ऐसा होता हैं उन महिलाओं का चरित्र, जिनके गाल में पड़ता हैं डिम्पल…

वैसे तो प्रकृति ने स्त्री के भीतर कोमलता, सौम्यता और ममत्व के भाव कूट-कूटकर भरे हैं, ये सब भावनाएं हर महिला में समान रूप से देखी भी जाती हैं लेकिन जिस तरह हाथों की पांचों अंगुलियां बराबर नहीं होतीं, उसी तरह हर स्त्री ममता की भी मूर्ति हो यह भी जरूरी नहीं है। जिस तरह महिलाएं कुल की लाज बचाने का काम करती हैं, अपने नैतिक और सामाजिक आचरण को पवित्र रखती हैं वहीं कुछ स्त्रियां ऐसी भी होती हैं जिनके कृत्य कुल के विनाश का कारण बनते हैं। ऐसी स्त्रियों को सामाजिक भाषा में कुलक्षिणी कहा जाता है। अब आप भी जानिए कुछ ऐसे लक्षण जो उसे लक्ष्मी का स्वरूप नहीं बल्कि कुलक्ष्मी करार देते हैं…. 

– ऐसी महिलाएं जिनका ललाट यानि माथा लंबा होता है तो वह अपने देवर के लिए अशुभ होती हैं, जिन महिलाओं का पेट लंबा होता है तो वे अपने ससुर और जिनका कमर के नीचे का हिस्सा भारी होता है वह अपने पति के लिए अशुभ होती हैं।


– ऐसी स्त्री जिसके पैर की कनिष्ठिका अंगुली या उसके साथ वाली अंगुली, धरती को स्पर्श ना करती हो, अंगूठे के साथ वाली अंगुली अंगूठे से बहुत ज्यादा लंबी हो तो ऐसी स्त्रियां हालात और स्थिति के अनुसार अपना चरित्र बदल लेती हैं। इनके चरित्र पर विश्वास नहीं किया जा सकता।


– स्त्री का पेट अगर घड़े की तरह होता है तो वह महिला ताउम्र गरीबी और दरिद्रता के हालातों से गुजरती है। पेट का अधिक लंबा, गड्ढेदार होना भी अशुभ की ही निशानी है।


– ऐसी स्त्रियां जिनके कानों में बहुत बाल होते हैं, उनका आकार असमान होता है, तो ऐसी स्त्रियां घर में क्लेश की वजह बनती हैं। 


– मोटे, लंबे और चौड़े दांत, जो बाहर निकलते प्रतीत होते हैं तो ऐसी स्त्री के जीवन में हमेशा दुखों के बादल छाए रहते हैं। मसूड़ों का काला होना भी स्त्री के दुर्भाग्य की निशानी है।


– जिस महिला की आंखें पीली और थोड़ी डरी-डरी हों तो ऐसी महिलाओं का स्वभाव बहुत बुरा होता है।


– ऐसी महिला जिसके गालों पर हंसते समय गड्ढे (डिंपल) पढ़ते हैं, उसका चरित्र अच्छा नहीं होता।


इस लेख से हम किसी भी तरह से स्त्री को शुभ या अशुभ की श्रेणी में विभाजित नहीं कर रहे, और ना ही ऐसा कोई प्रयास कर रहे हैं जिससे स्त्री की गरिमा का हनन हो। 

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