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हरिद्वार में गंगा में गंदगी पर तीन अभियंताओं पर गाज

देहरादून: इसे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की दो टूक का असर कहें या कुछ और, लेकिन गंगा की स्वच्छता को लेकर मशीनरी अब हरकत में आ गई है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारियों के निरीक्षण में हरिद्वार में सीवरेज योजनाओं में अनियमितताएं सामने आने के बाद इसकी गाज तीन अभियंताओं पर गिरी है। हरिद्वार में गंगा में गंदगी पर तीन अभियंताओं पर गाज

इसके तहत शासन ने जल संस्थान हरिद्वार के सहायक अभियंता अब्दुल रशीद को निलंबित कर दिया, जबकि उपनल के जरिये कार्यरत कनिष्ठ अभियंता रवि कुमार को कार्यमुक्त किया गया है। यही नहीं, जल संस्थान हरिद्वार के प्रभारी अधिशासी अभियंता अजय कुमार को भी आरोपपत्र थमाया गया है। वहीं, जगजीतपुर एसटीपी से संबंधित ठेकेदार कंपनी मैसर्स यूपीईईएल कांट्रेक्टर इंजीनियर का अनुबंध समाप्त कर इसे ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए गए हैं।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने आठ जनवरी को देहरादून में नमामि गंगे परियोजना की बैठक के दौरान गंगा में अभी भी गंदे नालों के गिरते रहने पर चिंता जताई थी। सूत्रों की मानें तो उन्होंने मशीनरी के भी पेच कसे और स्पष्ट किया कि गंगा में गंदगी किसी भी दशा में सहन नहीं होगी। साथ ही नाले टैप करने के मद्देनजर इस सिलसिले में जल्द डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए थे।

अब गंगा स्वच्छता को लेकर शासन ने तीन अभियंताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बताया गया कि 21 व 22 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारियों ने हरिद्वार में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस पर मंथन के बाद शुक्रवार को कार्रवाई से संबंधित आदेश निर्गत किए गए। प्रभारी सचिव पेयजल अरविंद ह्यांकी की ओर से जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र भेजकर हरिद्वार में उपनल के माध्यम से तैनात कनिष्ठ अभियंता रवि कुमार को कार्यमुक्त कर उपनल को अवमुक्त करने के निर्देश दिए। 

रवि कुमार पर आरोप है कि उनकी लापरवाही के चलते जगजीतपुर स्थित 27 एमएलडी के एसटीपी का सुचारू संचालन नहीं हो पाया। चार में से मात्र एक संयंत्र ही कार्यशील पाया गया, जिस कारण पूरा कचरा गंगा कैनाल में गिरता पाया गया।

वहीं, हरिद्वार जल संस्थान के सहायक अभियंता अब्दुल रशीद के निलंबन आदेश में कहा गया है कि वे भी जगजीतपुर एसटीपी का सुचारू रूप से संचालन नहीं कर पाए। उन्हें आरोपपत्र भी सौंपा गया है। उन पर आरोप है कि जगजीतपुर एसटीपी के क्लोरीन कांट्रेक्ट टैंक में मच्छर पाए गए। प्लांट में क्लोरीन का मिश्रण अपर्याप्त था। पीडब्ल्यूडी नाले को टैप करने में हीलाहवाली की गई। 

इसके अलावा जल संस्थान हरिद्वार के प्रभारी अधिशासी अभियंता अजय कुमार को सौंपे गए आरोप पत्र में वही आरोप लगाए गए हैं, जो निलंबित सहायक अभियंता अब्दुल रशीद पर तय किए गए हैं। उनसे दोनों से आरोपों के संबंध में 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

प्रभारी सचिव ने जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक से जगजीतपुर से संबंधित ठेकेदार कंपनी का अनुबंध तत्काल समाप्त करने के साथ ही अनुबंध में निहित प्रावधानों के तहत आर्थिक दंड अधिरोपित करने और इसे भविष्य के लिए ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए गए हैं। इस बारे में तत्काल शासन को अवगत कराने के आदेश भी दिए गए हैं।

गंगा में नालों की स्थिति

-135 नाले गोमुख से हरिद्वार तक

-70 नाले अब तक किए जा चुके हैं टैप

-65 नाले रोकने को उठाए जाने हैं कदम

-50 नालों को टैप करने के टेंडर

-15 नाले भी जल्द होंगे टैप

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