आज हैं तीसरा शाही स्नान, कोरोना कहर के बीच बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

आज बैसाखी का त्योहार है. मेष संक्रांति पर आज गंगा में डुबकी लगाने के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालु हरिद्वार में जमा है. सुबह से गंगा स्नान का सिलसिला जारी है. आम लोगों के स्नान के बाद तमाम अखाड़ों के संतों का शाही स्नान होगा. ऐसे वक्त में हरिद्वार के हरकी पैड़ी पर आस्था का मेला लगा है, जब देश प्रचंड कोरोना विस्फोट की जद में है.

हरिद्वार में भी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं. हरिद्वार में कोरोना के कल 594 नए केस आए. हरिद्वार कुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ पर लगातार चिंता जताई जा रही है. तमाम तरह की गाइडलाइन्स की भी बातें की गईं, लेकिन तस्वीरें बता रही हैं कि यहां कोरोना के सारे प्रोटोकॉल्स की धज्जियां उड़ चुकी हैं. 

आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने कहा कि चारों शाही स्नान और कुंभ के 11 स्नान में बैसाखी का स्नान सबसे बड़ा माना जाता है, सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक साल 2010 में बैसाखी स्नान में 1.60 करोड़ लोग आए थे, इस बार बैसाखी के लिहाज से बहुत कम भीड़ आई है, क़रीब 6 लाख लोगों ने स्नान किया है.

न मास्क, न सोशल डिस्टेंसिंग
इस दौरान न कोई मास्क पहने नजर आ रहा है और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहा है. प्रशासन भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने में बेबस दिखाई दे रहा है. हालांकि, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का कहना है कि मां गंगा के आशीर्वाद से यहां कोरोना नहीं फैलेगा.

मरकज से कुंभ की तुलना सही नहीं
सूबे के सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि कुंभ की तुलना मरकज ने नहीं की जा सकती. मरकज़ से जो कोरोना फैला वो इसलिए कि वो बंद कमरे में थे. कुंभ खुले में है इसलिये कोरोना नहीं फैलेगा. उन्होंने कहा कि माँ गंगा की अविरल धारा है,माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर जाएंगे तो कोरोना नहीं फैलेगा.

दूसरे शाही स्नान में 30 लाख श्रद्धालुओं की डुबकी
सोमवार को हरिद्वार कुंभ का दूसरा शाही स्नान था. इस दौरान करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी. कोरोना के संकट के बीच इतने अधिक लोगों की मौजूदगी कई सवाल खड़े कर रही थी. खुद आईजी मेला संजय गुंज्याल ने कहा था कि भारी भीड़ के कारण आज (सोमवार) चालान जारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है.

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