बड़ीखबर : आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे वाजपेयी जी, शोक में डूबा पूरा देश…

नई दिल्ली: भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके आदर्श हमेशा हिंदुस्तान की सियासत में मिसाल बने रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वाजपेयी जी के बारे में ऐसा ही कुछ कहा। लंबी बीमारी के बाद कल शाम 94 साल की उम्र में अटल जी का निधन हुआ। कल शाम 5 बजकर 5 मिनट पर उन्होंने एम्स में आंखिरी सांस ली।

उनके निधन की खबर मिलने के बाद से ही पूरा देश शोक में डूबा है। अटल जी के निधन पर सात दिन यानी 22 अगस्‍त तक का राजकीय शोक घोषित किया गया है। सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े 8.30 बजे तक 6 कृष्ण मेनन मार्ग पर अटल जी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय लाया जाएगा जहां सुबह 9.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक अटल जी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन किया जा सकेगा। इसके बाद दोपहर 1.00 बजे बीजेपी मुख्यालय से ही अटल जी की अंतिम यात्रा निकलेगी जो शाम 4.00 बजे राष्ट्रीय स्मृति स्थल पहुंचेगी। यहीं पर अटल जी का अंतिम संस्कार होगा।

अलविदा अटल जी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर उनके आवास से बीजेपी मुख्यालय ले जाया जा रहा है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बीजेपी मुख्यालय पहुंचे

भूटान के राजा जिग्मे खेसर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने नई दिल्ली आएंगे

सेना का ट्रक अटल बिहारी वाजपेयी के आवास पर पहुंचा, यहां से बीजेपी मुख्यालय ले जाया जाएगा पार्थिव शरीरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग के जरिए अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी है। मोदी ने लिखा है कि ये यकीन करना मुश्किल है कि अटल जी हमारे बीच अब नहीं रहे

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी

पीएम मोदी बीजेपी मुख्यालय में वाजपेयी जी के पार्थिव शरीर को रिसीव करने के लिए रहेंगे।

पूर्व बीजेपी नेता स्व. प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन ने अपने पिता के साथ अटल बिहारी वाजपेयी की एक तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि मैं जानती हूं अब आप दोनों साथ में हैं. जावेद अख्तर, अभिनेत्री शबाना आज़मी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। जावेद अख्तर ने कहा कि ऐसा बहुत कम होता है जब किसी नेता को इस प्रकार का सम्मान मिलता है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, “अटल जी के पैतृक स्थान बटेश्वर, शिक्षा क्षेत्र कानपुर, प्रथम संसदीय क्षेत्र बलरामपुर व कर्मभूमि लखनऊ में स्मृतियों को जीवित रखने के लिए विशेष कार्य किए जाएंगे। उनकी अस्थियां हर जनपद की पवित्र नदियों में प्रवाहित की जाएंगी।”

सामना ने संपादकीय में अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘ स्वयंसेवक’ दूध में शक्कर घुल जाए इस तरह वे संघ के विचारों में घुल मिल गए थे। लेकिन उन्होंने अपना अलग अस्तित्व बरकरार रखा। उनके स्वयंसेवक होने पर जब टिप्पणी हुई तब अमेरिका में विश्व हिन्दू परिषद के मंच से उन्होंने पूरी दुनिया को चलाते हुए कहा, हा, मैं स्वयंसेवक हूँ। प्रधानमंत्री के पद पर आज में हूँ, काल नहीं रहूंगा। लेकिन स्वयंसेवक होने का मेरा अधिकार कोई भी छीन नहीं सकता। प्रधानमंत्री के कुर्सी पर वे बैठे, लेकिन भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। शिवसेना, अकाली दल जैसे दलों को छोड़ दिया जाए तो हिंदुत्ववादी विचारों के लिए उनका समर्थन करनेवाला कोई नहीं था इसलिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की कसरत सभालने के लिए वाजपेयी को राम मंदिर से लेकर समान नागरिक कानून तक सारे विषयो को लपेटकर बगल में रखना पड़ा। अब हिन्दू मार नहीं खाएगा। ऐसा भिवंडी के दंगे के बाद दृढ़ता से कहनेवाले वाजपेयी के मन का हिंदुत्ववाद कभी छिपा नहीं। वाजपेयी के विचार और कृति राष्ट्रहित के ही रहे। वे संयमी थे लेकिन डरपोक नहीं। अमोघ वक्तृत्व ही उनका हथियार था। जीवन मूल्यों का जतन ही उनका अधिष्ठान था। हवा बहेगी उस तरह पीठ घुमाकर उन्होंने सत्ता की राजनीति नहीं कि। इसलिए देश की राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी के होने का महत्व है। आज वे नहीं है। उनके न होने से निर्माण हुआ शून्य का एहसास भविष्य में होगा। मूल्य जीवन का धर्म है। जन्म लेनेवाला कभी तो जाएगा ही लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के बगैर देश का जीवन प्रवाह ही जैसे थम गया है। ईश्वर वाजपेयी की आत्मा को सदगति देगा ही। क्यों कि उनका पूण्य बहुत बडा था। उसी पूण्य से भारतीय जनता पार्टी बची है। इसे जो भूल गए वे कृतघ्न ही है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा के लिए सजे हुए ट्रक पहुंच गए हैं. सुबह नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय ले जाया जाएगा, दोपहर एक बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी

