आखिर कब होगा पेपर लीक पर एक्शन? कांग्रेस का आरोप- CBSE चीफ किताब के प्रमोशन में हैं बिजी

सीबीएसई पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त हमला बोला है. कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि देश के करोड़ों बेरोजगार युवा सड़कों पर हैं और मोदी सरकार व्यवस्थागत तरीके से एक-एक कर देश की संस्थाओं को तबाह कर रही है. दरअसल, केंद्र सरकार ने संस्थाओं को बर्बाद करने में पीएचडी हासिल कर ली है.

सीबीएसई पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त हमला बोला है. कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि देश के करोड़ों बेरोजगार युवा सड़कों पर हैं और मोदी सरकार व्यवस्थागत तरीके से एक-एक कर देश की संस्थाओं को तबाह कर रही है. दरअसल, केंद्र सरकार ने संस्थाओं को बर्बाद करने में पीएचडी हासिल कर ली है.  उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सबसे पहले मध्य प्रदेश में 'व्यापम वायरस' पैदा किया और अब वे इसी वायरस को पूरे देश में फैला रहे हैं. हालत ये हो गई है कि कई चरणों में होने वाले एसएससी परीक्षा में भी व्यापम फैल गया है. और अब वे हमारे छात्रों और देश के भविष्य को बर्बाद करने पर तुले हैं. सुरजेवाला ने कहा कि एग्जाम माफिया को बढ़ावा देना बीजेपी की नीतियों का हिस्सा हो गया है.  सुरजेवाला ने कहा कि एग्जाम माफिया छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं और एचआरडी मंत्री इसे स्वीकारने के बजाय पश्चिम बंगाल के अपने विपक्षियों पर हमले करने में व्यस्त हैं. 16.38 लाख छात्र 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं, जबकि तकरीबन 8 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं. क्या वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए रि-एग्जाम वॉरियर हो गए हैं.  उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगभग दो साल तक तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यकाल में सीबीएसई चेयरपर्सन का पोस्ट खाली रहा. काफी आलोचना के बाद आरके चतुर्वेदी को सीबीएसई चेयरपर्सन नियुक्त किया गया. और उनका कार्यकाल 27 जुलाई 2020 तक तय किया गया.  किताब के प्रमोशन में बिजी अनीता करवाल  लेकिन, इसके बाद अनीता करवाल, जोकि गुजरात की सीईओ थी, को 8 सितंबर 2017 को सीबीएसई चेयरपर्सन नियुक्त किया गया. सीबीएसई के जब पेपर चल रहे थे, परीक्षाओं के सुचारू संचालन पर निगाह रखने के बजाय अनीता करवाल माउंटेनियरिंग पर अहमदाबाद में अपनी किताब का प्रमोशन कर रही थीं.  दुखद तो ये है कि कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अनीता करवाल को मैथमेटिक्स का लीक पेपर परीक्षा से एक दिन पहले ही व्हाट्सऐप पर भी मिला था. उन्होंने कहा कि इस सरकार में कई मौकों पर साल 2017 में 12वीं क्लास के छात्रों के मूल्यांकन में अनियमितता देखने को मिली है. सुरजेवाला ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में छात्रों को कम अंक दिए जाने की प्रैक्टिस देखने को मिली है. नीट परीक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं में कठिन सवाल पूछने का मामला सामने आया है. संयोग ये है कि एसएससी और सीबीएसई में बैठे आईएएस अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना है. असीम खुराना और अनीता करवाल गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ काम कर चुके हैं.  सुरजेवाला ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि देश के 24 लाख छात्र मानसिक संकट का सामना कर रहे हैं. मोदी सरकार ने आधिकारिक तौर ये स्वीकार किया है कि सीबीएसई के दो पेपर- 26 मार्च को हुआ 12वीं का इकोनॉमिक्स और 28 मार्च को हुआ 10वीं कक्षा का गणित का पेपर लीक हो गया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के एग्जाम में बैठने से पहले पेपर लीक हो गया था.  उन्होंने कहा कि ये पूरे मामले की एक छोटी सी कड़ी है. बहुत सारी खबरें और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के अनुसार बायोलॉजी, केमिस्ट्री और अंग्रेजी के पेपर भी लीक हो गए थे और उन्हें सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है. सुरजेवाला ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने और जांच के बाद, सीबीएसई ने स्वीकार किया कि तीन पेपर लीक हुए हैं.उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सबसे पहले मध्य प्रदेश में ‘व्यापम वायरस’ पैदा किया और अब वे इसी वायरस को पूरे देश में फैला रहे हैं. हालत ये हो गई है कि कई चरणों में होने वाले एसएससी परीक्षा में भी व्यापम फैल गया है. और अब वे हमारे छात्रों और देश के भविष्य को बर्बाद करने पर तुले हैं. सुरजेवाला ने कहा कि एग्जाम माफिया को बढ़ावा देना बीजेपी की नीतियों का हिस्सा हो गया है.

