उत्तराखंड में पर्यटकों के लिए खुलेगी फूलों की घाटी

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जोशीमठ, चमोली: विश्व धरोहर फूलों की घाटी एक जून को पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। फूलों की घाटी यात्रा तैयारियों को लेकर फूलों की घाटी पार्क प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की टीम अभी तक दो बार फूलों की घाटी जाकर जायजा ले चुकी है। उत्तराखंड में पर्यटकों के लिए खुलेगी फूलों की घाटी

पांच सदस्यीय टीम फिर से फूलों की घाटी का जायजा लेने गई है। फूलों की घाटी पार्क प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक फूलों की घाटी मे लगभग दो फीट बर्फ अभी भी जमी हुई है। इसके अलावा जगह जगह हिमखंड मौजूद हैं। फूलों की घाटी वन प्रभाग को लगभग तीन किमी पैदल मार्ग बामणधौण तक शीतकाल में बर्फबारी के बाद क्षतिग्रस्त है। 

इस मार्ग पर बामणधौड़ के आसपास दो स्थानों पर भारी भरकम हिमखंड मौजूद है। शीतकाल में पैदल मार्ग पर हिमखंडों के आने के कारण पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। फूलों की घाटी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती ने बताया कि 18 मई से क्षतिग्रस्त रास्ते का निर्माण शुरू किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि अभी तक दो टीम फूलों की घाटी जा चुकी है। यह टीमें क्षतिग्रस्त रास्ते, पुलों की स्थिति व  मौजूद बर्फबारी का निरीक्षण कर चुकी है। बताया कि बामणधौण के पास  एक पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। 25 मई तक क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग व वैकल्पिक  पुल का निर्माण किया  जाएगा ।

अंग्रेज पर्यटक ने खोजी थी यह घाटी

फूलों की घाटी की खोज 1931 मे ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रेंक एस स्माइथ ने की थी। कामेट पर्वत आरोहण के बाद रास्ता भटककर वे यहां पहुंचे  थे। उन्होंने वैली ऑफ  फ्लावर  नाम की विश्व प्रसिद्ध पुस्तक प्रकाशित की।

जैव विविधता का खजाना है यह घाटी

फूलों की घाटी 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल मे फैली हुई है। यहां जैव विविधता का खजाना है। घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। घाटी मे दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु, वनस्पति, जड़ी बूटियों का है संसार बसता है।

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