भारत और अमेरिका के बीच होने वाली टू-प्लस-टू वार्ता इस वजह से टली थी

भारी कयासों के बाद पता चल गया कि अमेरिका ने अचानक टू प्लस टू बैठक आखिर क्यों स्थगित कर दी।  पिछले दिनों अमेरिका ने 6 जुलाई को होने वाली भारत और अमेरिका की उच्च स्तरीय बैठक कैंसिल कर दी थी जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म था। कहा जा रहा था दोनों देशों के बीच खटास व्यापार मामलों की वजह से बढ़ती जा रही है। लेकिन अब साफ हो गया है कि विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो 5 जुलाई को उत्तर कोरिया के दौरे पर जा रहे हैं जिसकी वजह से यह दौरा अचानक टालना पड़ा है।भारत और अमेरिका के बीच होने वाली टू-प्लस-टू वार्ता इस वजह से टली थी

इस विशेष वार्ता के तहत दोनों देशों के बीच कारोबार, सुरक्षा, रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होनी थी। इसमें दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री भाग लेने वाले थे। 

टू प्लस टू वार्ता दोनों देशों के बीच होने वाले कारोबार के लिए अहम मानी जा रही है। इस बैठक का अहम मकसद दोनों पक्षों के सुरक्षा व रणनीतिक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर आपसी हितों पर चर्चा करना भी था। 

इस वार्ता की शुरुआत राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुई थी जिसमें भारत के साथ कूटनीतिक व वाणिज्यिक वार्ता होती थी जिसमें दोनों देशों के विदेश, रक्षा, वित्त, वाणिज्य व ऊर्जा मंत्री शामिल होते थे। अचानक बैठक कैंसल किए जाने की बात तब सामने आई जब माइक पॉम्पियो ने अपनी समकक्ष सुषमा स्वराज को फोन कर बैठक को स्थगित किए जाने की बात की थी और खेद व्यक्त किया था। 

लंदन के फाइनेंसियल टाइम्स ने पॉम्पियो के नॉर्थ कोरिया जाने की बात पिछले मंगलवार को ही प्रकाशित कर दी थी। वहीं बुधवार को अमेरिका ने टू प्लस टी बैठक को कैंसिल किए जाने की बात की थी।
 
बता दें कि पिछली बार जब वार्ता टाली गई थी तब उसका कारण ट्रंप का तत्कालीन विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को पद से हटा दिया जाना बताया गया था जबकि ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी मौजूदा विदेश मंत्री जिम मैटिस ट्रंप की आंखों में खटक रहे हैं। 

यही नहीं वार्ता स्थगित होने के कयासों में  भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यापार को लेकर बढ़ी खटास को भी बताया जा रहा था। और माना ये भी जा रहा था कि जिस तरह दोनों के रिश्तों में व्यापार और तेल को लेकर खटास बढ़ रही है वह जल्द सामान्य होने वाली नहीं है।

वैसे भारत अमेरिका से व्यापारिक रिश्ता सुधारने के लिए 1000 नागरिक विमान खरीदने का प्रस्ताव भी दिया। बता दें कि दोनों देशों के रिश्तों में खटास इसी महीने के  मार्च में शुरू हुई जब अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले एल्युमिनियम और इस्पात पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था। इसके जवाब में भारत ने भी अमेरिका से आयात होने वाली मोटरसाइकिल, सेब, बादाम समेत 30 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। 

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