अमेरिका ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों का पालन नहीं करने वाले देशों और इकाइयों के खिलाफ “सख्त से सख्त कार्रवाई” करने के लिए तैयार है. इन प्रतिबंधों में ईरान से कच्चे तेल के आयात को घटाकर शून्य करना भी शामिल है. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सासंदों से यह बात कही. आर्थिक मामलों की सहायक विदेश मंत्री भारतीय मूल की मनीषा सिंह ने गुरुवार को सांसदों से कहा, “हम उन लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं, जो ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन करने में हमारा सहयोग नहीं करेंगे.”

सिंह ने सांसद एलियट एंजेल के सवाल के जवाब में कहा कि ट्रंप प्रशासन अपने सभी सहयोगियों और भागीदारों के साथ बातचीत कर उन्हें ईरान पर लगे नए प्रतिबंधों पर अमल करने के लिये मनाने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लेने के बाद ईरान पर नए सिरे ये प्रतिबंध लगाए गए थे.

अमेरिका ने भारत समेत अन्य देशों को ईरान से पेट्रोल का आयात घटाकर चार नवंबर तक “शून्य” करने को कहा है. साथ ही स्पष्ट किया है कि इसमें किसी को भी किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. सऊदी अरब और इराक के बाद ईरान भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता देश है. अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 के दौरान ईरान ने 1.84 करोड़ टन कच्चे तेल की आपूर्ति की थी.

एंजेल ने पूछा था, “यदि चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोप जैसे ईरानी कच्चे तेल के बड़े खरीदार ईरान से कच्चे तेल की खरीद में तेजी से कमी लाने से इनकार कर दें, तो क्या हम वैश्विक बैंकिंग प्रणाली से उनके बैंकों को बाहर कर सकते हैं? क्या हम वाकई इसके लिए तैयार हैं?”

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सिंह ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि हम ईरान पर सबसे सख्त कार्रवाई करने के तैयार हैं. हमें ईरान सरकार को यह दिखाने की जरूरत है कि हम अनुचित उद्देश्यों के लिए उसके परमाणु कार्यक्रम के विकास को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारी अपने सहयोगियों से इस संबंध में बात चल रही है और हमारा लक्ष्य है कि वह नवंबर तक ईरान से कच्चे तेल की खरीद को घटाकर शून्य कर दें. यह हमारे लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य है.