साल 2018 सूचना प्रौद्योगिकी के नजरिए से इतिहास में एक महत्वपूर्ण साल के रूप में दर्ज होने जा रहा है, क्योंकि 5जी नेटवर्क को वाणिज्यिक रूप से पहली बार इसी साल तैनाती की जाएगी, जिससे डेटा के खपत में नाटकीय बदलाव आएगा. स्वीडन की दूरसंचार कंपनी एरिक्सन के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही है.

एरिक्सन के रणनीतिक विपणन और कारोबार क्षेत्र नेटवर्क के प्रमुख पैट्रिक केरवाल ने आईएएनएस को एक साक्षात्कार में बताया, हमारा मानना है कि 2023 में कुल डेटा ट्रैफिक का 20 फीसदी 5जी होगा, और यह 20 फीसदी भी वर्तमान के सभी तरह के ट्रैफिक को मिलाकर भी उससे डेढ़ गुणा ज्यादा होगा, जिसमें 4जी, 3जी और 2जी तीनों का ट्रैफिक शामिल है.

केरवाल इसी हफ्ते जारी एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट के लेखक भी हैं.उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि 5जी का प्रयोग 4जी से अधिक होगा और यूजर्स अधिक डेटा की खपत करेंगे. हालांकि जरूरी नहीं है कि यूजर्स अधिक समय भी बिताएंगे, क्योंकि स्मार्टफोन नई क्षमताओं से लैस होंगे, जिनमें वर्चुअल रियलिटी(वीआर), अगमेंटेंड रियलिटी (एआर) और 4 के वीडियो प्रमुख हैं.ये तकनीक वीडियो के अलावा वीडियो के चारो तरफ भी देखने में सक्षम बनाएगी.

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मोबाइल उद्योग के नवीनतम प्रचलन का विश्लेषण करनेवाली इस रिपोर्ट के 14वें संस्करण में बताया गया कि 5जी की तैनाती में उत्तरी अमेरिका दुनिया में सबसे आगे होगा. क्योंकि सभी प्रमुख अमेरिकी सेवा प्रदाता 2018 के अंत से 2019 के मध्य तक 5जी लांच करने की योजना बना रहे हैं.

एरिक्सन का अनुमान है कि भारत में 2022 से 5जी का उपयोग शुरू हो जाएगा. लेकिन तब तक भारत में मासिक मोबाइल डेटा ट्रैफिक बढ़कर 5 गुणा अधिक हो जाएगा. यह 2017 में 1.9 एक्साबाइट (ईबी) था, जो 2013 तक बढ़कर 10 एक्साबाइट हो जाएगा.