आस्ट्रेलिया से पंजाब में टारगेट किलिंग का खेल, आका से संपर्क में थे पकड़े गए आतंकी

- in पंजाब, राज्य

फरीदकोट। पंजाब में टारगेट किलिंग का खेल आस्‍ट्रेलिया में रह रहा खालिस्‍तानी आतंकियों का आका चला रहा है। यहां गिरफ्तार दो आतंकी लगातार अास्‍ट्रेलिया में रह रहे आका से संपर्क में थे। जिला पुलिस ने चार दिन पहले गिरफ्तार खालिस्तानी संगठनों से जुड़े इन दोनोंआतंकियों को पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद जेएमआइसी एकता उप्पल की अदालत में पेश किया। अदालत ने पुलिस के आग्रह पर दोनों आरोपितों संदीप सिंह और अमर सिंह को पुन: 18 मई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।आस्ट्रेलिया से पंजाब में टारगेट किलिंग का खेल, आका से संपर्क में थे पकड़े गए आतंकी

रिमांड के दौरान अब तक की पूछताछ में पुलिस इनसे कुछ और खास उगलवा तो नहीं सकी है पर इनके फोन कॉल डिटेल के जरिये यह जरूर जानने में सफल रही है कि दोनों विदेश में बैठे अपने आका गुरजंट सिंह से लगातार संपर्क में थे। पुलिस ने अदालत मेंदावा किया कि दोनों ही आरोपित काफी शातिर हैं और जांच में सहयोग नहीं दे रहे हैं।

अब तक जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों को विदेश में सक्रिय खालिस्तानी संगठनों ने टारगेट किलिंग के लिए न सिर्फ हथियार मुहैया करवाए हैं बल्कि उन्हें इसके लिए विदेश से फंडिंग भी की गई है। पुलिस ने सुबूत के तौर पर अदालत को दोनों आतंकियों की विदेश में बैठे आका से फोन पर हुई बातचीत का ब्यौरा (सीडीआर) भी पेश किया। इसके बाद ही पुलिस के आग्रह पर अदालत ने दोनों आरोपितों के पुलिस रिमांड में चार दिन की बढ़ोतरी कर दी।

मालूम हो कि गत 10 मई को कोटकपूरा में एक सड़क हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक सवार बठिंडा के गांव बंगी निहाल निवासी संदीप सिंह और थाना सदर डबवाली (सिरसा) के गांव चठ्ठा निवासी अमर सिंह को शक के आधार पर काबू किया था और तलाशी लेने पर दोनों से दो पिस्टल व 40 कारतूस बरामद हुए थे।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें यह हथियार टारगेट किलिंग के लिए विदेश में सरगर्म खालिस्तानी आतंकी संगठन ने मुहैया करवाए हैं। दोनों आरोपित सोशल मीडिया के माध्यम से आस्ट्रेलिया में बैठे इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के गुरजंट सिंह के संपर्क में आए थे।

गुरजंट सिंह ने फेसबुक पर इंटरनेशनल सिख फेडरेशन के नाम की वेबसाइट पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद ग्रुप’ बना रखा है। यह वही गुरजंट सिंह है जिसने जनवरी 2016 से लेकर अक्तूबर 2017 तक राज्य में टारगेट किलिंग की अाठ घटनाओं को अंजाम देने के लिए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आइएसवाइएफ) से जुड़े आंतकियों को आर्थिक मदद दी थी।

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