बड़ा हादसा: ग्रेनो में दो बिल्डिंग हुई जमींदोज, मलबे से निकाले गए 3 शव, 50 लोगों के दबे होने की आशंका

ग्रेनो वेस्ट स्थित शाहबेरी गांव में खेत की जमीन पर काटी गई कॉलोनी में मंगलवार रात करीब 9:30 बजे दर्दनाक हादसा हुआ। यहां 6 और 7 मंजिल की दो बिल्डिंग भर-भराकर गिर गईं। बिल्डिंग के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ के साथ आईटीबीपी के जवान बचाव कार्य में लगे हैं। साथ ही पुलिस टीम, डॉग स्क्वायड, फायर सर्विस की टीम के साथ उच्च अधिकारी  मौके पर तैनात हैं। अबतक मलबे से 3  शव निकाले जा चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है।

मौके का मुआयना करने पहुंचे एडीजी मेरठ मंडल प्रशांत कुमार ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसमें एक बिल्डर, एक जमीन मालिक, दो डेवलपर शामिल हैं। एडीजी इस मामले को घोर लापरवाही बता रहे हैं।

बिसरख कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि, इस घटना के सम्बन्ध में मु0अ0सं0 386/18 धारा 304/288/338/427 भादवि व 7 सीएलए एक्ट बनाम बिल्डर्स व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौतमबुद्ध नगर ने मामले में कड़ी कार्रवाई हेतु निर्देश दिए हैं, साथ ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गयी है। अबतक मामले में जमीन मालिक गंगा शरण द्विवेदी, ब्रोकर दिनेश और संजय  को गिरफ्तार किया गया है।  शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम द्वारा प्रयास किया जा रहा है। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएम ने एसडीएम को इमारत हादसे की जांच सौंप दी है। 15 दिन में जांच की रिपोर्ट मांगी गई है। जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे हैं।

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। एनडीआरएफ की 4 टीम के साथ डॉग स्क्वॉड की टीम भी मौके पर बचाव कार्य में जुट गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी से बात कर कहा है कि एनडीआरएफ और पुलिस की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य को अंजाम दिया जाए।

बताया जा रहा है एक बिल्डिंग में कुछ परिवार रहते थे और दूसरी में कुछ अन्य समेत लगभग 30-40 लोग मौजूद थे। लोग हादसे की वजह मानकों से कम निर्माण सामग्री और कम मंजिल की अनुमति के बाद अधिक मंजिलें खड़ी करना बता रहे हैं।बिसरख कोतवाली क्षेत्र के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शाहबेरी गांव के खेत में कुछ वर्ष पूर्व कॉलोनी काटी गई। बताया गया है कि इसी भूमि पर बिल्डरों ने कई मंजिलों भवनों का निर्माण शुरू कर दिया। 

यहीं पर एक 6 मंजिला बिल्डिंग निर्माणाधीन थी। यह बिल्डिंग मंगलवार रात लगभग 9.30 बजे करीब स्थित सात मंजिला तैयार मंजिल पर बिल्डिंग पर गिर पड़ी। इससे दोनों बिल्डिंग धराशायी हो गई। 

बताया गया है कि 7 मंजिला बिल्डिंग में कुछ परिवार रहे थे और निर्माणाधीन बिल्डिंग में भी कुछ लोग हुए मजदूर मौजूद थे लोगों के मलबे में दबे होने के कारण संख्या का पता नहीं चल पाया। 

हालांकि वहां मौजूद लोग 30 से 40 लोगों के दबे होने की आशंका जता रहे हैं। सूचना मिलने पर बिसरख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई कुछ देर बाद फायर बिग्रेड भी पहुंची। रात लगभग 11.00 बजे गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम भी विभिन्न उपकरणों को लेकर मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य में जुट गई।

राहत और बचाव कार्य में देरी से गुस्सा

मलबा उठाने के लिए जेसीबी मशीन और अन्य उपकरण पहुंचने में देरी हुई इससे राहत और बचाव कार्य में देरी होने के कारण लोगों में गुस्सा दिखाई दिया और वह पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते दिखाई दिए।
डॉग स्क्वायड भी पहुंचा
हादसा स्थल पर रात लगभग 11.45 बजे डॉग स्क्वायड पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारी डॉग स्क्वायड का इस्तेमाल  लोगों का स्थान पता करने में कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी बीएन सिंह को राहत व बचाव कार्य तत्पर्यता से करने के निर्देश दिए। डीजीपी ओपी सिंह ने एसएसपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौकेपर तुरंत पहुंचने का आदेश दिया।

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