नई दिल्ली: सलामी बल्लेबाज इविन लुईस के तेजतर्रार अर्धशतक तथा लेग स्पिनर सैमुअल बद्री की किफायती गेंदबाजी के दम पर वेस्टइंडीज ने लॉर्ड्स में गुरुवार रात खेले गये टी20 इंटरनेशनल मैच में आईसीसी वर्ल्ड इलेवन पर 72 रन की आसान जीत दर्ज की. यह मुकाबला वेस्टइंडीज में पिछले साल तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुए स्टेडियमों के पुननिर्माण के लिये धन जुटाने के उद्देश्य से खेला गया.वेस्टइंडीज ने वर्ल्ड इलेवन को 72 रनों से दी मात, लुईस ने जड़ा तूफानी अर्धशतक

इस मैच में लुईस ने 26 गेंदों पर पांच छक्कों और इतने ही चौकों की मदद से 58 रन बनाये. उनके अलावा मर्लोन सैमुअल्स ने 43, दिनेश रामदीन ने नाबाद 44 और आंद्रे रसेल ने नाबाद 21 रन का योगदान दिया जिससे पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाले वेस्टइंडीज ने चार विकेट पर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.

इसके जवाब में विश्व एकादश की टीम 16.4 ओवर में 127 रन पर आउट हो गयी. उसकी तरफ से श्रीलंकाई ऑलराउंडर तिसारा परेरा (37 गेंदों पर सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 61 रन) ही अच्छी बल्लेबाजी कर पाये. भारतीय बल्लेबाज दिनेश कार्तिक खाता खोलने में भी नाकाम रहे. बद्री ने तीन ओवर में चार रन देकर दो विकेट लिये जबकि तेज गेंदबाज केसरिक विलियम्स ने 42 रन देकर तीन और रसेल ने 25 रन देकर दो विकेट हासिल किये.

बद्री ने अपने पहले दो ओवरों में दो विकेट लिये जिनमें कार्तिक का विकेट भी शामिल था. रसेल ने भी अपने दो ओवरों में दो विकेट निकाले जिससे स्कोर चार विकेट पर आठ रन हो गया. विश्व एकादश की टीम इस खराब शुरुआत से आखिर तक नहीं उबर पायी. परेरा के बाद विश्व एकादश की तरफ से दूसरा बड़ा स्कोर 12 रन था जो शोएब मलिक ने बनाया. टाइमल मिल्स चोटिल होने के कारण बल्लेबाजी के लिये नहीं उतरे.

कार्तिक के अलावा भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी विश्व एकादश की टीम का हिस्सा थे लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली.

इर्मा और मारिया तूफान के कारण पिछले साल सितंबर में एंगुइला और डोमिनिका में स्टेडियम को नुकसान पहुंचा था. अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय पारी में 11 रन बनाने वाले विश्व एकादश के कप्तान शाहिद अफरीदी ने तूफान राहत कोष में अपने फाउंडेशन की तरफ से 20 हजार डालर दान किये. इसके अलावा सभी खिलाड़ियों ने अपनी मैच फीस चैरिटी के लिये दान दी.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके अफरीदी को लार्ड्स में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया. इस पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि वह इस सम्मान को ताउम्र याद रखेंगे. अफरीदी ने कहा, ‘‘मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा. यह सब क्रिकेट के मक्का में हुआ है और यह बहुत मायने रखता है.’’