ऋषिकेश में मिले यूपी-उत्‍तराखंड के सीएम, संन्‍यास पर योगी आदित्‍यनाथ ने कही ये बात

लखनऊ/देहरादून: उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ रविवार को ऋषिकेश में नाथ संप्रदाय द्वारा आयोजित गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए. इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि पिछले एक साल में उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के मध्य परिसम्पतियों के बंटवारें से सम्बन्धित कई लम्बित प्रकरणों का समाधान हुआ है. जो कि काफी समय से अटका हुआ था. दोनों राज्य एक-दूसरे के आपसी सहयोग से आगे भी विभिन्न मसलों पर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे.ऋषिकेश में मिले यूपी-उत्‍तराखंड के सीएम, संन्‍यास पर योगी आदित्‍यनाथ ने कही ये बात

इस अवसर पर उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल विविधता वाले प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को उन्होंने कैसे दुरूस्त किया है यह आज दुनिया देख रही है. उन्होंने अपना भरा पूरा परिवार छोड़कर समाज व देश की सेवा के लिए संन्यास का मार्ग अपनाया. उन्होंने कहा कि संन्यासी किसी क्षेत्र विशेष का नहीं बल्कि पूरे समाज व देश का होता है. सृष्टि के कल्याण का उनका संकल्प होता है. उत्तर प्रदेश जैसे विशाल प्रदेश को उन्होंने अपने जिस कुशल प्रशासनिक दक्षता के साथ नई दिशा देने का प्रयास किया है, यह वास्तव में गौरव की बात है.

उत्‍तराखंड में हैं नाथ सम्‍प्रदाय के 24 स्‍थान

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है हम सबके मन के भाव एवं भावनायें भी इसी प्रकार की होनी चाहिये. प्रसिद्ध योगी गोरक्षनाथ को अमर योगी बताते हुए उन्होंने कहा कि वे साधक एवं भक्त की भावना के अनुरूप दर्शन देते हैं व कृतार्थ करते हैं. उत्तराखण्ड में नाथ सम्प्रदाय के 24 स्थान हैं. इन स्थानों के प्रति लोगों की गहरी आस्था रही है. उन्होंने कहा कि उनका उत्तराखण्ड से भावनात्मक लगाव रहा है.

उत्‍तराखंड की चोटियों में निवास करते हैं देवता

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर दैविक कृपा रही है. यहां की चोटियों पर देवता निवास करते हैं. उत्तराखण्ड सबसे उपजाऊ क्षेत्र के साथ ही गंगा-यमुना का उद्गम स्थल व चारधाम विशिष्टता प्रदान करते हैं. गंगा व यमुना के कारण उत्तर भारत देश का सबसे उपजाऊ क्षेत्र है. बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुण्ड साहिब, ऋषिकेश, हरिद्वार की ओर देश व दुनिया देखती है. उनके चारधाम यात्रा एवं गंगा स्नान की इच्छा रहती है. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आध्यात्मिक व भौतिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पर्वतीय राज्य की अवधारणा के अनुरूप पहाड़ी क्षेत्र की समस्याओं का समाधान तथा जनता से सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का निदान कर रहे हैं. इससे दुर्गम क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है. इस अवसर पर नाथ सम्प्रदाय के योगी बालकनाथ जी महाराज, महंत नरहरिनाथ, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक सहित अन्य उपस्थित थे.

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