सुरजेवाला ने कहा कि एग्जाम माफिया छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं और एचआरडी मंत्री इसे स्वीकारने के बजाय पश्चिम बंगाल के अपने विपक्षियों पर हमले करने में व्यस्त हैं. 16.38 लाख छात्र 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं, जबकि तकरीबन 8 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं. क्या वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए रि-एग्जाम वॉरियर हो गए हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगभग दो साल तक तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यकाल में सीबीएसई चेयरपर्सन का पोस्ट खाली रहा. काफी आलोचना के बाद आरके चतुर्वेदी को सीबीएसई चेयरपर्सन नियुक्त किया गया. और उनका कार्यकाल 27 जुलाई 2020 तक तय किया गया.

किताब के प्रमोशन में बिजी अनीता करवाल

लेकिन, इसके बाद अनीता करवाल, जोकि गुजरात की सीईओ थी, को 8 सितंबर 2017 को सीबीएसई चेयरपर्सन नियुक्त किया गया. सीबीएसई के जब पेपर चल रहे थे, परीक्षाओं के सुचारू संचालन पर निगाह रखने के बजाय अनीता करवाल माउंटेनियरिंग पर अहमदाबाद में अपनी किताब का प्रमोशन कर रही थीं.

दुखद तो ये है कि कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अनीता करवाल को मैथमेटिक्स का लीक पेपर परीक्षा से एक दिन पहले ही व्हाट्सऐप पर भी मिला था. उन्होंने कहा कि इस सरकार में कई मौकों पर साल 2017 में 12वीं क्लास के छात्रों के मूल्यांकन में अनियमितता देखने को मिली है.

सुरजेवाला ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में छात्रों को कम अंक दिए जाने की प्रैक्टिस देखने को मिली है. नीट परीक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं में कठिन सवाल पूछने का मामला सामने आया है. संयोग ये है कि एसएससी और सीबीएसई में बैठे आईएएस अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना है. असीम खुराना और अनीता करवाल गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ काम कर चुके हैं.

सुरजेवाला ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि देश के 24 लाख छात्र मानसिक संकट का सामना कर रहे हैं. मोदी सरकार ने आधिकारिक तौर ये स्वीकार किया है कि सीबीएसई के दो पेपर- 26 मार्च को हुआ 12वीं का इकोनॉमिक्स और 28 मार्च को हुआ 10वीं कक्षा का गणित का पेपर लीक हो गया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के एग्जाम में बैठने से पहले पेपर लीक हो गया था.

उन्होंने कहा कि ये पूरे मामले की एक छोटी सी कड़ी है. बहुत सारी खबरें और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के अनुसार बायोलॉजी, केमिस्ट्री और अंग्रेजी के पेपर भी लीक हो गए थे और उन्हें सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है. सुरजेवाला ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने और जांच के बाद, सीबीएसई ने स्वीकार किया कि तीन पेपर लीक हुए हैं.

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