अमेरिका के लोग और मैं इस दुख की घड़ी में भारत के लोगों के साथ हैं। आज हमारे विचार और प्रार्थना भारत के लोगों के साथ हैं। आज दोनों देश पूर्व पीएम वाजपेयी के दूरगामी दृष्टिकोण का लाभ उठा रहे हैं। वाजपेयी दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले गए थे: माइक पॉम्पियो, विदेश मंत्री अमेरिका

आज राजघाट के करीब राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर अटल जी का शरीर पंचत्तव में विलीन हो जाएगा। अटल जी के निधन के बाद केंद्र और कई राज्य सरकारों ने स्पेशल एडवाइज़री जारी कर राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है

अटल की अमर यात्रा
25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्म हुआ
1939 में अटल जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े
1951 में अटल जी भारतीय जनसंघ के सदस्य बने
1954 में लखनऊ से पहला लोकसभा चुनाव लड़ा
1968 से 1973 तक भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे
1957 में बलरामपुर से पहली बार लोकसभा के सदस्य बने
1979 में मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री बने
1980 में आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी के साथ BJP का गठन
अटल बिहारी वाजपेयी बीजेपी के पहले अध्यक्ष थे
1980 से लेकर 1986 तक बीजेपी अध्यक्ष रहे
1996, 1998 और 1999 में देश के प्रधानमंत्री रहे
वाजपेयी कुल 10 बार लोकसभा सांसद रहे
1962 और 1986 में दो बार राज्यसभा सांसद रहे
दिसंबर 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया

अटल जी की अंतिम यात्रा
6 कृष्ण मेनन मार्ग – अकबर रोड – इंडिया गेट – दीनदयाल उपाध्याय मार्ग – पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग
पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग – बहादुर शाह ज़फर मार्ग – दिल्ली गेट – नेताजी सुभाष मार्ग – निषाद राज मार्ग – शांति वन चौक – राजघाट -राष्ट्रीय स्मृति स्थल

आज क्या होगा?
सुबह 8:30 तक – 6 कृष्ण मेनन मार्ग पर अटल जी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन
सुबह 9.00 बजे – अटल जी के पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय लाया जाएगा
दोपहर 1.00 तक – बीजेपी मुख्यालय में अटल जी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन
दोपहर 1.00 बजे – बीजेपी मुख्यालय से अटल जी की अंतिम यात्रा की शुरुआत
शाम 4.00 बजे – राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर अटल जी का अंतिम संस्कार होगा

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है। वह 93 वर्ष के थे। अटल बिहारी वाजपेयी काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। भाजपा के 93 वर्षीय नेता मधुमेह से पीड़ित थे और उनकी एक किडनी ही काम कर रही थी। उन्हें 2009 में मस्तिष्काघात हुआ था जिसके कारण उनकी संज्ञात्मक क्षमता कमजोर हो गई थी। उन्हें 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था। बुधवार (15 अगस्त) को उनकी स्थिति और बिगड़ गई। एम्स द्वारा कल शाम 5:30 पर जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री ने 5 बजकर 5 मिनट पर दुनिया को अलविदा कह दिया।

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