गंगा में स्नान करने उतरे तीन बच्चों की डूबकर मौत, इलाके में मचा कोहराम

कानपुर : मना करने के बाद भी गंगा में मस्ती की छलांग अंतत: मौत की छलांग बन गई। बकरीद से दो दिन पहले जाजमऊ में ऊंचाई से कूदकर गंगा में अठखेलियां कर रहे तीन बच्चों की डूबकर मौत हो गई। वहीं शहर के दो अन्य घाटों पर गंगा स्नान करने गए आठ लोगों को गोताखोरों ने डूबने से बचा लिया, जबकि तेज बहाव के चलते बिल्हौर में डूबी किशोरी और युवती का पता नहीं चल सका।

सरैया जाजमऊ निवासी नूर मोहम्मद का बेटा तलहा (12), पड़ोस में रहने वाले दोस्त फैजान (11) और मो. नयाब उर्फ कल्लू (12) के साथ घर में बिना बताए सोमवार शाम गंगा नहाने गया था। बंगाली घाट की सीढि़यों के पास ऊंचाई से गंगा में कूद रहे इन बच्चों को वहां मौजूद लोगों ने टोका लेकिन वे नहीं माने। छलांग लगाते वक्त तीनों गहराई में जाकर डूब गए। घाट के आसपास मौजूद लोगों ने गंगा में कूद कर तीनों को बाहर निकाला और तीनों को जाजमऊ स्थित एक नर्सिग होम में ले गए। यहां से उन्हें एलएलआर अस्पताल (हैलट) रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया। दूसरी तरफ बिल्हौर के अकबरपुर सेंग घाट पर गंगा स्नान करते वक्त राजेपुर गांव निवासी बरातीलाल शर्मा की बेटी संगीता (20), उमेश ¨सह की बेटी संध्या (14) और रमेश ¨सह की बेटी मुस्कान गहराई में जाने से डूबने लगीं। वहां स्नान कर रहे लोगों के शोर मचाने पर श्रद्धालुओं ने मुस्कान को बचा लिया पर संगीता और संध्या तेज बहाव में बह गई। गोताखोरों ने दोनों की तलाश की पर सफलता नहीं मिली।

-गंगा बैराज के गेट नंबर एक पर स्नान कर रहे बाकरमऊ निवासी राजू, उनकी पत्नी सुनीता, चौबेपुर के पप्पू, जावेद व लड्डन

-बैराज के गेट नंबर 30 पर कलकामऊ निवासी रमेश

-रानीघाट में कल्याणपुर आवास विकास निवासी रानी तिवारी

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