) का प्रयोग किया करते ते। पारा जहरीला पदार्थ होता है।  प्राचीन समय में ग्रीस में पारे को घाव पर मरहम की तरह भी इस्तेमाल किया जाता था।

बवासीर के इलाज में

पुराने समय में बवासीर का इलाज भी बहुत दर्दनाक था। उस समय बवासीर के इलाज के रूप में कोई नुकीली चीज रोगी के प्राइवेट पार्ट में डाल दी जाती थी।

महामारी से बचने के लिए

पुराने समय में महामारी से बचने के लिए लोग अपने पाद को किसी जार में भरकर रख लेते थे और समय-समय पर उसे सूंघते रहते थे।

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