वीरभद्र सिंह के रिश्‍तेदार अाकांक्ष की हत्‍या मामले की जाँच करेगी सीबीआइ

चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साले के बेटे आकांक्ष सेन की हत्‍या के मामले कर जांच सीबीआई करेगी। अाकांक्ष की चंडीगढ़ के सेक्टर-नौ में बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर हत्या कर दी गर् थी। इस घटना के लगभग 15 माह बाद यह मामला सीबीआइ को सौंपा गया है।वीरभद्र सिंह के रिश्‍तेदार अाकांक्ष की हत्‍या मामले की जाँच करेगी सीबीआइ

चंडीगढ़ प्रशासन के वकील गौतम दत्त ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, लेकिन अभी उन्‍हें इस आदेश के संदर्भ के बारे में पता नहीं है। चंडीगढ़ प्रशासन के वकील ने अपना जवाब जस्टिस राजन गुप्ता की पीठ के समक्ष दी। इस पर सीबीआइ के वकील ने कोर्ट को बताया कि फिलहाल उन्हें ऐसे आदेश की जानकारी नहीं है। इस जानकारी के लिए उन्हें सीबीआइ के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना होगा।

दोनों वकीलों के जवाब के बाद जस्टिस गुप्ता ने चंडीगढ़ प्रशासन के वकील गौतम दत्त को अगली सुनवाई पर इस आदेश के संदर्भ को अदालत में स्पष्ट करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि 10फरवरी, 2017 को पुरानी रंजिश के कारण सेक्टर-नौ में देर रात बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर आकांक्ष सेन की हत्या कर दी गई थी। आकांक्ष काफी दूर तक कार के टायरों के फंस कर घिसटता चला गया था।  वारदात के बाद दूसरे दिन पीजीआइ में इलाज के दौरान आकांक्ष की मौत हो गई थी।

मुख्य आरोपित एक लाख का इनाम

मामले में मुख्य आरोपित बलराज रंधावा पर यूटी पुलिस ने पहले 50 हजार का इनाम रखा था। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद पुलिस विभाग की तरफ से यह इनामी राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। हालांकि, इसके बावजूद यूटी पुलिस रंधावा की गिरफ्तारी में विफल रही है।

पहली बार में बच गया तो गाड़ी बैक कर दूसरी बार कुचला था

घटना के दौरान मौके पर उपस्थित रहा एक गवाह चंडीगढ़ जिला अदालत में गवाही दे चुका है। उसने बताया है कि पहली बार में बीएमडब्लू से कुचले जाने के बाद आकांक्ष जिंदा था, लेकिन बाद में बलराज रंधावा ने गाड़ी बैक करके दोबारा उसे कुचल दिया था।

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