Home > राज्य > बिहार > चाचा नीतीश ने एेसा क्या कहा कि भतीजे तेजस्वी ने पूछा-चाचाजी शपथ पत्र देंगे?

चाचा नीतीश ने एेसा क्या कहा कि भतीजे तेजस्वी ने पूछा-चाचाजी शपथ पत्र देंगे?

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के युवा सम्मेलन में अपनी सहयोगी भाजपा और विरोधी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पर एक साथ एक ही सभा में और एक ही भाषण में उनकी कार्यशैली को लेकर सवाल उठाया। जहां नीतीश के निशाने पर राजद और कांग्रेस परिवारवाद और भ्रष्टाचार के कारण रहे वहीं भाजपा पर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के कारण वो नाराज़ दिखे।चाचा नीतीश ने एेसा क्या कहा कि भतीजे तेजस्वी ने पूछा-चाचाजी शपथ पत्र देंगे?

नीतीश ने बिना नाम लिए तेजस्वी पर साधा निशाना

हालांकि नीतीश कुमार ने पार्टी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया। लेकिन अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के सामने कहा कि राजनीति में आजकल युवा नहीं दिख रहे और जो युवा हैं वे अपने बल पर नहीं अपने परिवार के बल पर राजनीति में बढ़ रहे हैं। उन्होंने साफ़ कहा कि राजनीति कुंठित हो रही है और गर्त में जाने वाली है। 

नीतीश के अनुसार अगर युवा नए अभियान, आंदोलन से नहीं आएंगे तब वैसे लोग आएंगे जो पद प्राप्ति और जनसेवा नहीं धन प्राप्ति के लिए आएंगे। जिनका मुख्य उद्देश्य केवल धनोपार्जन और कैसे सम्पर्क बनाया जाए वो होगा।

तेजस्वी ने ट्वीट कर मांगा घोषणा पत्र

नीतीश के इस भाषण के एक घंटे के अंदर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि ”नीतीश चाचा में नैतिकता व आत्मबल बचा है तो आज ही ऐफ़िडेविट पर लिखकर कहें कि उनका बेटा कभी भी राजनीति में नहीं आयेगा।क्योंकि आपके ज़ुबानी ख़र्च और पलटीमार प्रवृति पर कोई भी यक़ीन नहीं करता। चाचा, मेरी बात काटने के लिए पलटी मारना बंद कर, बैसाखी छोड़ अपने दम पर कर्म करना शुरू किजीए।” चाचा समझिये, हमें जनता चुनकर भेजती है।ये राजतंत्र नही लोकतंत्र है।

कुछ लोग कानून की अवहेलना और उसका उल्लंघन कर रहे

वहीं भाजपा का नाम लिए बिना नीतीश ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता है कि समाज में प्रेम और शांति का माहौल क़ायम रहे लेकिन कुछ लोग क़ानून की अवहेलना और उसका उल्लंघन कर रहे हैं। निश्चित रूप से नीतीश का इशारा हाल में राज्य में साम्प्रदायिक तनाव की घटना के पीछे था जिसमें कई जगहों पर भाजपा नेताओं के नाम आए।

काम के लिए वोट मांगा उम्मीदवार के लिए नहीं

जोकीहाट उपचुनाव में अपनी पार्टी की हार पर नीतीश ने कहा कि कोई वोट दे या नहीं उसकी परवाह नहीं लेकिन कोई बताए कि क्या समझौता करने से उनके कामकाज और सरकार के एजेंडे पर कोई प्रभाव पड़ा है? साफ़-साफ़ कहा कि वोट दें या नहीं उससे मतलब नहीं लेकिन जो काम वे सबके लिए कर रहे हैं वह करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने अपने उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगा बल्कि उस काम के लिए जो कर दिया और आपके सामने है। काम पर वोट देना है तो जनता दल यूनाइटेड है।

जातीय समीकरण में विश्वास नहीं है

जातीय समीकरण में उनका कोई विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि बारह साल काम किया और उनका ध्यान न्याय, विकास और इंसाफ़ के साथ तरक़्क़ी पर रहा। नीतीश ने हालांकि मुस्लिम समुदाय के लोगों को आश्वस्त किया कि हार के बावजूद वे काम करते रहेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि पहले मदरसा के लोगों को वेतन के लिए लाठी खानी पड़ती थी लेकिन अब सरकार का अल्पसंख्यक कल्याण का बजट सही में ख़र्च होता है।

Loading...

Check Also

MP: पार्टी के खिलाफ बयानबाजी से नाराज कांग्रेस, क्या सत्यव्रत चतुर्वेदी को दिखाएगी बाहर का रास्ता ?

MP: पार्टी के खिलाफ बयानबाजी से नाराज कांग्रेस, क्या सत्यव्रत चतुर्वेदी को दिखाएगी बाहर का रास्ता ?

भोपालः मध्य प्रदेश कांग्रेस में अहम स्थान रखने वाले कद्दावर नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी को पार्टी ने बाहर का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com